फिर से बचपन पा जाना...

होंठों पर टपकी बरसात की बूंदों को अपने में समेट  लेना /
बादल संग उड़कर
दामिनी संग नृत्य करना /
पंछियों के पंख उधर मांग कर हवाओं का ऋण चुकाना /
कागज़ की नाव को सड़क किनारे/
उफनती सरिता की लहरों पर छोड़ना /
धोरों के बीच
रेशम - सी लाल डोकरी खोजना
और
हथेली में सहेज कर
स्कूल में *धाक* जमाना.../
कितना अच्छा लगता है /
फिर से बचपन पा जाना...

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