शिक्षित लूणकरणसर–विकसित लूणकरणसर के संकल्प के साथ रायसर के नए राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय का खाद्य मंत्री सुमित गोदारा ने किया लोकार्पण 2 जिला कलेक्टर ने ली ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग की मैराथन बैठक


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शिक्षित लूणकरणसर–विकसित लूणकरणसर के संकल्प के साथ रायसर के नए राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय का खाद्य मंत्री सुमित गोदारा ने किया लोकार्पण

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जिला कलेक्टर ने ली ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग की मैराथन बैठक

*4.49 करोड़ की लागत से निर्मित आधुनिक विद्यालय राष्ट्र निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम, खाद्य मंत्री ने की विकास कार्यों की घोषणाएं*

 *रायसर में ही 55 लाख रुपये की लागत से बनने वाले उप स्वास्थ्य केंद्र का भी खाद्य मंत्री श्री गोदारा में किया शिलान्यास*

बीकानेर,25 जुलाई। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने शनिवार को रायसर में 4 करोड़ 49 लाख रुपये की लागत से निर्मित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के नए भवन का लोकार्पण किया। समग्र शिक्षा अभियान (समसा) के तहत निर्मित इस आधुनिक विद्यालय में 24 कक्षाएं, विज्ञान प्रयोगशाला, कंप्यूटर लैब तथा दो पुस्तकालयों का निर्माण किया गया है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों की उपस्थिति रही।

अपने संबोधन में खाद्य मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि “शिक्षित लूणकरणसर–विकसित लूणकरणसर” के संकल्प के साथ क्षेत्र में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विधानसभा क्षेत्र में करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से विद्यालयों में नए कक्षों का निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने विद्यालय में फर्नीचर के लिए विधायक कोष से 5 लाख रुपये तथा बच्चों के लिए झूलों की व्यवस्था हेतु 5 लाख रुपये देने की घोषणा भी की।

 गोदारा ने कहा कि लूणकरणसर विधानसभा में 36 उप सवास्थ्य केंद्र तैयार किए जा रहे हैं जिसमे से 25 तैयार हैं प्रत्येक की लागत 22 लाख है रायसर के ही राजेंद्र सिंह भाटी द्वारा नए स्कूल के लिए 1 बीघा से भी अधिक भूमि दान देने को लेकर गोदारा में उनकी प्रशंसा की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) रामगोपाल शर्मा, पूर्व प्रधान राजकुमार कसवां, पंचायत समिति के पूर्व सदस्य जुगल सिंह, राजपाल सिंह शेखावत सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि लूणकरणसर विधानसभा क्षेत्र में लगभग 4.5 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह पहला सरकारी विद्यालय है, जो विशेष रूप से बालिका शिक्षा को नई दिशा देने वाला मील का पत्थर सिद्ध होगा।

वक्ताओं ने खाद्य मंत्री गोदारा के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने खाद्य सुरक्षा योजना में लगभग एक करोड़ जरूरतमंद लोगों को जोड़कर ऐतिहासिक कार्य किया है। साथ ही ‘गिवअप अभियान’ के माध्यम से प्रदेशभर में लगभग 82 लाख लोगों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ छोड़ा, जिससे पात्र एवं जरूरतमंद परिवारों को योजना से जोड़ना संभव हुआ। इस अवसर पर खाद्य मंत्री एवं अतिथियों ने खाद्य सुरक्षा योजना में नव चयनित करीब आधा दर्जन लाभार्थियों को खाद्य सुरक्षा अधिकार पत्र भी वितरित किए।

इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के पूजन से हुआ। इसके पश्चात मुख्य अतिथि सुमित गोदारा सहित सभी अतिथियों का साफा पहनाकर एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया गया। विद्यालय के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर सभी का मन मोह लिया।

विद्यालय के प्राचार्य लक्ष्मी नारायण स्वामी ने सभी अतिथियों एवं उपस्थितजनों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन यूसीईओ श्री शक्ति प्रसन्न बीठू ने किया।

कार्यक्रम में सीडीईओ महेंद्र शर्मा, एडीपीसी कृष्ण कुमार बिश्नोई, खाद्य विभाग के प्रवर्तन अधिकारी मनीष अवस्थी,  दीनदयाल भाटी, पूर्व सरपंच रामदयाल, रामनिवास खीचड़,  भूरसिंह, दीपा राम नायक, राजेंद्र सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

 *रायसर में ही उप स्वास्थ्य केंद्र का भी खाद्य मंत्री गोदारा में किया शिलान्यास*

कार्यक्रम के समापन के बाद खाद्य मंत्री सुमित गोदारा ने रायसर में ही 55 लाख रुपये की लागत से बनने वाले उप स्वास्थ्य केंद्र का शिलान्यास भी किया। कार्यक्रम का समापन “शिक्षित लूणकरणसर–विकसित लूणकरणसर” के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।

जिला कलेक्टर ने ली ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग की मैराथन बैठक

*ग्रामीण विकास की योजनाओं की समीक्षा करते हुए समयबद्ध कार्य के दिए निर्देश*

*ग्रामीण क्षेत्र के विकास की धुरी है ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज : जिला कलेक्टर*

बीकानेर, 25 जुलाई। जिला कलेक्टर निशान्त जैन ने शनिवार को ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग के अधिकारियों की मैराथन मीटिंग ली तथा विभाग द्वारा संचालित 23 प्रमुख योजनाओं और कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक के दौरान जिला कलेक्टर ने कहा कि यह विभाग ग्रामीण विकास की धुरी है। विभाग से जुड़े प्रत्येक अधिकारी केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की गंभीरता और प्राथमिकता को समझें। समस्त कार्य समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से करना सुनिश्चित करें, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को इनका अधिक से अधिक लाभ हो।

जिला कलेक्टर ने कहा कि 1 जुलाई से प्रारंभ वीबी-जीरामजी योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए। योजना के तहत अधिक से अधिक कार्यों की स्वीकृत करें तथा प्रत्येक कार्य की मॉनिटरिंग हो। उन्होंने कर्मभूमि से मातृभूमि तथा जल संचय जन भागीदारी अभियान की समीक्षा भी की तथा कहा कि भामाशाहों, सीएसआर तथा एनजीओ के माध्यम से कर्मभूमि से मातृभूमि योजना के तहत अधिक से अधिक कार्य करवाएं जाएं। उन्होंने कहा कि जल संचय संरचनाओं का निर्माण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अधिकारी भी इसे ध्यान रखते हुए कार्य करें।

जिला कलेक्टर ने स्कूलों की सिक्योरिटी ऑडिट की रिपोर्ट के आधार पर विद्यालयों में मरम्मत के कार्य वीबी-जीरामजी एवं अन्य योजनाओं के अतंर्गत स्वीकृत करने के निर्देश दिए। 

जिला कलेक्टर ने कहा कि प्रत्येक ब्लॉक विकास अधिकारी अपने अधीन समस्त ग्राम विकास अधिकारियों की पाक्षिक बैठकें लें और विभागीय गतिविधियों की नियमित फील्ड निरीक्षण करें। उन्होंने पंचायती राज के अधीन पांच विभागों के कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश भी दिए। 

जिला कलेक्टर ने हरियालो राजस्थान के तहत पौधारोपण की तैयारी की समीक्षा की तथा कहा कि बरसात के अनुसार पौधारोपण का कार्य प्रारंभ किया जाए। साथ शत प्रतिशत पौधारोपण के लिए निर्देशित किया। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लंबित कार्यों को प्राथमिकता से करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पंचायत समिति स्तर पर ई-फाइलिंग के माध्यम से ही पत्रावलियों का आदान-प्रदान हो।

जिला कलेक्टर ने आगामी बैठक में प्रत्येक योजना की जिला और ब्लॉक बार रैंकिंग उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। स्वच्छ भारत मिशन 2.0 की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि स्वच्छता से जुड़े कार्य धरातल पर दिखने चाहिए। रिसोर्सेस रिकवरी सेंटर कार्यशील हों, इसके लिए भी निर्देशित किया। स्वामित्व योजना में प्रगति के निर्देश दिए। विधायक और सांसद क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत शत प्रतिशत कार्यों को पूर्ण करने के लिए निर्देशित किया। मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.3 के कार्यों की समीक्षा की तथा 2.4 के लिए नए गांवों के चयन के प्रस्ताव अविलंब भिजवाने के निर्देश दिए।

जिला कलेक्टर ने डीएमएफटी के तहत स्वीकृत, लंबित तथा पूर्ण कार्यों की जानकारी ली। जिला परिषद मद के कार्यों के पूर्णता प्रमाण पत्र समय पर उपलब्ध करवाने के लिए कहा। मुख्यमंत्री थार सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम को राज्य सरकार का महत्वाकांक्षी कार्यक्रम बताया तथा कहा कि विकास अधिकारी इसकी नियमित मॉनिटरिंग करें। प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के कार्यों की समीक्षा की। बीएसएनएल के टावरों के लिए नियमानुसार भूमि आवंटित करने के लिए निर्देशित किया।

जिला कलेक्टर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में संचालित अन्नपूर्णा रसोइयों को आदर्श रसोइयों के रूप में विकसित किया जाए। केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत इन्हें सुंदर बनाया जाए, जिससे लोगों को अच्छे वातावरण में गुणवत्तापूर्ण भोजन मिल सके। 

जिला कलेक्टर ने ग्रामीण सेवा शिविरों के फॉलोअप कैंप्स को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए तथा कहा कि विकास अधिकारी स्वयं इन कैंपों में जाएं तथा प्रगति की नियमित समीक्षा करें। 

बैठक में जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती शैलजा पांडे, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिलीप कुमार तथा सहित ऋतुराज महिला सहित समस्त विकास अधिकारी, अधिशाषी, सहायक और कनिष्ठ अभियंता सहित विभिन्न कार्मिक मौजूद रहे।
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