जाम्भाणी साहित्य अकादमी में विद्वान विमर्श करेंगे, 1 जुलाई को "गुरु जाम्भोजी की सबदवाणी में धर्म का समन्वयवादी दृष्टिकोण" गोष्ठी होगी
जाम्भाणी साहित्य अकादमी बीकानेर मुख्यालय भवन जेएनवी कॉलोनी बीकानेर में होगी गोष्ठी
बीकानेर।
- ✍️ मोहन थानवी
गुरु जाम्भोजी की वाणी और जाम्भाणी संतों की रचनाओं में विश्व मानव समाज हित का मर्म समाहित है। यह आध्यात्मिक ज्ञान का विपुल-अतुल भंडार है। इस ज्ञान के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से
जाम्भाणी साहित्य अकादमी बीकानेर अपने मुख्यालय भवन जेएनवी कॉलोनी में प्रतिमाह महीने के प्रथम रविवार को मासिक साहित्य गोष्ठी का आयोजन करती है। इस बार गोष्ठी 1 जुलाई, रविवार को सुबह 9ः30 बजे आहूत की गई है। अकादमी भवन प्रभारी विनोद जम्भदास ने बताया कि इस बार मुख्य वक्ता अकादमी के संगठन सचिव संदीप धारणियां एडवोकेट होंगे जो गुरु जाम्भोजी की सबदवाणी में धर्म का समन्वयवादी दृष्टिकोण पर अपना उद्बोधन देंगे। उन्होंने खुशी व्यक्त की कि विगत गोष्ठियों में श्रोताओं ने भारी संख्या में पहुंचकर विद्वान वक्ताओं को बड़े चाव से सुना और अकादमी के इस नूतन प्रयास की भूरि भूरि प्रशंसा की।

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