“साँस साँस प्राणा में बसग्या, म्हारे गुरुवर तुलसी .. श्रद्धानत शीश झुकावा सारा ... “अँखियाँ है प्यासी गुरुवर, दर्शन री अभिलाषी .. मोहिनी मूरत पर तन मन वारा... 30वें महाप्रयाण दिवस पर भक्ति और समर्पण के साथ गुरुदेव का पावन स्मरण .......
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“अँखियाँ है प्यासी गुरुवर, दर्शन री अभिलाषी .. मोहिनी मूरत पर तन मन वारा...
30वें महाप्रयाण दिवस पर भक्ति और समर्पण के साथ गुरुदेव का पावन स्मरण .......
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“अँखियाँ है प्यासी गुरुवर, दर्शन री अभिलाषी .. मोहिनी मूरत पर तन मन वारा...
30वें महाप्रयाण दिवस पर भक्ति और समर्पण के साथ गुरुदेव का पावन स्मरण .......
गुरुदेव श्री तुलसी के 30वें महाप्रयाण दिवस पर उनकी समाधी स्थल आचार्य तुलसी शांति प्रतिष्ठान, नैतिकता के शक्तिपीठ पर श्रद्धा, भक्ति और समर्पण का वातावरण हिलोरे मार रहा था. इसके साक्षी बने आस पास के स्थानों और स्थानीय श्रद्धालु जिन्होंने अपने आराध्य की अभिवन्दना में अपनी भावांजलि प्रस्तुत की, मुनि श्री अमृत कुमार जी के मंगल मंत्रोचार के साथ कार्यक्रम प्रारंभ हुआ.
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आज के कार्यक्रम में आचार्य तुलसी शांति प्रतिष्ठान की पूरी टीम ने अपने गुरुदेव को भावांजलि में भावपूर्ण गीत प्रस्तुत कर समूचे माहौल को भावुक बना दिया, साध्वी श्री त्रिशला कुमारी जी द्वारा रचित गीत के बोल इतने गहरे और मार्मिक थे कि जन जन उस गीत के साथ जुड़ता चला गया ..
“साँस साँस प्राणा में बसग्या, म्हारे गुरुवर तुलसी .. श्रद्धानत शीश झुकावा सारा ...
“अँखियाँ है प्यासी गुरुवर, दर्शन री अभिलाषी .. मोहिनी मूरत पर तन मन वारा...
इसके साथ बेंगलोर से पधारे युवा गायक ऋषि दुगड़ ने एक से बढ़कर एक गीत प्रस्तुत कर वाह वाही लुटी जिनमे 1. “कैसी वह कोमल काया रे महाप्राण गुरुदेव... पुष्पों ने शीश झुकाया रे महाप्राण गुरुदेव... 2. “स्वामीजी थारी साधना री मेरु सी ऊंचाई ... मेरु सी ऊंचाई आ सागर सी गहराई हो “ कह किशनों जी चाल चाल ... आदि एक से बढ़कर एक प्रस्तुति दी ..
बीकानेर की वर्तमान में लोकप्रिय श्री सखी ग्रुप ने भी “दर्शन दयो गुरुराज आज मन प्राण बुलावे रे ...” “मानवता के प्रहरी पैगाम अमर तेरा .. हो नाम अमर तेरा ..” अपनी शानदार प्रस्तुति दी.
डाकलिया बंधू के भंवर जी, प्रकाश जी, धर्मेन्द्र ने अपने गीत को गाकर वातावरण सरस बना दिया . गीत के बोल थे “ शक्ति पीठ रो ओ नजारो प्यारो लागे है, “
धर्मेन्द्र डाकलिया ने “गुरुदेव अचानक आप म्हा में आ कांई करी .. आ कांई करी कल्पना रहगी से धरी..” गीत गाया
राजेंद्र बोथरा ने “गुरुवर को निकट बिठाये ... गीत का संगान किया
मंगला चरण भेरूदान सेठिया ने किया ..
शांति प्रतिस्थान के अध्यक्ष श्री गणेशमल बोथरा ने स्वागत भाषण दिया, प्रधान त्रसटी श्री महावीर रांका ने इस अवसर पर पधारे बीकानेर जिलाधीश महोदय श्री निशांत जैन का परिचय दिया . जिलाधीश महोदय श्री निशांत जैन ने मुनि श्री अमृत कुमार के दर्शन कर आशीर्वाद लिया और गुरुदेव तुलसी को श्रधा सुमन अर्पित करते हुए उन्हें महँ संत बतलाया, उनके अवदान अनुव्रत और उनके सिधांत निज पर शासन फिर अनुशासन को महान बताया .
सञ्चालन निवर्तमान अध्यक्ष श्री हंसराज डागा ने किया, आभार ज्ञापण मंत्री दीपक आंचलिया ने किया
तुलसी आइडल २०२६ के प्रभारी धर्मेन्द्र और विनोद नें बताया कि इस बार प्रथम विजेता जान्हवी बोथरा, मुंबई द्वितीय विजेता प्रिया पारख, गंगाशहर, तृतीय विजेता दक्ष बदौल, भीलवाडा रहे. इन तीनों को शांति प्रतिष्ठान द्वारा पताका पहनाकर साहित्य भेंट कर सम्मन किया गया .
आज के सभी गायक कलाकारों का भी संसथान द्वारा स्वागत किया गया .
आज के इस भक्ति कार्यक्रम में गंगा शहर, बीकानेर, नोखा, छापर, लाडनूं, यमुना नगर, दिल्ली, श्री डूंगर गढ़ आदि कई स्थानों से श्रद्धालु जन आये..





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