Mohan Thanvi
August 03, 2012
चांद मुस्कराता रहा... आधी रात को जैसे ही रंगों से घिरे मुस्कराते चांद को देखा, कलर रिंग से घिरे चांद को... देखने…
Mohan Thanvi
August 01, 2012
र वीं द्र रं ग मं च के लिए एक आंदोलन ऐसा भी... रंगकर्मियांे की भावनाएं और करोड़ों का मंच उपेक्षित कला-साधकों की …
Mohan Thanvi
July 31, 2012
आकाश मेरा है सिंधी से अनूदित कहानी .../ *BAHUBHASHI* *खबरों में बीकानेर*🎤 🌐 ✍️ 🙏 मोहन थानवी 🙏 …
Mohan Thanvi
July 31, 2012
घास खाने को नहीं मिलती बरसात के बाद जल गई तेज धूप से मैं पषुओं को ले दर-दर भटकता रहा षहर और गांवों में टीवी, रेल, हवाई…
Mohan Thanvi
July 29, 2012
मित्र सुरेश हिंदुस्तानी की काव्य पंक्तियां... विस्मृत प्यार... तुम्हारे प्यार में विस्मृत है प्यार के अर्थ शब्द, ताल,…
Mohan Thanvi
July 26, 2012
जायसी का बारहमासा :: Pressnote.in
Mohan Thanvi
July 26, 2012
नाटक - कितना-सा द्वंद्व :: Pressnote.in
Mohan Thanvi
July 19, 2012
दर्द आंख उठाकर देख सकता नहीं नजर मिला सकता नहीं देता जो हमेशा दूसरों को तिरस्कार अपनापन किसी से ले सकता नहीं हृद…
Mohan Thanvi
July 17, 2012
bahubhashi: नींद में जागा-जागा- सा......वह भागता रहा वह यूं ही भागता रहा उसके पीछे... इंद्रधनुष को पकड़ने वह क…
Mohan Thanvi
July 17, 2012
वह यूं ही भागता रहा उसके पीछे... इंद्रधनुष को पकड़ने वह कल से आज तक भागता रहा हर बार वह बस... थोड़ी दूर ही रह गया…
Mohan Thanvi
July 14, 2012
काव्यांश ... मत भूल संसार में अंग-देश भी है एक और राजा-चित्ररथ6 की रानी है प्रभावती प्रस्तर-चित्र बनना है अगर तो सूर…