खबरों में बीकानेर 🎤 🌐 / twitter, Podcast, YouTube, साहित्य-सभागार के साथ-साथ Facebook, Pinterest, LinkedIn और Instagram पर भी आपकी खबरें
Khabron Me Bikaner 🎤
जीवन को दृष्टि देती है कविता- कमल रंगा
खबरों में बीकानेर 🎤 🌐
✍️
कादम्बिनी क्लब और नवकिरण सृजन मंच का साझा आयोजन
जीवन को दृष्टि देती है कविता- कमल रंगा
कविता थी, है और रहेगी। कविता जीवन को दृष्टि देती है। यह कालजयी होती है। समय के अनुरूप कविता का कथ्य, शैली और परिवेश बदलता रहता है लेकिन कविता कायम रहती है। ये उदगार आज कादम्बिनी क्लब और नवकिरण सृज मंच द्वारा स्थानीय होटल मरुधर हेरिटेज के विनायक सभागार में “समकालीन कविता के विविध आयाम” विषय पर आयोजित गोष्ठी और कविता पाठ एवं कविता चर्चा के दौरान ख्यातनाम कवि-कथाकार और राजस्थानी भाषा के प्रवर्तक श्री कमल रंगा ने व्यक्त किये। श्री रंगा ने इस अवसर कहा कि कविता में शब्द चयन बहुत महत्वपूर्ण होता है। कवि को खुद ही अपना सबसे बड़ा आलोचक होना चाहिए। खुद की लिखी कविता को बार बार पढ़कर सुधार करना चाहिए और अपने से वरिष्ठ कवियों से उस पर मार्गदर्शन प्राप्त करना चाहिए तभी कविता में निखार आता है।
कार्यक्रम के प्रारंभ में क्लब के संयोजक व्यंग्यकार, लेखक- संपादक डॉ. अजय जोशी ने विषय प्रवर्तन करते हुए कहा कि समकालीन कविता में बहुत से प्रयोग हो रहे है। आज की कविता नित नए स्वरूप में सामने आ रही है इसके विविध आयाम हैं उन पर विमर्श करना और सार्थक कविता का सृजन करना बहुत जरूरी है। स्वागत भाषण में क्लब के समन्वयक कवि कथाकार राजाराम स्वर्णकार ने कहा कि बीकानेर के हिंदी, राजस्थानी और उर्दू के कवियों और शायरों का समकालीन कविता में अमूल्य योगदान रहा है।यहां के रचनाकरों ने देश विदेश में बीकानेर का नाम रोशन किया है। क्लब के सह संयोजक डॉ. नरसिंह बिन्नानी ने बीकानेर के साहित्य परिवेश का जिक्र किया और अपनी कविता प्रस्तुत की। कार्यक्रम का संयोजन करते हुए हास्य कवि बाबूलाल छंगाणी ने मोबाइल क्रांति और डाक व्यवस्था से जुड़ी रचना प्रस्तुत की। नवकिरण सृजन मंच के संयोजक युवा कवि कथाकार पुखराज सोलंकी ने नवकिरण सृजन मंच की गतिविधयों की जानकारी दी और कविता पाठ किया।
इस अवसर पर कवयित्री ज्योति वधवा ‘रंजना’ ने प्रार्थना ‘ऐ मालिक तेरे बंदे’ हम से शुरुआत की साथ ही पति पत्नी संबधों पर अपनी कविता प्रस्तुत की। इस अवसर पर इंजीनियर हनुमंत गौड़,कासिम बीकानेरी,श्री शैलेन्द्र सरस्वती, कमल किशोर पारीक, कवि गिरिराज पारीक ,जुगल किशोर पुरोहित, कृष्णा वर्मा,श्रीमती कांता चाडा, युवा कवि विप्लव व्यास,डॉ पंकज कुमार जोशी, श्री कैलाश टाक, श्री तुलसीराम मोदी आदि अनेक कवियों और शायरों ने फादर्स डे और आज के परिवेश पर आधारित हिंदी, उर्दू और राजस्थानी कविताएं. गीत, ग़ज़ल आदि प्रस्तुत किये। कार्यक्रम में शिक्षाविद श्री मोहनलाल जांगिड़, डॉ महेंद्र चाडा, डॉ सुनील हर्ष, श्री ऋषि कुमार अग्रवाल और व्यवसायी हेमचंद बांठिया ने पढ़ी गयी कविताओं के संबंध में विचार प्रकट किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजसेवी श्री शिवशंकर शर्मा ने की।उन्होंने इस अवसर पर कहा कि कविता समाज को दिशा देने का काम करती है। संचालन हास्य कवि बाबूलाल छंगाणी ने किया और दोनों संथाओं की तरफ से श्री मोहन लाल जांगिड़ ने आभार स्वीकार किया।
खबरों में बीकानेर 🎤 🌐 खबर :- ✍️
🙏
जीवन को दृष्टि देती है कविता- कमल रंगा
खबरों में बीकानेर 🎤 🌐
✍️
कादम्बिनी क्लब और नवकिरण सृजन मंच का साझा आयोजन
जीवन को दृष्टि देती है कविता- कमल रंगा
कविता थी, है और रहेगी। कविता जीवन को दृष्टि देती है। यह कालजयी होती है। समय के अनुरूप कविता का कथ्य, शैली और परिवेश बदलता रहता है लेकिन कविता कायम रहती है। ये उदगार आज कादम्बिनी क्लब और नवकिरण सृज मंच द्वारा स्थानीय होटल मरुधर हेरिटेज के विनायक सभागार में “समकालीन कविता के विविध आयाम” विषय पर आयोजित गोष्ठी और कविता पाठ एवं कविता चर्चा के दौरान ख्यातनाम कवि-कथाकार और राजस्थानी भाषा के प्रवर्तक श्री कमल रंगा ने व्यक्त किये। श्री रंगा ने इस अवसर कहा कि कविता में शब्द चयन बहुत महत्वपूर्ण होता है। कवि को खुद ही अपना सबसे बड़ा आलोचक होना चाहिए। खुद की लिखी कविता को बार बार पढ़कर सुधार करना चाहिए और अपने से वरिष्ठ कवियों से उस पर मार्गदर्शन प्राप्त करना चाहिए तभी कविता में निखार आता है।
कार्यक्रम के प्रारंभ में क्लब के संयोजक व्यंग्यकार, लेखक- संपादक डॉ. अजय जोशी ने विषय प्रवर्तन करते हुए कहा कि समकालीन कविता में बहुत से प्रयोग हो रहे है। आज की कविता नित नए स्वरूप में सामने आ रही है इसके विविध आयाम हैं उन पर विमर्श करना और सार्थक कविता का सृजन करना बहुत जरूरी है। स्वागत भाषण में क्लब के समन्वयक कवि कथाकार राजाराम स्वर्णकार ने कहा कि बीकानेर के हिंदी, राजस्थानी और उर्दू के कवियों और शायरों का समकालीन कविता में अमूल्य योगदान रहा है।यहां के रचनाकरों ने देश विदेश में बीकानेर का नाम रोशन किया है। क्लब के सह संयोजक डॉ. नरसिंह बिन्नानी ने बीकानेर के साहित्य परिवेश का जिक्र किया और अपनी कविता प्रस्तुत की। कार्यक्रम का संयोजन करते हुए हास्य कवि बाबूलाल छंगाणी ने मोबाइल क्रांति और डाक व्यवस्था से जुड़ी रचना प्रस्तुत की। नवकिरण सृजन मंच के संयोजक युवा कवि कथाकार पुखराज सोलंकी ने नवकिरण सृजन मंच की गतिविधयों की जानकारी दी और कविता पाठ किया।
इस अवसर पर कवयित्री ज्योति वधवा ‘रंजना’ ने प्रार्थना ‘ऐ मालिक तेरे बंदे’ हम से शुरुआत की साथ ही पति पत्नी संबधों पर अपनी कविता प्रस्तुत की। इस अवसर पर इंजीनियर हनुमंत गौड़,कासिम बीकानेरी,श्री शैलेन्द्र सरस्वती, कमल किशोर पारीक, कवि गिरिराज पारीक ,जुगल किशोर पुरोहित, कृष्णा वर्मा,श्रीमती कांता चाडा, युवा कवि विप्लव व्यास,डॉ पंकज कुमार जोशी, श्री कैलाश टाक, श्री तुलसीराम मोदी आदि अनेक कवियों और शायरों ने फादर्स डे और आज के परिवेश पर आधारित हिंदी, उर्दू और राजस्थानी कविताएं. गीत, ग़ज़ल आदि प्रस्तुत किये। कार्यक्रम में शिक्षाविद श्री मोहनलाल जांगिड़, डॉ महेंद्र चाडा, डॉ सुनील हर्ष, श्री ऋषि कुमार अग्रवाल और व्यवसायी हेमचंद बांठिया ने पढ़ी गयी कविताओं के संबंध में विचार प्रकट किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजसेवी श्री शिवशंकर शर्मा ने की।उन्होंने इस अवसर पर कहा कि कविता समाज को दिशा देने का काम करती है। संचालन हास्य कवि बाबूलाल छंगाणी ने किया और दोनों संथाओं की तरफ से श्री मोहन लाल जांगिड़ ने आभार स्वीकार किया।
खबरों में बीकानेर 🎤 🌐 खबर :- ✍️







यहां व्यक्त कीजिए - खबर आपकी नजर में...