बीकानेर बार एसोसिएशन ने हाई कोर्ट की स्थायी बेंच के लिए 198वां ज्ञापन सौंपा Bar Association Bikaner submitted 198th memorandum for High Court permanent bench.


औरों से हटकर सबसे मिलकर





bahubhashi.blogspot.com
गतिविधियां, वक्तव्य, विश्लेषण

खबरों में बीकानेर


✒️@Mohan Thanvi

Affiliate Disclaimer : "नोट: इस पोस्ट में कुछ एफिलिएट लिंक्स शामिल हैं। अगर आप इन पर क्लिक करके कुछ खरीदते हैं, तो मुझे बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के छोटा सा कमीशन मिल सकता है।" - मोहन थानवी (खबरों में बीकानेर)

बीकानेर बार एसोसिएशन ने हाई कोर्ट की स्थायी बेंच के लिए 198वां ज्ञापन सौंपा
Bar Association Bikaner submitted 198th memorandum for High Court permanent bench.


bahubhashi Khabaron Me Bikaner

https://bahubhashi.blogspot.com


बीकानेर बार एसोसिएशन ने हाई कोर्ट की स्थायी बेंच के लिए 198वां ज्ञापन सौंपा
Bar Association Bikaner submitted 198th memorandum for High Court permanent bench.

सबसे नीचे 3 नं पर विस्तार से पढ़ें 

1
Bar Association Bikaner submitted 198th memorandum for High Court permanent bench.
Memorandum delivered to District Collector and District & Sessions Judge on June 18, 2026.
Reason cited: Bikaner was court HQ 1922-1949; citizens face hardship traveling to Jodhpur.
Also raised sanitation, sewerage issues at old court complex; Collector assured action via Commissioner.
Raised RTO office entry gate closure; Collector assured discussion/resolution with officials.

2
बीकानेर बार एसोसिएशन ने हाई कोर्ट की स्थायी बेंच के लिए 198वां ज्ञापन सौंपा।
यह ज्ञापन 18 जून, 2026 को ज़िला कलेक्टर और ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश को दिया गया।
इसके पीछे यह कारण बताया गया कि 1922 से 1949 तक बीकानेर कोर्ट का मुख्यालय था और नागरिकों को जोधपुर आने-जाने में परेशानी होती है।
पुराने कोर्ट परिसर में साफ़-सफ़ाई और सीवरेज की समस्याओं का मुद्दा भी उठाया गया; कलेक्टर ने कमिश्नर के ज़रिए कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
RTO ऑफ़िस का एंट्री गेट बंद होने का मुद्दा भी उठाया गया; कलेक्टर ने अधिकारियों के साथ बातचीत या समाधान का आश्वासन दिया।

3
बीकानेर में उच्च न्यायालय की स्थाई खंडपीठ की स्थापना हेतु बार एसोसिएशन ने सौंपा 198वां ज्ञापन’’

बीकानेर, 18 जून। बार एसोसिएशन, बीकानेर द्वारा बीकानेर संभाग मुख्यालय पर राजस्थान उच्च न्यायालय की स्थाई खंडपीठ (बेंच) स्थापित करने की लंबे समय से चली आ रही मांग को लेकर आज महामहिम राज्यपाल महोदय, राजस्थान के नाम जिला कलेक्टर, बीकानेर के माध्यम से तथा मुख्य न्यायाधीपति, राजस्थान उच्च न्यायालय के नाम जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बीकानेर के माध्यम से 198वां ज्ञापन प्रेषित किया गया।
बार एसोसिएशन अध्यक्ष अजय कुमार पुरोहित ने बताया कि बीकानेर रियासत काल में वर्ष 1922 से 1949 तक उच्च न्यायालय की स्थापना बीकानेर में थी तथा उसका भव्य भवन आज भी विद्यमान है। बीकानेर संभाग के चारों जिले मरुस्थलीय एवं अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़े हुए हैं, जहां के नागरिकों को उच्च न्यायालय में न्याय प्राप्त करने के लिए सैकड़ों किलोमीटर दूर जोधपुर जाना पड़ता है। इससे आमजन पर आर्थिक एवं मानसिक बोझ पड़ता है तथा सुलभ न्याय की संवैधानिक अवधारणा प्रभावित होती है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि राजस्थान देश का क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़े राज्यों में से एक है, जबकि महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, कर्नाटक, असम एवं पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में एक से अधिक उच्च न्यायालय खंडपीठें स्थापित हैं। बीकानेर संभाग से बड़ी संख्या में प्रकरण राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर में लंबित हैं तथा इस क्षेत्र की जनता एवं अधिवक्तागण पिछले कई दशकों से बीकानेर में उच्च न्यायालय की स्थाई खंडपीठ स्थापित करने की मांग कर रहे हैं।
बार एसोसिएशन ने राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 की धारा 51(3) के अंतर्गत बीकानेर संभाग मुख्यालय पर राजस्थान उच्च न्यायालय की स्थाई खंडपीठ स्थापित किए जाने की मांग को पुनः दोहराते हुए राज्य सरकार एवं संवैधानिक प्राधिकारियों से शीघ्र सकारात्मक कार्यवाही की मांग की है।
इस अवसर पर बार एसोसिएशन द्वारा जिला कलेक्टर के समक्ष पुराने न्यायालय परिसर में व्याप्त गंभीर स्वच्छता एवं सीवरेज संबंधी समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया गया। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि एसबीआई पी.पी. शाखा के समीप सीवरेज लाइन जाम होने के कारण गंदा पानी निरंतर पुराने न्यायालय परिसर में प्रवेश कर रहा है, जिससे दुर्गंध, गंदगी, जलभराव एवं मच्छरों की समस्या उत्पन्न हो रही है। वर्षा ऋतु में स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है तथा कई-कई सप्ताह तक सफाई नहीं होने के कारण अधिवक्ताओं, पक्षकारों एवं आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

बार एसोसिएशन ने यह भी अवगत कराया कि पुराने न्यायालय परिसर में वर्तमान में चार न्यायालय संचालित हो रहे हैं तथा प्रतिदिन बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं, न्यायालय कर्मचारियों एवं पक्षकारों का आवागमन रहता है। इसके बावजूद परिसर के समीप स्थित सार्वजनिक शौचालयों की नियमित सफाई एवं आवश्यक मरम्मत नहीं होने से स्थिति अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है। जिला कलेक्टर ने इस संबंध में नगर निगम आयुक्त को आवश्यक निर्देश देकर समस्या के शीघ्र समाधान का आश्वासन प्रदान किया।

प्रतिनिधिमंडल ने जिला परिवहन कार्यालय (आरटीओ) परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार को लंबे समय से बंद रखे जाने तथा अधिवक्ताओं के आर टी ओ कार्यालय में बैठने का मुद्दा भी जिला कलेक्टर के समक्ष उठाया। बार एसोसिएशन ने बताया कि प्रवेश द्वार बंद होने के कारण अधिवक्ताओं, पक्षकारों एवं आम नागरिकों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है तथा अधिवक्ताओं के बैठने की समुचित व्यवस्था नहीं होने से अधिवक्ताओं, पक्षकारों एवं आमजन को काफी परेशानियों का सामना करना पड रहा है। इस विषय पर भी जिला कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर आवश्यक समाधान करवाने का आश्वासन दिया।

बार एसोसिएशन अध्यक्ष अजय कुमार पुरोहित ने कहा कि न्यायिक संस्थानों से जुड़े आधारभूत ढांचे एवं जनसुविधाओं का सुदृढ़ होना आवश्यक है तथा बीकानेर संभाग के लाखों नागरिकों के हित में उच्च न्यायालय की स्थाई खंडपीठ की स्थापना समय की मांग है।

इस अवसर पर बार एसोसिएशन, बीकानेर के अध्यक्ष अजय कुमार पुरोहित, सचिव हेमंत सिंह चौहान, उपाध्यक्ष मनीष गौड, लेखराम धत्तरवाल, ओमप्रकाश हर्ष, सुरेन्द्र पाल शर्मा, कुन्दन व्यास, बजरंग छींपा, मनीराम विश्नोई, नवनीत नारायण व्यास, सुखदेव व्यास, लाल चंद सुथार, भंवर जांगल, शिव कुमार मेघवाल, हंसराज चौधरी, चतुर्भुज सारस्वत रामदेव सारस्वत, सुरेश नारायण पुरोहित, केशव व्यास, नवाज खान, रामकिशन, पवन कुमार व्यास, रामनिवास विश्नोई, प्रशांत तंवर, ताराचंद उपाध्याय सहित अनेक अधिवक्तागण उपस्थित रहे।

Comments

Popular posts from this blog

बारिश : कोटगेट पकड़ कर खुद को बहने से बचाया... जमकर बरसे बदरा

अलर्ट बीकानेर : तेज सायरन के साथ वाइब्रेंट हो उठे मोबाइल आगामी 3 घंटे बेहद सतर्क रहें, बहुत गंभीर तूफान आने का अलर्ट रेत के पहाड़-सी काली-पीली आंधी युवाओं ने पहली बार देखी !

पानी आ गया : गुरुवार से बीकानेर शहर में नियमित होगी जलापूर्ति नहरबंदी के बाद बीछवाल और शोभासर जलाशयों में पहुंचा नहरी पानी, विभाग ने किया स्वागत