जिसे भगवान का प्रेम प्राप्त हो वह भाग्यशाली है
खबरों में बीकानेर
जिसे भगवान का प्रेम प्राप्त हो वह भाग्यशाली है

बीकानेर। श्री राम कथा समिति के तत्वाधान में सीताराम भवन में चल रही 9 दिवसीय शिव पुराण कथा के दूसरे दिन वृन्दावन से आएं भारत शरण महाराज ने कहा कि जिसे भगवान का प्रेम प्राप्त हो वह भाग्यशाली है। भगवान के विषय में जानने के लिए जिज्ञासु हो,वह भाग्यवान है। हम लोग जिस कलयुग में जी रहे हैं इस युग में बड़े-बड़े महात्मा ओं ने गहरा चिंतन किया है। जो भक्ति को धारण करता है वह कलयुग के प्रभाव से बच जाता है।जीवन में तीन ताप परेशान करें तो भगवान के निकट पहुंच जाएं जिससे हमें तीनों ताप से छुटकारा मिलता है।महाराजश्री ने कहा कि तब तक कलयुग के पाप परेशान करेंगे। जब तक शिवपुराण हमारे जीवन में शामिल ना हो जाए यही शिवपुराण की महिमा है। शिव जैसा समान दृष्टा कौन होगा,महादेव दैत्य एवं देवों के लिए सदा कृपा वंत रहते हैं। उन्होंने कहा कि जिस दिन आप व्रत रखों,ये ध्यान रखना की किसी को अपशब्द न कहो,आड़ा-टेड़ा न बोला और उन्होंने कहा कि महिलाओं को पिता,पति और परमात्मा के बर्तन खुद धोना चाहिए न किसी काम वाली से धुलवाना चाहिए। महाराजश्री ने कहा किशिव पुराण की कथा में तब जाओ जब आपका विश्वास प्रबल हो। अगर आपका विश्वास प्रबल न हो तो शिव पुराण की कथा में जाने का कोई लाभ नहीं है। जैसे किसान फसल लगाने से पहले जमीन में क्यारी बना कर पानी डाल कर जमीन को नर्म कर लेता है,ताकि वो बीज डाले और वो अंकुरित हो जाए,उसी तरह शिवमहापुराण की कथा कहती है कि अपने भीतर इतनी नम्रता ले आओ की तुम्हारे मुंख से एक बार श्री शिवाय नमस्तुभ्यं निकले और वो बीज अंकुरित हो जाए और तुमहरा कल्याण हो जाए। इस मौके पर समिति सदस्य नारायण डागा,सुशील करनाणी,मोहित चांडक,घनश्याम कल्याणी,जगदीश कोठारी,नारायण मिमाणी,लक्ष्मीनारायण बिहाणी,दिलीप कुमार,अभिषेक मंत्री,कामिनी,लक्ष्मी दम्माणी सहित अनेक जनों ने पूजा अर्चना में भागीदारी निभाई। संगीतमय कथा में उपस्थित श्रद्वालु शिव भजनों पर झूमें।




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