बुलाकी शर्मा के चौथे राजस्थानी व्यंग्य संग्रह ‘तैरूंडै में किताब’ का हुआ लोकार्पण
बीकानेर/ 08 अप्रैल बुलाकी शर्मा के चौथे राजस्थानी व्यंग्य संग्रह ‘तैरूंडै में किताब’ का हुआ लोकार्पण ‘बुलाकी शर्मा मेरे प्रिय लेखकों में से एक रहे हैं, इनकी व्यंग्य रचनाओं में विषय की नवीनता, भावों की सरलता और जीवन की सहजता जिस रूप में प्रकट होती है, वह अपने आप में एक प्रतिमान है। उन्होंने एक व्यंग्य लेखक के रूप में न केवल राजस्थान, वरन राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान बनाई है।’ ये उद्गार प्रतिष्ठित कवि-शिक्षाविद भवानी शंकर व्यास ‘विनोद’ ने वरिष्ठ व्यंग्यकार-कथाकार बुलाकी शर्मा के राजस्थानी व्यंग्य संग्रह ‘तैरूंडै में किताब’ के लोकार्पण कार्यक्रम में व्यक्त किए। साहित्यिक-सांस्कृतिक संस्था ‘सरोकार’ की ओर से पवनपुरी में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि बुलाकी शर्मा राजस्थानी और हिंदी दोनों भाषाओं में व्यंग्य विधा में निरंतर नवाचार करते रहे हैं, इसलिए उनका लेखन प्रभावित करता है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ कवि सरल विशारद ने कहा कि बुलाकी शर्मा की व्यंग्य रचनाओं में आरंभ से लेकर अंत तक पाठकों को बांधे रखने की क्षमता है। उनमें आत्म ...