Mohan Thanvi
July 29, 2012
मित्र सुरेश हिंदुस्तानी की काव्य पंक्तियां... विस्मृत प्यार... तुम्हारे प्यार में विस्मृत है प्यार के अर्थ शब्द, ताल,…
Mohan Thanvi
July 26, 2012
जायसी का बारहमासा :: Pressnote.in
Mohan Thanvi
July 26, 2012
नाटक - कितना-सा द्वंद्व :: Pressnote.in
Mohan Thanvi
July 19, 2012
दर्द आंख उठाकर देख सकता नहीं नजर मिला सकता नहीं देता जो हमेशा दूसरों को तिरस्कार अपनापन किसी से ले सकता नहीं हृद…
Mohan Thanvi
July 17, 2012
bahubhashi: नींद में जागा-जागा- सा......वह भागता रहा वह यूं ही भागता रहा उसके पीछे... इंद्रधनुष को पकड़ने वह क…
Mohan Thanvi
July 17, 2012
वह यूं ही भागता रहा उसके पीछे... इंद्रधनुष को पकड़ने वह कल से आज तक भागता रहा हर बार वह बस... थोड़ी दूर ही रह गया…
Mohan Thanvi
July 14, 2012
काव्यांश ... मत भूल संसार में अंग-देश भी है एक और राजा-चित्ररथ6 की रानी है प्रभावती प्रस्तर-चित्र बनना है अगर तो सूर…
Mohan Thanvi
July 09, 2012
अध्यात्म और प्रबंधन - 1 कर्म, प्रबंधन और फल ं भीतर के द्वन्द्व और उमड़ते विचारों को षब्दाकार देना अज्ञान को दूर करने…
Mohan Thanvi
July 05, 2012
बचपन खेल-खिलौनों तक ही नहीं सिमटा रहता बचपन दादी -नानी और दादा -दादी के साथ बीतता है बचपन कहानियों के दौर से भी आगे…
Mohan Thanvi
July 04, 2012
सम्मति - मीनाक्षी स्वर्णकार की काव्यकृति ‘‘कोंपलें’’ परवाज के लिये कोंपलों के हौसले बुलंद है। क्योंकि सृजन के प्रति सम…
Mohan Thanvi
July 04, 2012
सम्मति - मीनाक्षी स्वर्णकार की काव्यकृति ‘‘कोंपलें’’ परवाज के लिये कोंपलों के हौसले बुलंद है। क्योंकि सृजन के प्रति स…