प्रोफेसर नरसिंह बिनानी की पुस्तक ‘युवा उड़ान’ का भव्य लोकार्पण अपने सपनों को दृढ़ संकल्प से साकार करें युवा- *दीपक अग्रवाल
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प्रोफेसर नरसिंह बिनानी की पुस्तक ‘युवा उड़ान’ का भव्य लोकार्पण
अपने सपनों को दृढ़ संकल्प से साकार करें युवा- *दीपक अग्रवाल
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अपने सपनों को दृढ़ संकल्प से साकार करें युवा- दीपक अग्रवाल
युवा आत्मविश्वास एवं विवेक के साथ आगे बढ़े -- प्रोफेसर उमाकांत गुप्त
प्रोफेसर डॉ. नरसिंह बिनानी की पुस्तक ‘युवा उड़ान’ का भव्य लोकार्पण समारोह आयोजित किया गया । माहेश्वरी सभा (शहर) बीकानेर और बीजेएस रामपुरिया जैन कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में प्रोफेसर डॉ. नरसिंह बिनानी द्वारा रचित और विकास पब्लिकेशन द्वारा प्रकाशित ‘युवा उड़ान’ (मोटिवेशनल आर्टिकल्स) पुस्तक का लोकार्पण पूर्व प्रिंसिपल और लायंस क्लब के पूर्व प्रांतपाल वयोवृद्ध प्रोफेसर सुमेर चंद जी जैन के संरक्षकत्व में बीजेएस रामपुरिया जैन कॉलेज परिसर , मूर्ति सर्किल, जयनारायण व्यास कॉलोनी में अत्यंत गरिमापूर्ण रूप में सम्पन्न हुआ । समारोह की अध्यक्षता पूर्व प्राचार्य एवं वरिष्ठ साहित्यकार व समालोचक प्रोफेसर डॉ.उमाकांत गुप्त ने की । समारोह के मुख्य अतिथि युवा उद्यमी एवं बीकाजी ग्रुप के चेयरमैन दीपक अग्रवाल और युवा उद्यमी एवं माहेश्वरी सभा (शहर) बीकानेर के अध्यक्ष सुनील सारड़ा थे । विशिष्ट अतिथि के रूप में वरिष्ठ कवि- कथाकार राजेन्द्र जोशी और वरिष्ठ कवि- कथाकार कमल रंगा उपस्थित थे । समारोह के स्वागताध्यक्ष वरिष्ठ कवि- कथाकार राजाराम स्वर्णकार रहे । पुस्तकीय टीपकर्ता राजस्थानी के लब्धप्रतिष्ठ रचनाकार शंकर सिंह राजपुरोहित और शिक्षाविद डॉ. कृष्णा गहलोत थे । समारोह की समन्वयक रामपुरिया कॉलेज की सहायक प्रोफेसर डॉ. पूजा जैन थी तथा कार्यक्रम संयोजक वरिष्ठ लेखक-कवि इंजी. गिरिराज पारीक थे ।
समारोह के संरक्षक पूर्व प्रिंसिपल और लायंस क्लब के पूर्व प्रांतपाल वयोवृद्ध प्रोफेसर सुमेर चंद जी जैन ने अपने आशीर्वचन दिए । मंच सहित सभी उपस्थितजनों ने बीकानेर में "सुमेर जी सर" नाम से विख्यात वयोवृद्ध प्रोफेसर सुमेर चंद जी जैन का खड़े होकर तालियों की गड़गड़ाहट से हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया ।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए पूर्व प्राचार्य एवं वरिष्ठ साहित्यकार व समालोचक प्रोफेसर डॉ.उमाकांत गुप्त ने कहा कि डॉ. बिनानी ने अपने इस लेखन के माध्यम से आज की युवा पीढ़ी की चुनौतियों और संभावनाओं से संवाद स्थापित करने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि "युवा उड़ान" पुस्तक युवाओं के साथ शिक्षकों व बुजुर्गों की दृष्टि से उपयोगी है । एक ओर जहां पुस्तक युवाओं को जीवन में आने वाली कठिनाइयों से घबराने के बजाय आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है, वहीं दूसरी ओर शिक्षकों व बुजुर्गों को युवाओं को सही मार्गदर्शन देने का मार्ग बतलाती है ।
समारोह के मुख्य अतिथि युवा उद्यमी एवं बीकाजी ग्रुप के चेयरमैन दीपक अग्रवाल ने कहा कि युवा अपने सपनों को दृढ़ संकल्प से साकार रूप दे सकते हैं । प्रोफेसर बिनानी की कृति ‘युवा उड़ान’ युवाओं को प्रेरित करने तथा अपने सपनों को दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयासों के साथ साकार करने की प्रेरणा देने वाली एक सार्थक एवं उद्देश्यपूर्ण कृति है । यह पुस्तक युवाओं के लिए प्रेरणा की एक नई आवाज बनेगी, ऐसी आशा है । मुख्य अतिथि युवा उद्यमी एवं माहेश्वरी सभा (शहर), बीकानेर के अध्यक्ष सुनील सारड़ा ने कहा कि युवाओं की सदैव सकारात्मक सोच रखनी चाहिए । डॉ. बिनानी की यह पुस्तक युवाओं में सकारात्मक सोच लाने की दृष्टि से अति उपयोगी साबित होगी ।
समारोह के विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ कवि- कथाकार राजेन्द्र जोशी ने कहा कि युवा को अपना लक्ष्य तय कर आगे बढ़ना चाहिए । डॉ नरसिंह बिनानी की यह पुस्तक युवाओं को अपने लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयत्नशील रहने का संदेश देती है । इस दृष्टि से उन्होंने पुस्तक को युवाओं की सफलता की मार्गदर्शिका बताया । विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ कवि- कथाकार कमल रंगा ने राजस्थानी भाषा में अपने विचार रखते हुए कहा कि प्रत्येक युवा की अपनी कुछ महत्वाकांक्षाएं हाती है । डॉ. बिनानी की यह पुस्तक युवाओं को अपनी आकांक्षाओं व सपनों को पूरा करने में मदद करने वाली साबित होगी ।
इससे पूर्व समारोह का शुभारंभ मंचासीन अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के तेलचित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया । उत्तम सेठिया द्वारा मां सरस्वती की वंदना अत्यंत सुमधुर वाणी में प्रस्तुत की गई । तत्पश्चात मंचासीन अतिथियों का पुष्पहार व मोतियों की मालाओं से माल्यार्पण कर स्वागत किया गया । स्वागत भाषण समारोह के स्वागताध्यक्ष राजाराम स्वर्णकार द्वारा दिया गया । इसके पश्चात मंचासीन अतिथियों द्वारा उद्योग-व्यापार, शिक्षा, साहित्य, संस्कृति एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति में प्रोफेसर डॉ. नरसिंह बिनानी की लिखी पुस्तक "युवा उड़ान" (मोटिवेशनल आर्टिकल्स) का भव्य लोकार्पण किया गया ।
इस अवसर पर अपनी पुस्तक पर विचार रखते हुए प्रोफेसर डॉ. बिनानी ने कहा कि वर्तमान दौर प्रतिस्पर्धा का है । आज अनेक युवा बेरोजगारी का शिकार है । युवाओं को रोजगार- स्वरोजगार प्राप्त करने में मार्गदर्शन देने की दृष्टि से यह पुस्तक लिखी गई है । उन्होंने बताया कि इस समय युवा वर्ग को नवीनतम इन्फोर्मेशन टेक्नोलॉजी और कम्यूनिकेशन का ज्ञान प्राप्त करना चाहिए ।
डॉ. बिनानी ने कहा कि युवाओं को अपनी सोच व सपनों को ऊँचा रखना चाहिए । उन्होंने श्रीमद्भागवत गीता के कुछ श्लोकों के माध्यम से युवाओं को शिक्षाएं ग्रहण करने की सलाह दी । उन्होंने "उड़ते वे ही हैं जिनके सपनों में जान होती है, पंख से होता है क्या हौंसलों से उड़ान होती है" दोहे की पंक्तियों से सीख लेते हुए युवाओं को अपने कैरियर में सफलता के लिए हौंसला बनाए रखने का आव्हान किया ।
लोकार्पित कृति "युवा उड़ान" पर पुस्तकीय टीप करते हुए राजस्थानी के लब्धप्रतिष्ठ रचनाकार शंकर सिंह राजपुरोहित ने कहा कि प्रोफेसर नरसिंह बिनानी द्वारा रचित 'युवा उड़ान' (मोटिवेशनल आर्टिकल्स) पुस्तक युवाओं के भीतर छुपी असीमित ऊर्जा को जगाती है । उन्होंने बताया कि यह पुस्तक युवाओं को सही दिशा दिखाने का काम करने वाली है । शंकर सिंह राजपुरोहित ने कहा कि 'युवा उड़ान' पुस्तक युवाओं को यह सिखाती हैं कि कठिन परिश्रम और जुनून से हर मंजिल को हासिल किया जा सकता है । उन्होंने कहा कि जो युवा अपने भीतर के आत्मविश्वास को जगाना चाहते हैं, उनके लिए यह पुस्तक न केवल संग्रहणीय व पठनीय है अपितु यह गुणनीय है ।
लोकार्पित कृति "युवा उड़ान" पर पुस्तकीय टीप करते हुए शिक्षाविद डॉ. कृष्णा गहलोत ने पुस्तक को युवाओं के कैरियर निर्माण की दृष्टि से अत्यंत उपयोगी बताया । उन्होंने बताया कि ‘युवा उड़ान’ पुस्तक निश्चित रूप से युवाओं के सपनों, संकल्प और संभावनाओं को नई दिशा देने वाली प्रेरणादायी कृति के रूप में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाने की क्षमता रखती है । डॉ. कृष्णा गहलोत ने कहा कि प्रोफेसर डॉ. बिनानी की यह पुस्तक आज की युवा पीढ़ी को सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास, लक्ष्य के प्रति समर्पण और निरंतर प्रयास की प्रेरणा देने वाली सार्थक कृति है । समारोह संयोजक डॉ. पूजा जैन, पूर्व प्रोफेसर मांगीलाल लुणिया आदि ने ‘युवा उड़ान’ पुस्तक की विषयवस्तु, उद्देश्य और युवा पीढ़ी के लिए संदेश पर सारगर्भित विचार प्रस्तुत किए । सभी अतिथियों का स्मृति चिन्ह भेंट कर, उपरना ओढ़ाकर व मोतियों की माला पहना कर सम्मान व अभिनंदन किया गया । इस अवसर पर पुस्तक के लेखक प्रोफेसर डॉ. नरसिंह बिनानी का अनेक संस्थाओं की ओर से सार्वजनिक अभिनन्दन किया गया ।
समारोह में डॉ. जगदीश बारठ, सरोज बिनानी, दिनेश पांडिया, कमल राठी, डॉ. बृजमोहन खत्री, कांता सेठिया, जय गोपाल बागड़ी, नवरत्न मल, विकास पारीक, डॉ. प्रकाशचंद्र वर्माजी, नर्मदा पांडिया, नामा, रघुवीर झंवर, जुगल किशोर पुरोहित, प्रियंका मूंधड़ा, विमल शर्मा, डॉ. राकेश बिनानी, महेश चाण्डक, श्रीमती रेखा डागा, एकता बिनानी, नंद किशोर कोठारी, नवीनजी,गुंजन बिनानी, रामावतार डागा, जयश्री बिनानी, उत्तम सेठिया, नवरत्न मल, ओ पी शर्मा, दिनेश मुंजाल आदि सहित उद्योग-व्यापार, शिक्षा, साहित्य, संस्कृति एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्यजनों की उपस्थिति रही । लोकार्पण समारोह का सफल संचालन लेखक-कवि इंजीo गिरिराज पारीक द्वारा किया गया । डॉ. शालिनी आरी ने सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया ।
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