स्वयं द्वारा चुने गए विषय पर केंद्रित रहना ही ध्यान है- आचार्य रवि शंकर
खबरों में बीकानेर स्वयं द्वारा चुने गए विषय पर केंद्रित रहना ही ध्यान है- आचार्य रवि शंकर स्वयं द्वारा चुने गए विषय पर केंद्रित रहना ही ध्यान है- आचार्य रवि शंकर आर्ष न्यास, पर्यावरण पोषण यज्ञ समिति एवं आरएसवी ग्रुप ऑफ स्कूल्स के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित फैकेल्टी डेवलपमेंट शिविर एवं रामकथा तथा प्रवचन के पांचवे एवं अंतिम दिन आज भारी भीड़ के साथ श्रोताओं ने आनंद उठाया। कार्यक्रम की जानकारी प्रदान करते हुए प्रवक्ता रविंद्र भटनागर ने बताया कि आचार्य कुलदीप जी ने संगीतमय रामायण के समापन में अद्भुत शमां बांधा। मधुर संगीत की लय के साथ झूमते एवं तालियां बजाते हुए श्रोताओं ने राम कथा का आनंद लिया। आचार्य रवि शंकर जी ने अपने उद्बोधन में दर्शकों को अपने मन को एकाग्रचित करने के लिए प्रेरित किया। आपने कहा कि हम जिस विषय का चयन करे उस पर ही एकाग्रचित रहना ही ध्यान है। अचार्य प्रदुम्न जी ने अपने संबोधन में कहा कि कभी भी किसी व्यक्ति को अभिमान नहीं करना चाहिए। शब्द का बड़ा भाव होता है एवं सामने वाले के मन पर भी उसका प्रभाव होता है । हमें अपनी बुद्धि एवं मन को नियंत्रण में रखना हो...