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बजट में सरकार की दिशाहीनता पर जमकर बरसे विधायक बिहारी बिश्नोई
खबरों में बीकानेर 🎤 🌐 ✍️
बिश्नोई ने कहा कि अपने जनघोषणा-पत्र को सरकारी दस्तावेज मानकर काम करने वाली सरकार बताए कि बिजली की दरें नही बढ़ाने का वादा करके भी दरें क्यों बढ़ा दी गई ? उन्होंने आंगनवाड़ी कार्मिकों की बजट में की गई मानदेय बढ़ोतरी पर बोलते हुए कहा कि यह निर्णय तो केंद्र सरकार ने बहुत पहले ही कर दिया था, आपने तो इसे 7 माह तक रोककर रखने का काम किया है । उन्होंने राजस्थानी भाषा को द्वितीय राजभाषा बनाने की मांग करते हुए कहा कि यह हम करोड़ों राजस्थानियों के स्वाभिमान की बात है और इसे गहलोत साहब को इस बजट में रखना चाहिए था ।
इसके साथ ही उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री से यह भी पूछा कि आप जोधपुर से आते हैं, जहां पेड़ों की रक्षार्थ 363 लोगों ने अपनी कुर्बानी दी थी, उस शहादत-स्थल खेजड़ली को तो विश्व-धरोहर में सम्मिलित करने की घोषणा करते तो अच्छा होता । राजधानी में 50 करोड़ की लागत से गांधी-स्मारक बनाने की बात गहलोत साहब ने कही, किंतु इसी नगर में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की स्मृति में 12 करोड़ के प्रस्तावित स्मृति-स्थल को निरस्त करने का निर्णय भी लिया, आपको इस तरह बदले की भावना से काम नहीं करना चाहिए ।
बिश्नोई ने प्रदेश में घट रही बलात्कार की सनसनीखेज घटनाओं की ओर सरकार का ध्यान खींचा तथा कहा कि महिलाओं के प्रति सरकार का रवैया संवेदनहीनता की पराकाष्ठा की लांघ गया है । बीकानेर जिले के बरजांगसर में उप-स्वास्थ्य केंद्र के भवन की स्वीकृति के लिए पिछले 5 रोज से आमरण अनशन पर बैठी महिला सरपंच की सरकार द्वारा जिस तरह अनदेखा किया जा रहा है, वह सरासर गलत है ।
सदन का ध्यान आकर्षित करते हुए विधायक बिश्नोई ने कहा कि जिस पार्टी ने सत्ता में आने के लिए अपने घोषणा पत्र में किसानों की सम्पूर्ण कर्जमाफी का एलान किया और फिर जब सत्तारूढ़ हुए तो दो लाख की सीमा तक ऋणमाफी की बात कही । लेकिन वास्तविकता यह है कि खरीफ की बुवाई का समय बीत गया और सहकारी बैंक किसानों को कर्ज नहीं दे पाए हैं, थोड़ी बहुत कहीं शुरुआत भी हुई है तो पांच हजार रुपए से ज्यादा नहीं दिए जा रहे हैं ।
आज सदन में दमदार तरीके से अपनी बात रखते हुए बिहारीलाल ने बजट सत्र में मुख्यमंत्री गहलोत के द्वारा पढ़े गए
"यकीन से आगे भी बढ़ना है,
बहुत कुछ करके ऊंचाइयो पर चढ़ना है ,
वो हवाओ की ओट में दीपक जलाते है,
हम तो तुफानो से टकराकर कारवां चलाते है ।"
एक शेर का जवाब कुछ इस तरह दिया...
गहलोत साहब थे चुनाव में कारवां की आस में
उधर दो कारवां खड़े थे एक साथ पास पास में
किसानों का था एक कारवां और दूसरे संविदाई थे
उत्पीड़न शोषण के मारे सब मां-जाये से भाई थे
मौका ताड़ चुके थे, सो जादू की छड़ी घुमाई
ये लो पूरी कर्जामाफी और तुम समझो स्थाई
रात बीते बात बीते अब सदन में डींगें हांक रहे हैं
लेकिन जिन वोटों से जीते वे अब धूल फांक रहे हैं
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बजट में सरकार की दिशाहीनता पर जमकर बरसे विधायक बिहारी बिश्नोई
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आज राजस्थान विधानसभा में नोखा विधायक बिहारीलाल बिश्नोई बजट अभिभाषण चर्चा में भाग लिया और प्रदेश व क्षेत्र की महत्वपूर्ण मांगो से अवगत करवाया
बजट में सरकार की दिशाहीनता पर जमकर बरसे विधायक बिहारी बिश्नोई
नोखा 16 जुलाई ! राज्य विधानसभा में बजट पर प्रतिक्रिया विषयक बहस में भाग लेते हुए नोखा विधायक बिहारीलाल बिश्नोई आज सदन में जमकर बरसे और महत्वपूर्ण विषयों की अनदेखी पर सरकार को आड़े हाथों लिया । बिश्नोई ने राज्य के परिवर्तित बजट को महज घोषणाओं का पुलिंदा बताते हुए सवाल किया कि क्या योजनाओं का नाम बदलना ही आपका विकास का रोडमैप है ? उन्होंने कहा कि किसानों के साथ कर्जमाफी का व संविदाकर्मियों के स्थायीकरण का छलावा करके सत्ता में आई गहलोत सरकार सत्ता संभालते ही वादों से मुकर गई । बिश्नोई ने कहा कि अपने जनघोषणा-पत्र को सरकारी दस्तावेज मानकर काम करने वाली सरकार बताए कि बिजली की दरें नही बढ़ाने का वादा करके भी दरें क्यों बढ़ा दी गई ? उन्होंने आंगनवाड़ी कार्मिकों की बजट में की गई मानदेय बढ़ोतरी पर बोलते हुए कहा कि यह निर्णय तो केंद्र सरकार ने बहुत पहले ही कर दिया था, आपने तो इसे 7 माह तक रोककर रखने का काम किया है । उन्होंने राजस्थानी भाषा को द्वितीय राजभाषा बनाने की मांग करते हुए कहा कि यह हम करोड़ों राजस्थानियों के स्वाभिमान की बात है और इसे गहलोत साहब को इस बजट में रखना चाहिए था ।
इसके साथ ही उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री से यह भी पूछा कि आप जोधपुर से आते हैं, जहां पेड़ों की रक्षार्थ 363 लोगों ने अपनी कुर्बानी दी थी, उस शहादत-स्थल खेजड़ली को तो विश्व-धरोहर में सम्मिलित करने की घोषणा करते तो अच्छा होता । राजधानी में 50 करोड़ की लागत से गांधी-स्मारक बनाने की बात गहलोत साहब ने कही, किंतु इसी नगर में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की स्मृति में 12 करोड़ के प्रस्तावित स्मृति-स्थल को निरस्त करने का निर्णय भी लिया, आपको इस तरह बदले की भावना से काम नहीं करना चाहिए ।
बिश्नोई ने प्रदेश में घट रही बलात्कार की सनसनीखेज घटनाओं की ओर सरकार का ध्यान खींचा तथा कहा कि महिलाओं के प्रति सरकार का रवैया संवेदनहीनता की पराकाष्ठा की लांघ गया है । बीकानेर जिले के बरजांगसर में उप-स्वास्थ्य केंद्र के भवन की स्वीकृति के लिए पिछले 5 रोज से आमरण अनशन पर बैठी महिला सरपंच की सरकार द्वारा जिस तरह अनदेखा किया जा रहा है, वह सरासर गलत है ।
सदन का ध्यान आकर्षित करते हुए विधायक बिश्नोई ने कहा कि जिस पार्टी ने सत्ता में आने के लिए अपने घोषणा पत्र में किसानों की सम्पूर्ण कर्जमाफी का एलान किया और फिर जब सत्तारूढ़ हुए तो दो लाख की सीमा तक ऋणमाफी की बात कही । लेकिन वास्तविकता यह है कि खरीफ की बुवाई का समय बीत गया और सहकारी बैंक किसानों को कर्ज नहीं दे पाए हैं, थोड़ी बहुत कहीं शुरुआत भी हुई है तो पांच हजार रुपए से ज्यादा नहीं दिए जा रहे हैं ।
आज सदन में दमदार तरीके से अपनी बात रखते हुए बिहारीलाल ने बजट सत्र में मुख्यमंत्री गहलोत के द्वारा पढ़े गए
"यकीन से आगे भी बढ़ना है,
बहुत कुछ करके ऊंचाइयो पर चढ़ना है ,
वो हवाओ की ओट में दीपक जलाते है,
हम तो तुफानो से टकराकर कारवां चलाते है ।"
एक शेर का जवाब कुछ इस तरह दिया...
गहलोत साहब थे चुनाव में कारवां की आस में
उधर दो कारवां खड़े थे एक साथ पास पास में
किसानों का था एक कारवां और दूसरे संविदाई थे
उत्पीड़न शोषण के मारे सब मां-जाये से भाई थे
मौका ताड़ चुके थे, सो जादू की छड़ी घुमाई
ये लो पूरी कर्जामाफी और तुम समझो स्थाई
रात बीते बात बीते अब सदन में डींगें हांक रहे हैं
लेकिन जिन वोटों से जीते वे अब धूल फांक रहे हैं
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