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🦋श्राद्धपक्ष : ये रहेगा तिथियों का क्रम..., शनिवार पूर्णिया, तर्पण तालाबों पर,
श्राद्धपक्ष : तर्पण पहले दिन से तालाबों पर, अस्थाई दुकानें सजेगी, ये रहेगा तिथियों का क्रम...
एक मंदिर विशेष में ब्राह्मण भोजन से लेकर अन्य श्राद्ध कर्म अनुष्ठान करवाए जाने की भी तैयारियां की जा चुकी है
एक मंदिर विशेष में ब्राह्मण भोजन से लेकर अन्य श्राद्ध कर्म अनुष्ठान करवाए जाने की भी तैयारियां की जा चुकी है

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श्राद्धपक्ष : ये रहेगा तिथियों का क्रम..., शनिवार पूर्णिया, तर्पण तालाबों पर,
श्राद्धपक्ष : तर्पण पहले दिन से तालाबों पर, अस्थाई दुकानें सजेगी, ये रहेगा तिथियों का क्रम...
श्राद्धपक्ष का आरंभ आश्विन मास की कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होगा । इससे पहले भाद्र शुक्ल पूर्णिमा को प्रथम तर्पण किया जाएगा। यह अगस्त मुनि के नाम से करने की परंपरा है। पितृपक्ष में पितरों को जल अर्पित करने वाले श्रद्धालु लोग 10 सितंबर शनिवार को तिल, फूल और फल से अगस्त मुनि एवं ऋषियों का तर्पण करेंगे।
श्राद्ध पक्ष को लेकर शहर में विभिन्न स्थानों पर मिठाई और नमकीन की अस्थाई दुकानें खुलने लगी है। इसके अलावा तालाबों पर व जलभराव स्थलों पर तर्पण किया जाएगा वहां भी इंतजाम किए जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार एक मंदिर विशेष में ब्राह्मण भोजन से लेकर अन्य श्राद्ध कर्म अनुष्ठान करवाए जाने की भी तैयारियां की जा चुकी है और इसके लिए अलग-अलग काम के अलग-अलग शुल्क भी तय कर दिए गए हैं।
शहर में श्राद्ध पक्ष और तीज त्योहारों के अवसर पर जगह जगह पर मिठाई आदि विक्रय के लिए अस्थाई दुकानें खुलती रही है। उसी क्रम में श्राद्ध पक्ष में भी दुकानें खुलेगी किंतु इस बार यातायात व्यवस्था के तहत सड़कों पर लोगों की आवाजाही में रुकावट ना हो इसे ध्यान में रखते हुए ही संचालक अपनी दुकानें खोल सकेंगे* इसके लिए भी नियमानुसार प्रशासन से अनुमति लेना अनिवार्य रहेगा।
श्राद्ध पक्ष का आरंभ 11 सितंबर को होगा। ज्योतिषियों के मुताबिक इस दिन आश्विन कृष्ण प्रतिपदा तिथि दोपहर 2 बजे तक है -( स्थानीय समय में भिन्नता रहती है ) । ऐसे में जिन लोगों के माता अथवा पिता का देहांत किसी भी महीने में किसी भी पक्ष में प्रतिपदा को हुआ है उनका श्राद्ध तर्पण 11 सितंबर को किया जाना शास्त्रअनुकूल होगा।
पितृ पक्ष द्वितीया तिथि तर्पण श्राद्ध 12 सितंबर
द्वितीया तिथि को जिनके माता पिता स्वर्गवासी हुए हैं उनका श्राद्ध तर्पण मृत्यु तिथि अनुसार पितृपक्ष द्वितीया तिथि 12 सितंबर को होगा जो इस दिन दोपहर 1 बजकर 9 मिनट तक है।
पितृ पक्ष तृतीया तिथि तर्पण श्राद्ध 13 सितंबर
तृतीया तिथि को जिनके माता पिता स्वर्गवासी हुए हैं उनका श्राद्ध तर्पण मृत्यु तिथि अनुसार पितृपक्ष तृतीया तिथि 13 सितंबर को होगा जो इस दिन दोपहर 12 बजकर 30 मिनट तक है।
पितृ पक्ष चतुर्थी तिथि तर्पण श्राद्ध 14 सितंबर
चतुर्थी तिथि को जिनके माता पिता स्वर्गवासी हुए हैं उनका श्राद्ध तर्पण मृत्यु तिथि अनुसार पितृपक्ष चतुर्थी तिथि 14 सितंबर को होगा जो इस दिन दोपहर 12 बजकर 21 मिनट तक है।
पितृ पक्ष पंचमी तिथि तर्पण श्राद्ध 15 सितंबर
पंचमी तिथि को जिनके माता पिता स्वर्गवासी हुए हैं उनका श्राद्ध तर्पण मृत्यु तिथि अनुसार पितृपक्ष पंचमी तिथि 15 सितंबर को होगा जो इस दिन दोपहर 12 बजकर 43 मिनट तक है।
पितृ पक्ष षष्ठी तिथि तर्पण श्राद्ध 16 सितंबर
षष्ठी तिथि को जिनके माता पिता स्वर्गवासी हुए हैं उनका श्राद्ध तर्पण मृत्यु तिथि अनुसार पितृपक्ष षष्ठी तिथि 16 सितंबर को होगा जो इस दिन दोपहर 1 बजकर 37 मिनट तक है।
पितृ पक्ष सप्तमी तिथि तर्पण श्राद्ध 17 सितंबर
सप्तमी तिथि को जिनके माता पिता स्वर्गवासी हुए हैं उनका श्राद्ध तर्पण मृत्यु तिथि अनुसार पितृपक्ष सप्तमी तिथि 17 सितंबर को होगा जो इस दिन दोपहर 2 बजकर 56 मिनट तक है।
पितृ पक्ष अष्टमी तिथि तर्पण श्राद्ध 18 सितंबर
अष्टमी तिथि को जिनके माता पिता स्वर्गवासी हुए हैं उनका श्राद्ध तर्पण मृत्यु तिथि अनुसार पितृपक्ष अष्टमी तिथि 18 सितंबर को होगा जो इस दिन शाम 4 बजकर 39 मिनट तक है।
पितृ पक्ष नवमी तिथि तर्पण श्राद्ध 19 सितंबर
नवमी तिथि को जिनके माता पिता स्वर्गवासी हुए हैं उनका श्राद्ध तर्पण मृत्यु तिथि अनुसार पितृ पक्ष नवमी तिथि 19 सितंबर को होगा जो इस दिन शाम 6 बजकर 37 मिनट तक है। पितृपक्ष की नवमी तिथि को मातृ नवमी तिथि कहते हैं। इस दिन जो महिलाएं सुहागन ही इस दुनिया से विदा हुई हैं उनका तर्पण श्राद्ध किया जाता है।
पितृ पक्ष दशमी तिथि तर्पण श्राद्ध 20 सितंबर
दशमी तिथि को जिनके माता पिता स्वर्गवासी हुए हैं उनका श्राद्ध तर्पण मृत्यु तिथि अनुसार पितृपक्ष दशमी तिथि 20 सितंबर को होगा जो इस रात 8 बजकर 42 मिनट तक है।
पितृ पक्ष एकादशी तिथि तर्पण श्राद्ध 21 सितंबर
एकादशी तिथि को जिनके माता पिता स्वर्गवासी हुए हैं उनका श्राद्ध तर्पण मृत्यु तिथि अनुसार पितृपक्ष एकादशी तिथि 21 सितंबर को होगा जो इस रात 10 बजकर 43 मिनट तक है।
पितृ पक्ष द्वादशी तिथि तर्पण श्राद्ध 22 सितंबर
द्वादशी तिथि को जिनके माता पिता स्वर्गवासी हुए हैं उनका श्राद्ध तर्पण मृत्यु तिथि अनुसार पितृपक्ष द्वादशी तिथि 22 सितंबर को होगा जो इस रात 12 बजकर 29 मिनट तक है। इसी दिन साधु संन्यासियों हो चुके लोगों को भी तर्पण श्राद्ध किया जाएगा।
पितृ पक्ष त्रयोदशी तिथि तर्पण श्राद्ध 23 सितंबर
त्रयोदशी तिथि को जिनके माता पिता स्वर्गवासी हुए हैं उनका श्राद्ध तर्पण मृत्यु तिथि अनुसार पितृपक्ष त्रयोदशी तिथि 23 सितंबर को होगा जो इस रात 1 बजकर 56 मिनट तक है।
पितृ पक्ष चतुर्दशी तिथि तर्पण श्राद्ध 24 सितंबर
चतुर्दशी तिथि को जिनके माता पिता स्वर्गवासी हुए हैं उनका श्राद्ध तर्पण मृत्यु तिथि अनुसार पितृ पक्ष चतुर्दशी तिथि 24 सितंबर को होगा जो इस रात 2 बजकर 54 मिनट तक है। पितृपक्ष की चतुर्दशी तिथि को लेकर ऐसी मान्यता है कि जिनकी किसी कारण से अकाल मृत्यु हई है उनका श्राद्ध तर्पण इस दिन करना चाहिए। इस दिन को लेकर ऐसी भी मान्यता है कि जिनकी समान्य मृत्यु मृत्यु चतुर्दशी तिथि में हुई है उनका श्राद्ध तर्पण चतुर्दशी को नहीं करके अमावस्या के दिन ही करना चाहिए।
पितृ पक्ष महालया तिथि तर्पण श्राद्ध 25 सितंबर
अमावस्या तिथि को जिनके माता पिता स्वर्गवासी हुए हैं उनका श्राद्ध तर्पण मृत्यु तिथि अनुसार पितृपक्ष अमावस्या तिथि 25 सितंबर को होगा जो इस रात 3 बजकर 23 मिनट तक है। अमावस्या के दिन ही महालया महालया लगता है जिस दिन सर्वपितृ श्राद्ध होता है। इस दिन सभी वापस अपने लोक को लौट जाते हैं। इसलिए श्राद्ध तिथि पर जिनका किसी कारण से श्राद्ध तर्पण नहीं हो पाता है उनके नाम से जल और ब्राह्मण भोजन भी इसी दिन करवाने का नियम है।
एक नजर में तिथि क्रम
★पूर्णिमा का श्राद्ध एवं तर्पण 10 सितंबर दिन शनिवार
★प्रतिपदा का श्राद्ध एवं तर्पण 11 सितंबर दिन रविवार
★द्वितीया का श्राद्ध एवं तर्पण12 सितम्बर दिन सोमवार
★तृतीया का श्राद्ध एवं तर्पण 13 सितंबर दिन मंगलवार
★चतुर्थी का श्राद्ध एवं तर्पण 14 सितंबर दिन बुधवार
★पंचमी का श्राद्ध एवं तर्पण 15 सितंबर दिन गुरुवार
★षष्ठी का श्राद्ध एवं तर्पण 16 सितंबर दिन शुक्रवार
★सप्तमी का श्राद्ध एवं तर्पण 17 सितंबर दिन शनिवार
★अष्टमी का श्राद्ध एवं तर्पण 18 सितंबर दिन रविवार
★नवमी का श्राद्ध एवं तर्पण 19 सितंबर दिन सोमवार
★दशमी का श्राद्ध एवं तर्पण 20 सितंबर दिन मंगलवार
★एकादशी का श्राद्ध तर्पण 21 सितंबर दिन बुधवार
★द्वादशी का श्राद्ध एवं तर्पण 22 सितंबर दिन गुरुवार
★त्रयोदशी का श्राद्ध एवं तर्पण 23 सितंबर दिन शुक्रवार
★चतुर्दशी का श्राद्ध एवं तर्पण 24 सितंबर दिन शनिवार
★अमावस्या का श्राद्ध एवं तर्पण 25 सितंबर दिन रविवार
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पूर्णिमा प्रथम तर्पण 10 सितंबर शनि
प्रतिपदा एकम 11 सितंबर रवि
2 - 12 सितंबर सोम
3 - 13 सितंबर मंगल
4 - 14 सितंबर बुध
5 - 15 सितंबर गुरू
6 - 16 सितंबर शुक्र
7 - 17 सितंबर शनि
8 - 18 सितंबर रवि
9 - 19 सितंबर सोम
10 - 20 सितंबर मंगल
11 - 21 सितंबर बुध
12 - 22 सितंबर गुरू
13 - 23 सितंबर शुक्र
14 - 24 सितंबर शनि
अमावस्या 25 सितंबर रवि







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