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11 फरवरी 2026 बुधवार
खबरों में बीकानेर
✒️@Mohan Thanvi
हे राम..., कैसे कहूं बजट है रंगीन !
चौथा स्तंभ सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लायक भी नहीं !!?
हे राम..., कैसे कहूं बजट है रंगीन !
चौथा स्तंभ सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लायक भी नहीं !!?
- मोहन थानवी
हे राम..., कैसे कहूं बजट है रंगीन !
चौथा स्तंभ सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लायक भी नहीं !!?
- मोहन थानवी
राजस्थान में निकट भविष्य में कोई चुनाव नहीं होने का खमियाजा राजस्थान के पत्रकार, युवा, महिलाएं और मध्यम से लेकर निम्न आय वर्ग के लोगों को उठाना पड़ रहा है । बीते दिनों जिन राज्यों में चुनाव हुए वहां-वहां राजनीतिक दलों ने घोषणा से ही विभिन्न वर्गों के लोगों की झोलियां भर दी । लेकिन राजस्थान में 2026 का पेश किया गया बजट महज आंकड़ों का पुलिंदे की मानिंद सामने आया है। इसमें ना तो पत्रकारों के लिए कोई विशेष सुविधा की घोषणा है ना महिलाओं के लिए । न ही ऐसे ही उल्लेखित किए गए किसी अन्य वर्ग के लिए। विडंबना तो यह है कि बीते वर्षों में अधिस्वीकृत पत्रकारों को आरजीएचएस में शामिल करने की घोषणा प्रक्रिया के मुताबिक पूरी तो कर दी गई लेकिन लाभार्थियों में से प्रभावित चंद ऐसे पत्रकार जो अभी तक सरकार से सहायता राशि प्राप्त करने के पात्रता पूरी नहीं कर सके हैं, उनकी सामाजिक सुरक्षा योजना की पेंशन आरजीएचएस में शामिल किए जाने के बाद से बंद कर दी गई है। इस बजट में फिर से उन्हें राहत देने का जिक्र नहीं किया गया है । ऐसे पत्रकारों में अधिकांश ऐसे आयु वर्ग के हैं जिनकी आय अर्जित न कर पाने से उत्पन्न परेशानी सहज ही समझ में आ जाती है। लेकिन जिन्होंने बजट तैयार किया उन्हें वह परेशानी भी समझ नहीं आई । अब जाहिर बात है शासन-संबंधित प्रचार तंत्र बजट की खूबियों को पाठकों तक प्रस्तुत आवश्यक रूप से करेगा और करना भी चाहिए लेकिन जिन लोगों को झुनझुना तक नहीं थमाया गया उनके बारे में कौन लिखेगा !! पत्रकारों के संबंध में इस बजट में कुछ भी नहीं होना चौथे स्तंभ को नकारने के समान माना जा रहा है ।
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एक नजर सोशल मीडिया पर व्यक्त प्रभावित पत्रकारों और संगठनों के मताभिव्यक्ति अन्याय शब्दों में -
राजस्थान बजट 2026-27 (जो 11 फरवरी 2026 को पेश किया गया) में पत्रकारों की लंबी समय से चली आ रही मांगों, जैसे पत्रकार सुरक्षा कानून या पेंशन में बड़ी बढ़ोतरी, पर कोई सीधी बड़ी घोषणा नहीं होने से मीडिया जगत में निराशा देखी जा रही है। 1.1.2, 1.1.9
बजट की मुख्य बातें जो पत्रकारों को प्रभावित कर सकती हैं (लेकिन सीधे तौर पर उनके लिए नहीं हैं):
8वें वेतन आयोग के लिए कमेटी: सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग के गठन हेतु एक हाई-लेवल कमेटी बनाने का ऐलान हुआ है, जिससे सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के कर्मचारियों को लाभ मिल सकता है। 1.4.3, 1.5.6
सोशल सिक्योरिटी: सामाजिक सुरक्षा पेंशन और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के दायरे को बढ़ाया गया है, लेकिन इसमें पत्रकारों के लिए कोई अलग "विशेष पैकेज" का जिक्र बजट भाषण में नहीं मिला। 1.3.7, 1.5.6
डिजिटल बुनियादी ढांचा: बजट में 'डिजिटल राजस्थान' और आईटी सेक्टर पर जोर दिया गया है, जो अप्रत्यक्ष रूप से डिजिटल मीडिया कर्मियों के लिए बेहतर इकोसिस्टम बना सकता है। 1.2.6
विपक्ष और कई पत्रकार संगठनों ने इसे "केवल आंकड़ों की बाजीगरी" बताते हुए आलोचना की है कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की सुरक्षा और आर्थिक सुदृढ़ीकरण के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए। 1.1.3, 1.4.4






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