फेक न्यूज पर प्रहार, पारदर्शी चुनावी संवाद को लेकर निर्वाचन आयोग का बड़ा संदेश डिजिटल दौर की चुनौतियों से निपटने को तैयार होगा चुनावी संचार तंत्र मीडिया अधिकारियों को दिए प्रभावी चुनावी संवाद के गुर
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फेक न्यूज पर प्रहार, पारदर्शी चुनावी संवाद को लेकर निर्वाचन आयोग का बड़ा संदेश
डिजिटल दौर की चुनौतियों से निपटने को तैयार होगा चुनावी संचार तंत्र
मीडिया अधिकारियों को दिए प्रभावी चुनावी संवाद के गुर
डिजिटल दौर की चुनौतियों से निपटने को तैयार होगा चुनावी संचार तंत्र
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फेक न्यूज पर प्रहार, पारदर्शी चुनावी संवाद को लेकर निर्वाचन आयोग का बड़ा संदेश
डिजिटल दौर की चुनौतियों से निपटने को तैयार होगा चुनावी संचार तंत्र
मीडिया अधिकारियों को दिए प्रभावी चुनावी संवाद के गुर
*10 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के मीडिया अधिकारियों का राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित*
बीकानेर, 9 जुलाई। भारत निर्वाचन आयोग की ओर से मीडिया एवं संचार तंत्र को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए मीडिया एवं संचार अधिकारियों का तीसरा एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलनबुधवार को नई दिल्ली स्थित भारत अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र एवं निर्वाचन प्रबंधन संस्थान मेंआयोजित किया गया। सम्मेलन में देश के 10 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से करीब 200 मीडिया नोडल अधिकारी, सोशल मीडिया नोडल अधिकारी, जिला मीडिया नोडल अधिकारी, जिला जनसम्पर्क अधिकारी तथा राज्य जनसम्पर्क विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।उदयपुर से उपनिदेशक जनसंपर्क गौरीकान्त शर्मा ने भी सम्मेलन में सहभागिता निभाई।
*मुख्य चुनाव आयुक्त ने दिया स्पष्ट संदेश*
सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने कहा कि निर्वाचन आयोग की प्रत्येक कार्रवाई संविधान, चुनावी कानूनों और आयोग के लिखित निर्देशों के अनुरूप पूर्ण पारदर्शिता के साथ की जाती है। उन्होंने सोशल मीडिया पर फैल रही झूठी और भ्रामक सूचनाओं के प्रति अधिकारियों को सतर्क रहने और उनके प्रभावी खंडन के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने हाल ही में सम्पन्न विधानसभा चुनावों में रिकॉर्ड मतदान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भारतीय मतदाताओं के लोकतांत्रिक व्यवस्था और चुनावी प्रक्रिया पर गहरे विश्वास का प्रमाण है।
*डिजिटल चुनौतियों पर विशेष फोकस*
चुनाव आयुक्त डॉ. विवेक जोशी ने कहा कि डिजिटल युग में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डीपफेक और भ्रामक सामग्री लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को प्रभावित करने की चुनौती बनकर उभर रही है। उन्होंने अधिकारियों से आयोग के नियमों, दिशा-निर्देशों और स्थापित प्रक्रियाओं के अनुरूप इन चुनौतियों का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने का आह्वान किया।उन्होंने एआई और डीपफेक से उत्पन्न चुनौतियों पर विस्तृतचर्चा करते हुए भ्रामक एवं दुर्भावनापूर्ण सामग्री से निपटने की रणनीतिसाझा की। साथ ही आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप त्वरित और तथ्यात्मक संवाद पर बल दिया।
*इन विषयों पर भी दिया प्रशिक्षण*
सम्मेलन में चुनाव चक्र के विभिन्न चरणों, मतदाता सूची तैयार करने से लेकर मतदान एवं मतगणना तक की संचार रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा हुई। प्रतिभागियों को ईसीआईएनईटी, संवैधानिक प्रावधानों, मीडिया संबंधी कानूनों, प्रेस नोट तैयार करने, मीडिया एवं सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग, मिथकों एवं फेक न्यूज के खंडन तथा निर्वाचन साक्षरता क्लब (ईएलसी) के माध्यम से युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने के व्यावहारिक प्रशिक्षण दिए गए। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को समूहों में विभाजित कर मतदाता सूची निर्माण, मतदान और मतगणना प्रक्रिया का प्रदर्शन कराया गया। इसके बाद प्रदर्शनी एवं मीडिया कॉर्नर का भ्रमण कराया गया तथा आयोग के अधिकारियों के साथ प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित कर उनकी जिज्ञासाओं का समाधानकिया गया।



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