ग्रामीण-शहरी सेवा शिविरों की लंबित परिवेदनाओं का 15 दिन में करें निस्तारण : प्रभारी सचिव हेमंत कुमार गेरा


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ग्रामीण-शहरी सेवा शिविरों की लंबित परिवेदनाओं का 15 दिन में करें निस्तारण : प्रभारी सचिव हेमंत कुमार गेरा

संपर्क पोर्टल की शिकायतें 7 दिन में गुणवत्तापूर्ण ढंग से निपटाने के निर्देश, बजट घोषणाओं की प्रगति हर 15 दिन में सीएमआईएस पोर्टल पर अपडेट करने पर जोर
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ग्रामीण-शहरी सेवा शिविरों की लंबित परिवेदनाओं का 15 दिन में करें निस्तारण : प्रभारी सचिव हेमंत कुमार गेरा

संपर्क पोर्टल की शिकायतें 7 दिन में गुणवत्तापूर्ण ढंग से निपटाने के निर्देश, बजट घोषणाओं की प्रगति हर 15 दिन में सीएमआईएस पोर्टल पर अपडेट करने पर जोर

बीकानेर, 13 जुलाई। जिला प्रभारी सचिव एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) के प्रमुख सचिव हेमंत कुमार गेरा ने सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों, संपर्क पोर्टल तथा राज्य सरकार की बजट घोषणाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जनसमस्याओं के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सेवा शिविरों की अवधि समाप्त होने के बाद भी यदि कोई परिवेदना लंबित रहती है तो संबंधित विभाग आगामी 15 दिनों के भीतर उसका अनिवार्य रूप से निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने सभी विभागों को लंबित प्रकरणों की सूची जिला कलेक्ट्रेट को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि जिला कलेक्टर स्वयं उनकी नियमित मॉनिटरिंग कर सकें।

बैठक में प्रभारी सचिव ने कहा कि सेवा शिविरों का उद्देश्य आमजन को समयबद्ध राहत प्रदान करना है। ऐसे में प्रत्येक विभाग पूरी संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए लंबित मामलों का शीघ्र समाधान करे। उन्होंने शिविरों में प्राप्त परिवेदनाओं पर त्वरित कार्रवाई करने, पुराने स्वयं सहायता समूहों को पुनः सक्रिय बनाने, विद्यालयों में वीबी-जीरामजी योजना के तहत शौचालयों के नल कनेक्शन, मरम्मत एवं रखरखाव कार्य सुनिश्चित करने, पात्र विशेष योग्यजनों को रोडवेज पास जिला प्रशासन के माध्यम से उनके घर तक उपलब्ध कराने, अधिकाधिक जनधन खाते खुलवाने तथा घुमंतू परिवारों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (एनएफएसए) से जोड़ने के निर्देश दिए।

*बजट घोषणाओं की नियमित मॉनिटरिंग पर दिया जोर*

राज्य सरकार की वर्ष 2024-25, 2025-26 एवं 2026-27 की बजट घोषणाओं की समीक्षा करते हुए श्री गेरा ने प्रत्येक लंबित घोषणा की विभागवार प्रगति जानी तथा संबंधित अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक 15 दिन में बजट घोषणाओं की प्रगति सीएमआईएस पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपडेट की जाए, जिससे कार्यों की प्रभावी निगरानी हो सके।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी बजट घोषणा से संबंधित प्रस्ताव या वित्तीय स्वीकृति राज्य स्तर पर लंबित है तो उसकी जानकारी तत्काल उपलब्ध कराई जाए, ताकि संबंधित विभागों को डी.ओ. लेटर भेजकर आवश्यक कार्रवाई करवाई जा सके तथा समन्वय पोर्टल पर भी अद्यतन जानकारी दर्ज की जा सके।

*रायसर में होम स्टे से मिलेगा ग्रामीण पर्यटन को नया आयाम*

रायसर में ग्रामीण पर्यटन विकास से संबंधित बजट घोषणा की समीक्षा करते हुए प्रभारी सचिव ने कहा कि ग्रामीण पर्यटन को केवल आधारभूत ढांचे तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। स्थानीय ग्रामीणों को प्रेरित कर 20 से 25 होम स्टे विकसित किए जाएं, जिससे पर्यटकों का आवागमन बढ़ेगा और ग्रामीणों की आय में भी वृद्धि होगी। उन्होंने बताया कि बूंदी जिले में ग्रामीण पर्यटन एवं रूरल सफारी की दिशा में किए गए नवाचार अच्छे परिणाम दे रहे हैं, जिनसे प्रेरणा लेकर बीकानेर में भी प्रभावी मॉडल विकसित किया जा सकता है।

*संपर्क पोर्टल की शिकायतों का सात दिन में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करें*

संपर्क पोर्टल की समीक्षा के दौरान श्री गेरा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अगले सात दिनों में सभी लंबित परिवेदनाओं का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के समाधान के साथ-साथ परिवादियों की संतुष्टि भी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि किसी परिवेदना का निस्तारण किया जाता है तो संबंधित परिवादी को फोन कर इसकी जानकारी अवश्य दी जाए, जिससे परिवादी का संतुष्टि का स्तर बढ़ेगा।

उन्होंने कहा कि आगामी समीक्षा बैठक में जिले की एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) का विस्तृत परीक्षण किया जाएगा। साथ ही सभी अधिकारियों को आरोग्य सेतु 2.0 ऐप डाउनलोड कर स्वयं एवं अपने परिवार के स्वास्थ्य संबंधी विवरण दर्ज करने के निर्देश भी दिए।

बैठक में जिला कलेक्टर निशांत जैन, नगर निगम आयुक्त  सिद्धार्थ पलानीचामी, अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन)  उम्मेद सिंह रतनू, अतिरिक्त जिला कलक्टर (नगर) श्रीमती रीना छिंपा सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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