धुरंधर हार कर भी जीतते रहे... "मन के हारे हार है, मन के जीते जीत"
औरों से हटकर सबसे मिलकर bahubhashi.blogspot.com 19 जनवरी 2026 सोमवार खबरों में बीकानेर ✒️@Mohan Thanvi धुरंधर हार कर भी जीतते रहे... "मन के हारे हार है, मन के जीते जीत" https://bahubhashi.blogspot.com धुरंधर हार कर भी जीतते रहे... "मन के हारे हार है, मन के जीते जीत" धुरंधर हर क्षेत्र में होते हैं। राजनीतिक जगत में भी एक से बढ़कर एक धुरंधर सामने आते रहते हैं। नजीर कह सकते हैं महाराष्ट्र में बीएमसी पर 25 वर्ष राज करने वाली शिव सेना (उद्धव) को जो बीते सप्ताह हुए चुनाव में पिछड़ गई । कहते हैं जो जीता वही सिकंदर । धुरंधर इससे भी एक कदम आगे माने जाएं तो...! क्योंकि राजनीतिक दुनिया में हार कर भी अपनी जीत का बखान करने वाले हमलोग देखते आए हैं। 99 के फेर में पड़ने से भला कोई बच सकता है ! बीएमसी सहित करीब ढाई दर्जन निकायों के हाल ही में संपन्न चुनावों के परिणाम के बाद नेताओं के व्यक्त बयानों/ प्रतिक्रियाओं से भी ऐसा सामने आता है मानो कह रहे हों - ऐसा और वैसा न होता तो हम जीते हुए थे। कांग्रेस सहित विभिन्न राजनीतिक दल अविश्वसनीय से आरोप लगाने की बजाय अपनी ओर से भाजपा-...