सख्ती : प्रभारी सचिव हेमंत गेरा ने कहा - अधीक्षण अभियंता प्रतिदिन पांच शिकायतकर्ताओं से करेंगे संवाद
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सख्ती : प्रभारी सचिव हेमंत गेरा ने कहा - अधीक्षण अभियंता प्रतिदिन पांच शिकायतकर्ताओं से करेंगे संवाद
“जब मैं स्वयं संपर्क पोर्टल पर दर्ज शिकायतों में से प्रतिदिन पांच शिकायतकर्ताओं से बात कर उनकी समस्या जान सकता हूं, तो संबंधित अधिकारी ऐसा क्यों नहीं कर सकते।”
जल जीवन मिशन में प्रगति नहीं होने पर होगी कार्रवाई
वीबी जीरामजी योजना से कराएं मरम्मत एवं रखरखाव कार्य
पीएचईडी की संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक में दिए निर्देश, जल जीवन मिशन, अमृत 2.0 और बजट घोषणाओं की प्रगति तेज करने पर जोर
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सख्ती : प्रभारी सचिव हेमंत गेरा ने कहा - अधीक्षण अभियंता प्रतिदिन पांच शिकायतकर्ताओं से करेंगे संवाद
जल जीवन मिशन में प्रगति नहीं होने पर होगी कार्रवाई
वीबी जीरामजी योजना से कराएं मरम्मत एवं रखरखाव कार्य
पीएचईडी की संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक में दिए निर्देश, जल जीवन मिशन, अमृत 2.0 और बजट घोषणाओं की प्रगति तेज करने पर जोर
बीकानेर, 14 जुलाई। जिला प्रभारी सचिव एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) के प्रमुख सचिव श्री हेमंत कुमार गेरा ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित विभाग की संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को जनसुनवाई और विकास कार्यों के प्रति अधिक संवेदनशील एवं जवाबदेह बनने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि “जब मैं स्वयं संपर्क पोर्टल पर दर्ज शिकायतों में से प्रतिदिन पांच शिकायतकर्ताओं से बात कर उनकी समस्या जान सकता हूं, तो संबंधित अधिकारी ऐसा क्यों नहीं कर सकते।” उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद करने से शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित होगा तथा आमजन का विश्वास भी मजबूत होगा।बैठक में संपर्क पोर्टल, जल जीवन मिशन, अमृत 2.0, बजट घोषणाओं, कर्मभूमि से मातृभूमि योजना, विभागीय कार्यों तथा समाचारों में प्रकाशित शिकायतों की विस्तृत समीक्षा की गई।
*प्रतिदिन पांच शिकायतकर्ताओं से करेंगे संवाद*
प्रभारी सचिव ने सभी अधीक्षण अभियंताओं को निर्देश दिए कि वे प्रतिदिन किसी एक उपखंड (सब डिवीजन) की संपर्क पोर्टल पर दर्ज पांच शिकायतों का चयन कर संबंधित शिकायतकर्ताओं से स्वयं दूरभाष पर संवाद करें। उन्होंने कहा कि इससे शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण होगा, फील्ड स्तर पर जवाबदेही बढ़ेगी तथा अधीनस्थ कार्मिक भी अधिक सक्रियता से कार्य करेंगे।
*गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर दिया विशेष जोर*
गेरा ने कहा कि संपर्क पोर्टल पर दर्ज प्रत्येक परिवेदना का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। किसी भी शिकायत का गलत अथवा औपचारिक निस्तारण स्वीकार नहीं किया जाएगा। शिकायतकर्ता की संतुष्टि ही विभागीय कार्यप्रणाली का वास्तविक मापदंड है।
*जल जीवन मिशन में प्रगति नहीं होने पर होगी कार्रवाई*
जल जीवन मिशन की समीक्षा करते हुए प्रभारी सचिव ने कहा कि इस योजना की उच्च स्तर पर लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। इसलिए सभी अधिकारी व्यक्तिगत रुचि लेकर कार्यों की नियमित समीक्षा करें। उन्होंने चेतावनी दी कि जिन जिलों में योजना की प्रगति अपेक्षित स्तर पर नहीं मिलेगी, वहां संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
*बजट घोषणाओं और अमृत 2.0 के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश*
बैठक में बजट घोषणाओं एवं अमृत 2.0 के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की समीक्षा करते हुए श्री गेरा ने सभी अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने तथा लंबित परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए प्रत्येक लक्ष्य समय पर पूरा किया जाए।
*नेगेटिव न्यूज पर तत्काल करें कार्रवाई*
प्रभारी सचिव ने विभाग से संबंधित समाचारों में प्रकाशित शिकायतों को गंभीरता से लेने के निर्देश देते हुए कहा कि यदि समाचार तथ्यात्मक है तो संबंधित अधिकारी तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। विशेष रूप से दूषित अथवा बदबूदार पेयजल जैसी शिकायतों का तत्काल समाधान किया जाए, ताकि जनस्वास्थ्य पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
*वीबी जीरामजी योजना से कराएं मरम्मत एवं रखरखाव कार्य*
गेरा ने निर्देश दिए कि ग्राम पंचायतों में विभाग से संबंधित छोटे-बड़े मरम्मत एवं रखरखाव कार्य वीबी जीरामजी योजना के माध्यम से करवाए जाएं। साथ ही ग्राम पंचायतों के वार्षिक कार्ययोजना (एनुअल एक्शन प्लान) में आवश्यक कुशल, अर्द्धकुशल एवं अकुशल मानव संसाधन का भी प्रावधान सुनिश्चित किया जाए, जिससे आवश्यकतानुसार कार्य शीघ्रता से कराए जा सकें।
*टारगेट और उपलब्धियों के आधार पर होगी अधिकारियों की मॉनिटरिंग*
उन्होंने निर्देश दिए कि वर्ष 2024-25, 2025-26 एवं 2026-27 की लक्ष्य एवं उपलब्धियों का विस्तृत जिला-वार प्रगति पत्र तैयार किया जाए। इसमें यह भी उल्लेख किया जाए कि संबंधित अवधि में कौन-सा अधिकारी उस जिले में पदस्थापित रहा, ताकि अधिकारियों के प्रदर्शन का वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन किया जा सके।
*कर्मभूमि से मातृभूमि योजना में सुधार के निर्देश*
कर्मभूमि से मातृभूमि योजना की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए प्रभारी सचिव ने 31 अगस्त तक निर्धारित लक्ष्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने भामाशाहों एवं कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) फंड के सहयोग से सरकारी विद्यालयों, खेल मैदानों एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर रिचार्ज पिट तथा रेन वाटर हार्वेस्टिंग संबंधी संरचनाएं विकसित करने पर भी बल दिया।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य अभियंता राजेश पुरोहित, अधीक्षण अभियंता खेमचंद सिंगारिया सहित बीकानेर संभाग के बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ एवं चूरू जिलों के जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।


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