बीकानेर : यहां 52 युवा-युवतियां फड़ चित्रकला की ले रही हैं प्रायोगिक जानकारी डॉ. राकेश किराडू ने कहा - कलाकार अमूर्त को मूर्त बना देता है
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बीकानेर : यहां 52 युवा-युवतियां फड़ चित्रकला की ले रही हैं प्रायोगिक जानकारी
डॉ. राकेश किराडू ने कहा - कलाकार अमूर्त को मूर्त बना देता है
बीकानेर : यहां 52 युवा-युवतियां फड़ चित्रकला की ले रही हैं प्रायोगिक जानकारी
डॉ. राकेश किराडू ने कहा - कलाकार अमूर्त को मूर्त बना देता है
बीकानेर 20 जून 2026 शनिवार
कलाकार निराकार को साकार बना देता है, अमूर्त को मूर्त रूप दे देता है। यह कहा एमजीएसयू में प्रोफेसर सुकांत किराड़ू ने । वे अजित फाउण्डेशन द्वारा लोककला ‘‘फड़ चित्रकला’’ पर आयोजित कार्यशाला के मुख्य प्रशिक्षक के रूप में संबोधित कर रहे थे। सुप्रसिद्ध चित्रकार डॉ. राकेश किराडू ने कहा कि कोई भी कलाकार हो उसको लोककलाओं से जुड़े रहना जरूरी है। जब तक लोक को वह जानेगा नहीं तब तक वह अपनी संस्कृति को नहीं पहचान पायेंगा। डॉ. किराडू ने कहा कि फड़ चित्रकला के बारे में बताते हुए कहा कि फड़ शैली राजस्थान में भीलवाड़ा तक सीमित रह गई है, हमें प्रयास करने होंगे कि इस लोककला को जन-जन तक पहुंचाए।
कार्यषाला में फड़ बनाना एवं उसके इतिहास, तकनीक एवं रंग संयोजन के बारे में सैद्धान्तिक एवं प्रायोगिक रूप से बतलाया जाएगा।
कार्यषाला के दौरान जयश्री सुथार, निशा सुथार एवं राम भादाणी ने प्रतिभागियों को मानवाकृति चित्रण एवं तकनीक के बारे में प्रायोगिक रूप से बताया।
संस्था समन्वयक संजय श्रीमाली ने कार्यक्रम के आरम्भ में फड़ कार्यशाला के उद्देश्य को बताते हुए कहा कि एक सप्ताह आयोजित इस कार्यशाला में हम लर्निंग बाई डूईंग सिद्धान्त पर कार्य करते हुए कार्य करेंगे। साथ ही इस लोककला के संर्वद्धन हेतु प्रयास करेंगे।




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