बीकानेर गौरवान्वित : नवाचारी युवा पत्रकार सुमित शर्मा 'पॉजिटिव जर्नलिज्म अवार्ड' से सम्मानित, युवाओं को दिया नशामुक्ति का संदेश हिंदी पत्रकारिता के 200वें वर्षोत्सव की गरिमा बढ़ी


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बीकानेर गौरवान्वित : नवाचारी युवा पत्रकार सुमित शर्मा 'पॉजिटिव जर्नलिज्म अवार्ड' से सम्मानित, 
युवाओं को दिया नशामुक्ति का संदेश 
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बीकानेर गौरवान्वित : नवाचारी युवा पत्रकार सुमित शर्मा 'पॉजिटिव जर्नलिज्म अवार्ड' से सम्मानित, 
युवाओं को दिया नशामुक्ति का संदेश 
हिंदी पत्रकारिता के 200वें वर्षोत्सव की गरिमा बढ़ी

श्रीगंगानगर। शनिवार को टांटिया समूह द्वारा टांटिया यूनिवर्सिटी परिसर में 'पॉजीटिव जर्नलिज्म अवॉर्ड' समारोह का आयोजन किया गया। इस मौक़े पर बीकानेर के युवा पत्रकार सुमित शर्मा को 'पॉजिटिव जर्नलिज्म अवार्ड'से सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान कुछ महीने पहले जोधपुर की जीत यूनिवर्स में आयोजित सक्सेस टॉक्स प्रोग्राम के लिये दिया गया। सम्मान स्वरूप उन्हें 5100 रुपये की राशि, शॉल एवं प्रशस्ति पत्र भेंट किया गया। यह सम्मान टांटिया समूह के वाइस चेयरपर्सन डॉ. मोहित टांटिया की पहल पर प्रदान किया गया। जिसके पीछे का उद्देश्य- समाज में सकारात्मकता का प्रचार-प्रसार करना है।

इसी कार्यक्रम के साथ जेआर टांटिया चेरिटेबल नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र में ‘मैं जी उठा’ कार्यक्रम की 17वीं कड़ी का आयोजन भी किया गया था। इसमें वक्ताओं ने युवाओं को नशे से दूर रहने के लिये प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. नगेंद्र भदौरिया ने कहा कि "स्वस्थ रहने के लिए इंसान को खुद ही प्रयास करने पड़ते हैं। बुराई बहुत तेजी से फैलती है, लेकिन अच्छाई फैलाने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने पड़ते हैं। नशा भी एक तरह की बुराई है। इससे बचकर और अच्छी आदतें अपनाकर ही बेहतर समाज बनाया जा सकता है।" 

युवा पत्रकार सुमित शर्मा ने युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए नशे से दूर रहने और सकारात्मक कार्य करने की बात कही। 

कार्यक्रम के अध्यक्ष होम्योपैथी संकाय के प्राचार्य डॉ. प्रणबकुमार चक्रवर्ती ने कहा कि "नशा छोड़ना बिल्कुल मुश्किल कार्य नहीं है, बशर्ते हम हमारे मन को मजबूत कर लें। ऐसा कोई काम नहीं है, जो आज का युवा न कर सके।" 

सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र शर्मा ने भी युवाओं को नशे से दूर रहते हुये, सुंदर समाज बनाने की प्रेरणा दी। इससे पहले, शिक्षाविद् सरिता शर्मा ने सबका स्वागत करते हुए नशे को समाज के लिए खतरनाक बताया। प्रोजेक्ट डायरेक्टर नितेश वर्मा ने अतिथियों समेत सबका धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन श्री मोहन आलोक पुस्तकालय के प्रोजेक्ट के चेयरमैन कृष्ण कुमार आशु ने किया। इस मौके पर प्रतीक चौरड़िया 'कलमकार', सतीश वाधवा, हिमांशु खटक, निशांत गर्ग, राकेश भादू, अंकुश कुमार समेत नर्सिंगकर्मी मौजूद रहे।

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