जनकवि मोहम्मद सदीक की 28वीं पुण्यतिथि पर बीकानेर साहित्य साधकों ने श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया


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जनकवि मोहम्मद सदीक की 28वीं पुण्यतिथि पर बीकानेर साहित्य साधकों ने श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया


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जनकवि मोहम्मद सदीक की 28वीं पुण्यतिथि पर बीकानेर  साहित्य साधकों ने श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया



​बीकानेर, 3 जुलाई। साहित्य साधकों द्वारा नकवि मोहम्मद सदीक की 28वीं पुण्यतिथि पर राजमाता सुदर्शना कला दीर्घा (नागरी भंडार) में  श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में शहर के प्रमुख साहित्यकारों, शायरों, कलाकारों और गणमान्य नागरिकों ने भाग लेकर सदीक साहब को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा सदीक साहब के चित्र पर पुष्पांजलि से हुई, जिसके बाद शायरा कौसर भाटी ने स्वागत उद्बोधन दिया।
​समारोह की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार राजेन्द्र जोशी ने कहा कि सदीक साहब का साहित्य मानवीय संवेदनाओं, सामाजिक सरोकारों और सांप्रदायिक सद्भाव का जीवंत दस्तावेज है। समाज में मानवीय मूल्यों और भाईचारे को मजबूत करना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी। विशिष्ट अतिथि और प्रसिद्ध शायर इरशाद अज़ीज़ ने उन्हें इंसानियत और मोहब्बत का शायर बताते हुए उनके साथ बिताए संस्मरण साझा किए। वहीं, गीतकार संजय आचार्य 'वरुण' ने सदीक साहब के साहित्य के गंभीर मूल्यांकन और उनके नाम पर साहित्यिक पुरस्कार शुरू करने की मांग की। उन्होंने सदीक साहब का लोकप्रिय गीत "आपको सलाम मेरा, सबको राम-राम" सुनाकर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
​इस अवसर पर डॉ. हनुमान कस्वां, कमल रंगा और डॉ. नासिर जैदी ने भी उनके व्यक्तित्व-कृतित्व पर प्रकाश डाला। समारोह में सदीक साहब की रचनाओं की सुंदर प्रस्तुतियां दी गईं। दुबई से आईं उनकी पोती शायरा कौसर ने उनके गीतों और गज़लों से माहौल को भावपूर्ण बना दिया। साथ ही, मनीषा आर्य सोनी, संगीता सेठी, सलीम भाटी, अब्दुल शकूर और 12 वर्षीय असमा ने काव्य पाठ किया। कार्यक्रम का संचालन विप्लव व्यास ने किया। इस दौरान सदीक साहब की धर्मपत्नी हलीमा भाटी सहित बड़ी संख्या में परिजन और साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे।

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