नवरात्रा में पवित्र पूजन-सामग्री के अवशेष निस्तारण को पर्यावरण अनुकूल बनाएं यूं ही पेड़ों के पास या पानी में न डालें
-नवरात्रा में पवित्र पूजन-सामग्री के अवशेष निस्तारण को पर्यावरण अनुकूल बनाएं यूं ही पेड़ों के पास या पानी में न डालें जोत, हवन-यज्ञ, पूजा आदि अनुष्ठानों की पूर्णाहुति बाद शेष पूजन सामग्री या अवशेष यूं ही इधर उधर न डालें। पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से उचित निस्तारण करे *खबरों में बीकानेर* - फोटो 👆मेटा AI -नवरात्रा में पवित्र पूजन-सामग्री के अवशेष निस्तारण को पर्यावरण अनुकूल बनाएं यूं ही पेड़ों के पास या पानी में न डालें जोत, हवन-यज्ञ, पूजा आदि अनुष्ठानों की पूर्णाहुति बाद शेष पूजन सामग्री या अवशेष यूं ही इधर उधर न डालें। पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से उचित निस्तारण करें नवरात्रा में पवित्र पूजन-सामग्री के अवशेष निस्तारण को पर्यावरण अनुकूल बनाएं यूं ही पेड़ों के पास या पानी में न डालें गो ग्राम स्वावलंबन संस्थान बीकानेर, इस नवरात्रा को पर्यावरण के उपयोगी बनाने के लिए अभियान चला रहा है। संगठन के अध्यक्ष पर्यावरण विद् निर्मल कुमार बरडीया ने बताया कि माताजी की जोत में अरणिया छाणा व देशी गाय का शुद्ध घी काम मे लेने से वातावरण मे कीटाणुरो...