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कोहिनूर समाचार पत्र ने अपनी स्थापना के ५४ वर्ष पूर्ण किए
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कोहिनूर समाचार पत्र ने अपनी स्थापना के ५४ वर्ष पूर्ण किए
निष्पक्ष एवं जागरूक पत्रकारिता से समाज का उत्थान संभव – डॉ.अजय जोशी
बीकानेर १६ जून | पाक्षिक समाचार पत्र कोहिनूर ने अपने प्रकाशन के ५४ वर्ष पूर्ण कर लिए इस अवसर पर हर्षों के चौक में आयोजित स्थापना दिवस समारोह में अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए समाजसेवी एन.डी.रंगा ने कहा कि बेबाक कलम के धनी के.डी हर्ष ने पत्रकारिता मिशन को ज़िंदा रखा हुआ है | आज के अर्थ प्रधान युग में छोटे समाचार पत्रों पर अस्तित्व को बचाए रखने का संकट मंडरा रहा है लेकिन विपरीत परिस्थितियों में भी निडर होकर समाचारों का प्रकाशन वही कर पाता है जो खुद निर्भीक होता है और वह निर्भीक समाचार पत्र पाक्षिक कोहिनूर है | मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए शहर कोंग्रेस के अरविन्द मिड्ढा ने कहा कि स्वतंत्र खोज परक पत्रकारिता अब प्राय: समाप्त सी हो गयी है लेकिन कुछ छोटे समाचार पत्र आज भी अपने पत्रकारिता मिशन को साफ़ सुथरा बनाए हुए है जिनमें के.डी.हर्ष का नाम लिया जा सकता है | कार्यक्रम संयोजक स्वास्थ्य एवं साहित्यिक राष्ट्रीय कवि चौपाल के संरक्षक नेमचंद गहलोत ने कहा कि हर्षजी अस्वस्थ रहते हुए अपने पत्रकारिता मिशन में पूर्ण मनोयोग से पाक्षिक समाचार पत्र के माध्यम से जनता की सेवा कर रहे हैं | कोंग्रेस की नेत्री सुषमा बारुपाल ने कहा कि तथ्यपरक समाचार जनता तक वही समाचार पत्र पहुंचा सकता है जो स्वयं निर्भीक होता है | मरू नवकिरण पत्रिका के सम्पादक डॉ.अजय जोशी ने आज के समय में प्रकाशन की अर्थ व्यवस्था पर बोलते हुए कहा कि इतने वर्षों से निर्बाध कोहिनूर पत्र निकालकर के.डी.हर्ष ने एक इतिहास रचा है | संस्कृतिकर्मी राजाराम स्वर्णकार ने कहा कि मैंने हर्षजी को साईकिल, तांगे पर कोहिनूर की प्रतियां बाँटते हुए देखा है जिसमें भ्रष्ट तरीके से किए कार्यों की खुल्ली धज्जियां उडाई जाती थी उन कार्यों की पोल खोली जाती थी | पुलिस वाले इन्हें समाचार-पत्र बांटने से मना करते थे लेकिन यह जिंदादिल व्यक्ति उन पुलिस वालों की लाठियों की परवाह न करते हुए अपने समाचार पत्र के माध्यम से सच्चाई आम जनता के समक्ष लाते थे | नरेंद्र राजावत ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई एवं ईमानदारी के साथ समाचारों का प्रकाशन हर्षजी ने करके जनता में अपनी साख कायम रखी | कार्यक्रम में आनन्द हर्ष एवं पूर्णिमा का सम्मान भी किया गया | शहर के अनेक गणमान्यजन कार्यक्रम में उपस्थित थे |
राष्ट्रीय कवि चौपाल के संरक्षक नेमचंद गहलोत, श्रीमती जानी देवी गहलोत, रामेश्वर बाडमेरा, जुगल पुरोहित, तुलसीराम मोदी, प्रेमनारायण व्यास द्वारा संस्थापक सम्पादक के.डी हर्ष को माल्यार्पण, शोल, पगड़ी, अभिनन्दन पत्र एवं ५१०० रूपए अर्पित कर सम्मान किया गया | संयोजक बाबूलाल छंगाणी ने संस्थापक सम्पादक के.डी.हर्ष की पत्रकारिता साधना एवं उपलब्धियों पर प्रकाश डाला |
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कोहिनूर समाचार पत्र ने अपनी स्थापना के ५४ वर्ष पूर्ण किए
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कोहिनूर समाचार पत्र ने अपनी स्थापना के ५४ वर्ष पूर्ण किए
निष्पक्ष एवं जागरूक पत्रकारिता से समाज का उत्थान संभव – डॉ.अजय जोशी
बीकानेर १६ जून | पाक्षिक समाचार पत्र कोहिनूर ने अपने प्रकाशन के ५४ वर्ष पूर्ण कर लिए इस अवसर पर हर्षों के चौक में आयोजित स्थापना दिवस समारोह में अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए समाजसेवी एन.डी.रंगा ने कहा कि बेबाक कलम के धनी के.डी हर्ष ने पत्रकारिता मिशन को ज़िंदा रखा हुआ है | आज के अर्थ प्रधान युग में छोटे समाचार पत्रों पर अस्तित्व को बचाए रखने का संकट मंडरा रहा है लेकिन विपरीत परिस्थितियों में भी निडर होकर समाचारों का प्रकाशन वही कर पाता है जो खुद निर्भीक होता है और वह निर्भीक समाचार पत्र पाक्षिक कोहिनूर है | मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए शहर कोंग्रेस के अरविन्द मिड्ढा ने कहा कि स्वतंत्र खोज परक पत्रकारिता अब प्राय: समाप्त सी हो गयी है लेकिन कुछ छोटे समाचार पत्र आज भी अपने पत्रकारिता मिशन को साफ़ सुथरा बनाए हुए है जिनमें के.डी.हर्ष का नाम लिया जा सकता है | कार्यक्रम संयोजक स्वास्थ्य एवं साहित्यिक राष्ट्रीय कवि चौपाल के संरक्षक नेमचंद गहलोत ने कहा कि हर्षजी अस्वस्थ रहते हुए अपने पत्रकारिता मिशन में पूर्ण मनोयोग से पाक्षिक समाचार पत्र के माध्यम से जनता की सेवा कर रहे हैं | कोंग्रेस की नेत्री सुषमा बारुपाल ने कहा कि तथ्यपरक समाचार जनता तक वही समाचार पत्र पहुंचा सकता है जो स्वयं निर्भीक होता है | मरू नवकिरण पत्रिका के सम्पादक डॉ.अजय जोशी ने आज के समय में प्रकाशन की अर्थ व्यवस्था पर बोलते हुए कहा कि इतने वर्षों से निर्बाध कोहिनूर पत्र निकालकर के.डी.हर्ष ने एक इतिहास रचा है | संस्कृतिकर्मी राजाराम स्वर्णकार ने कहा कि मैंने हर्षजी को साईकिल, तांगे पर कोहिनूर की प्रतियां बाँटते हुए देखा है जिसमें भ्रष्ट तरीके से किए कार्यों की खुल्ली धज्जियां उडाई जाती थी उन कार्यों की पोल खोली जाती थी | पुलिस वाले इन्हें समाचार-पत्र बांटने से मना करते थे लेकिन यह जिंदादिल व्यक्ति उन पुलिस वालों की लाठियों की परवाह न करते हुए अपने समाचार पत्र के माध्यम से सच्चाई आम जनता के समक्ष लाते थे | नरेंद्र राजावत ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई एवं ईमानदारी के साथ समाचारों का प्रकाशन हर्षजी ने करके जनता में अपनी साख कायम रखी | कार्यक्रम में आनन्द हर्ष एवं पूर्णिमा का सम्मान भी किया गया | शहर के अनेक गणमान्यजन कार्यक्रम में उपस्थित थे |
राष्ट्रीय कवि चौपाल के संरक्षक नेमचंद गहलोत, श्रीमती जानी देवी गहलोत, रामेश्वर बाडमेरा, जुगल पुरोहित, तुलसीराम मोदी, प्रेमनारायण व्यास द्वारा संस्थापक सम्पादक के.डी हर्ष को माल्यार्पण, शोल, पगड़ी, अभिनन्दन पत्र एवं ५१०० रूपए अर्पित कर सम्मान किया गया | संयोजक बाबूलाल छंगाणी ने संस्थापक सम्पादक के.डी.हर्ष की पत्रकारिता साधना एवं उपलब्धियों पर प्रकाश डाला |
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ReplyDeletewhat I might have accomplished without those methods shared by you relating to my area.
Previously it was the distressing case in my position, however ,
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