35 वर्षों से निरंतर मनाया जा रहा सावन महोत्सव: श्री रामसर में सवा लाख पार्थिव शिवलिंग निर्माण, रुद्राभिषेक और भक्ति का विराट आयोजन
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35 वर्षों से निरंतर मनाया जा रहा सावन महोत्सव: श्री रामसर में सवा लाख पार्थिव शिवलिंग निर्माण, रुद्राभिषेक और भक्ति का विराट आयोजन
बीकानेर, 25 जुलाई। धर्मनगरी बीकानेर में पिछले 35 वर्षों से निरंतर आयोजित होने वाला भगवान शिव को समर्पित पावन सावन महोत्सव इस वर्ष भी श्रद्धा, आस्था और भक्ति के साथ आयोजित किया जाएगा। पूजनीय गुरुदेव गोपाल जी महाराज के सानिध्य में श्री रामसर स्थित श्री रामाकृष्ण सदन, राजकीय विद्यालय के सामने वाली गली में एक माह तक चलने वाले इस धार्मिक अनुष्ठान में हजारों श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ की आराधना करेंगे।
आयोजकों ने बताया कि महादेव के प्रिय श्रावण मास में आयोजित होने वाला यह अनुष्ठान बीते 35 वर्षों से निरंतर जारी है और हर वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या तथा आस्था में निरंतर वृद्धि हो रही है। इस बार भी पूरे श्रावण माह विविध धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें सवा लाख पार्थिव शिवलिंग निर्माण, रुद्राभिषेक, विशेष श्रृंगार, भजन संध्या और भंडारा प्रमुख आकर्षण रहेंगे।
अनुष्ठान का शुभारंभ गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर होगा। प्रातःकाल भगवान शिव का विशेष पूजन-अर्चन किया जाएगा तथा सायंकाल पूजनीय गुरुदेव गोपाल जी महाराज का पूजन एवं आशीर्वचन होगा। इसी के साथ पूरे माह चलने वाले धार्मिक अनुष्ठानों की औपचारिक शुरुआत होगी।
श्रावण मास के दौरान प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से श्रद्धालुओं द्वारा सवा लाख पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण किया जाएगा। मिट्टी से बनाए जाने वाले इन शिवलिंगों का धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व माना जाता है। इसके बाद प्रतिदिन सायं 5 बजे से भगवान शिव एवं शिव परिवार का विविध पूजन सामग्री, पंचामृत, दुग्ध, गंगाजल तथा अन्य पवित्र द्रव्यों से रुद्राभिषेक एवं विशेष पूजन किया जाएगा।
श्रद्धालुओं की आस्था को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक सोमवार, शनिवार और रविवार को दोपहर 2 बजे भगवान शिव का विशेष श्रृंगार दर्शन कराया जाएगा। संध्या आरती के बाद प्रतिदिन भजन संध्या का आयोजन होगा, जिसमें शिव महिमा से ओत-प्रोत भजनों की प्रस्तुति दी जाएगी। पूरे श्रावण मास के दौरान श्रद्धालुओं के लिए भंडारे एवं प्रसाद की भी विशेष व्यवस्था रहेगी।
इस एक माह तक चलने वाले धार्मिक अनुष्ठान का समापन रक्षा बंधन (राखी पूर्णिमा) के पावन अवसर पर पूर्णाहुति के साथ होगा। इस दिन पूजनीय गुरुदेव गोपाल जी महाराज सभी श्रद्धालुओं को श्रावण मास की साधना का पूर्ण फल एवं आशीर्वाद प्रदान करेंगे। इसके पश्चात विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सवा लाख पार्थिव शिवलिंगों का पवित्र सरोवर में विसर्जन किया जाएगा।
आयोजक जय शंकर–महादेव भक्त मंडल परिवार ने समस्त शिव भक्तों से इस पावन धार्मिक अनुष्ठान में अधिक से अधिक संख्या में सहभागी बनकर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करने का आग्रह किया है। श्रद्धालुओं का मानना है कि श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना, पार्थिव शिवलिंग निर्माण और रुद्राभिषेक से जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
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