संस्कारहीनता बढ़ती जा रही है, जो मानवता के लिए खतरे की घंटी है - आईएएस परी बिश्नोई जीवन में हर मुकाम हासिल करने के लिए उत्तम संस्कार, दृढ़ संकल्प और लगन का होना बेहद जरूरी है
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संस्कारहीनता बढ़ती जा रही है, जो मानवता के लिए खतरे की घंटी है - आईएएस परी बिश्नोई
जीवन में हर मुकाम हासिल करने के लिए उत्तम संस्कार, दृढ़ संकल्प और लगन का होना बेहद जरूरी है
जीवन में हर मुकाम हासिल करने के लिए उत्तम संस्कार, दृढ़ संकल्प और लगन का होना बेहद जरूरी है। संस्कार ही व्यक्ति के व्यक्तित्व का निर्माण करता है और जो बच्चा अपने संस्कार और अनुशासन को नहीं छोड़ता, वह जीवन में अवश्य सफल होता है। यह बात नवचयनित आईएएस परी बिश्नोई ने जाम्भाणी साहित्य अकादमी बीकानेर द्वारा आयोजित पंच दिवसीय जाम्भाणी संस्कार शिविर के उद्घाटन सत्र में बतौर मुख्य अतिथि कही।
अकादमी के प्रेस संयोजक पृथ्वी सिंह बैनीवाल ने बताया कि संस्कार शिविर का शुभारंभ श्रीमहंत स्वामी शिवदास शास्त्री रूड़कली और शिविर संयोजक स्वामी सच्चिदानंद आचार्य द्वारा दीप प्रज्ज्वलित से किया गया।
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए आईएएस परी बिश्नोई ने कहा कि आज के भौतिकवादी युग में संस्कारहीनता बढ़ती जा रही है, जो मानवता के लिए खतरे की घंटी है। एक संस्कारवान व्यक्ति ही राष्ट्र व समाज के लिए उपयोगी होता है। उन्होंने अपने जीवन के विभिन्न संघर्षों का जिक्र भी किया और अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और गुरुजनों के दिए संस्कारों को दिया।
अकादमी के अध्यक्ष आचार्य कृष्णानंद ऋषिकेश ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में बच्चों को सर्वांगीण विकास के लिए गुरु जाम्भोजी की शिक्षाओं पर चलने का आह्वान किया और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
संस्कार संयोजक सच्चिदानंद आचार्य ने बताया कि जांभाणी संस्कार शिविर का आयोजन भी इसी सोच के साथ किया जाता है कि युवा पीढ़ी में अच्छे संस्कारों को लाया जा सके, ताकि युवा पीढ़ी भविष्य में समाज और राष्ट्र के लिए उपयोगी सिद्ध हो। उन्होंने कहा कि संस्कार कोई जड़ वस्तु या दिखाई देने वाली चीज नहीं हैं। यह एक आभास मात्रा ही है, जिसका सीधा संबंध हमारी पाँचों ज्ञानेन्द्रियों और जीवन से है। उन्होंने साथ ही शिविर में अगले पांच दिन के वक्तव्यों और गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी।
जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय जोधपुर में गुरु जंभेश्वर पर्यावरण शोध पीठ के निदेशक डॉ ओमप्रकाश बिश्नोई ने भी शिविर में बच्चों को अपना आशीर्वाद दिया और सफलता के लिए शुभकामनाएं दी। उद्घाटन सत्र में अकादमी के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ बनवारीलाल साहू ने सभी अतिथियों और विद्वानों का शिविर में अपना आशीर्वाद देने के लिए धन्यवाद दिया। कार्यक्रम का संचालन जाम्भाणी साहित्य अकादमी के प्रवक्ता विनोद जम्भदास ने किया और तकनीकी संचालन डॉ लालचंद बिश्नोई ने किया।
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