MGSU में चार नए पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ मास्टर ऑफ सोशल वर्क (MSW), एम.एससी. जियोलॉजी (M.Sc. Geology), बायो फर्टिलाइजर प्रोडक्शन में सर्टिफिकेट कोर्स तथा बायो पेस्टिसाइड्स प्रोडक्शन में सर्टिफिकेट कोर्स
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MGSU में चार नए पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ
मास्टर ऑफ सोशल वर्क (MSW), एम.एससी. जियोलॉजी (M.Sc. Geology), बायो फर्टिलाइजर प्रोडक्शन में सर्टिफिकेट कोर्स तथा बायो पेस्टिसाइड्स प्रोडक्शन में सर्टिफिकेट कोर्स
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MGSU में चार नए पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ
मास्टर ऑफ सोशल वर्क (MSW), एम.एससी. जियोलॉजी (M.Sc. Geology), बायो फर्टिलाइजर प्रोडक्शन में सर्टिफिकेट कोर्स तथा बायो पेस्टिसाइड्स प्रोडक्शन में सर्टिफिकेट कोर्स
बीकानेर
महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से विद्यार्थियों की बदलती शैक्षणिक एवं रोजगारपरक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए चार नए पाठ्यक्रम प्रारंभ किए हैं।
विश्वविद्यालय ने इन नए पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी है। इच्छुक अभ्यर्थी पात्रता, शुल्क एवं प्रवेश संबंधी विस्तृत जानकारी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट से प्राप्त कर निर्धारित तिथि तक आवेदन कर सकते हैं।
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नए पाठ्यक्रमों में मास्टर ऑफ सोशल वर्क (MSW), एम.एससी. जियोलॉजी (M.Sc. Geology), बायो फर्टिलाइजर प्रोडक्शन में सर्टिफिकेट कोर्स तथा बायो पेस्टिसाइड्स प्रोडक्शन में सर्टिफिकेट कोर्स शामिल हैं। इन नए पाठ्यक्रमों को विश्वविद्यालय परिसर में प्रारंभ किया गया है।
विश्वविद्यालय मीडिया प्रभारी उमेश शर्मा के अनुसार इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण, कौशल आधारित एवं रोजगारोन्मुख शिक्षा उपलब्ध कराना है।
विशेष रूप से जैव उर्वरक एवं जैव कीटनाशक उत्पादन से संबंधित प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम प्राकृतिक एवं सतत कृषि को बढ़ावा देने के साथ-साथ युवाओं के लिए स्वरोजगार और उद्यमिता के नए अवसर भी उपलब्ध कराएंगे। वहीं एमएसडब्ल्यू और एम.एससी. जियोलॉजी जैसे स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम सामाजिक विकास, शोध एवं उद्योग क्षेत्र में बेहतर कैरियर विकल्प प्रदान करेंगे।
कुलगुरु आचार्य मनोज दीक्षित ने बताया कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को समय की मांग के अनुरूप आधुनिक, नवाचार आधारित एवं रोजगारपरक शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए निरंतर नए पाठ्यक्रम प्रारंभ कर रहा है। इससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध होगी तथा उन्हें अन्य शहरों की ओर जाने की आवश्यकता कम होगी।



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