एप : फर्टीलाइजर सेल्स एप्लीकेशन सिस्टम (एफएसएएस) का हुआ शुभारम्भ एप के माध्यम से होगा अनुदानित उर्वरकों का वितरण, किसानों को नहीं लगना पड़ेगा कतारों में
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एप : फर्टीलाइजर सेल्स एप्लीकेशन सिस्टम (एफएसएएस) का हुआ शुभारम्भ
एप के माध्यम से होगा अनुदानित उर्वरकों का वितरण, किसानों को नहीं लगना पड़ेगा कतारों में
एप : फर्टीलाइजर सेल्स एप्लीकेशन सिस्टम (एफएसएएस) का हुआ शुभारम्भ
एप के माध्यम से होगा अनुदानित उर्वरकों का वितरण, किसानों को नहीं लगना पड़ेगा कतारों में
*पायलट प्रोजेक्ट के रूप में राजसमंद और सिरोही जिलों को किया गया है चयनित*
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बीकानेर, 25 जून। कृषि विभाग के आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने गुरुवार को कृषि विज्ञान केंद्र राजसमन्द में आयोजित कार्यक्रम में फर्टीलाइजर सेल्स एप्पलीकेशन सिस्टम (एफएसएएस) का शुभारम्भ किया। इस अभिनव व्यवस्था को फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के रूप में राजसमंद एवं सिरोही जिलों में लागू किया गया है।
कृषि आयुक्त श्री नरेश कुमार गोयल ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को पारदर्शी, सुगम एवं तकनीक आधारित सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
अतिरिक्त निदेशक कृषि विस्तार त्रिलोक कुमार जोशी ने बताया कि एफएसएएस प्रणाली के माध्यम से किसानों को उनकी फार्मर आईडी के आधार पर अनुदानित उर्वरकों का वितरण किया जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में राजसमंद में सिरोही जिले का चयन किया गया है अन्य जिलों को इस योजना में शीघ्र ही सम्मिलित किया जाना है। इससे उर्वरक वितरण व्यवस्था अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी तथा वास्तविक किसानों तक समय पर खाद की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।एफएसएएस के माध्यम से आदान विक्रेताओं के उर्वरक स्टॉक की रियल टाइम निगरानी संभव होगी, जिससे स्टॉक उपलब्ध नहीं होने के बहाने, जमाखोरी तथा कालाबाजारी जैसी अनियमितताओं पर प्रभावी अंकुश लगाते हुए किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जा सकेगा।
जोशी ने बताया कि अब किसान अपने मोबाइल फोन के माध्यम से उर्वरक की बुकिंग कर सकेंगे तथा निर्धारित प्रक्रिया के तहत उन्हें खाद की आपूर्ति पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित कराई जाएगी। इससे किसानों को खाद लेने के लिए लंबी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा तथा समय और श्रम दोनों की बचत होगी। साथ ही उर्वरकों की कालाबाजारी एवं अनियमित वितरण पर भी प्रभावी रोक लग सकेगी।
तकनीक आधारित यह पहल किसानों को सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे उर्वरक वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी और किसानों को समय पर आवश्यक कृषि आदान उपलब्ध हो सकेंगे। उन्होंने किसानों से इस प्रणाली का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।
कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी पहल:
उद्यान विभाग के सहायक निदेशक मुकेश गहलोत ने बताया कि वस्तुतः फर्टीलाइजर सेल्स एप्पलीकेशन सिस्टम (एफएसएएस) उर्वरक वितरण व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। फर्टीलाइजर सेल्स एप्पलीकेशन सिस्टम (एफएसएएस) को कृषि क्षेत्र में एक क्रांतिकारी पहल है। उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित यह नवाचार किसानों को उर्वरकों की उपलब्धता से जुड़ी पारंपरिक समस्याओं से राहत दिलाएगा तथा वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सरल और जवाबदेह बनाएगा।




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