*खबरों में बीकानेर*
चुनाव : पर्दे के पीछे - राजस्थान में महादेव की तर्ज पर महाआरोप की आहट...
- मोहन थानवी
राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 के चलते अब बिहार की तर्ज पर राजस्थान में भी महाआरोप प्रतीक्षित है। चुनावी सरगर्मियां बढ़ाने के साथ-साथ दलों और नेताओं द्वारा एक दूसरे पर झूठे वादे करने सहित बढ़-चढ़कर विभिन्न आरोप प्रत्यारोप लगाए जाएंगे। लोग तो यहां तक कहने से नहीं चूक रहे की अब बारी महाआरोप की रहेगी। हालांकि अब तक ऐसी बातें दबी जुबान में सुनी सुनाई जाती रही है।
लेकिन एक दिन पूर्व भ्रष्टाचार को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के छोटी-बड़ी मछली और मगरमच्छ संबंधित बयान के बाद अब ईडी और आयकर विभाग के एक्शन से ऐसी बातें पर्दे से बाहर झांकने लगी हैं। जानकार लोग इसे महाआरोप की आहट की संज्ञा भी देने लगे हैं। चुनावी मैदान का माहौल गर्माने लगा है। जयपुर में तो ऐसी तेज हवा चलती बताई जा रही है।
नामांकन वापस लेने की तिथि निकल चुकी और 200 सीटों पर भाजपा और कांग्रेस सहित विभिन्न दलों के एवं निर्दलीय जो भी प्रत्याशी चुनाव मैदान में डटे हुए हैं वह अथवा उनकी ओर से उनके नुमाइंदे आक्षेपों का सिलसिला बढ़ा सकते हैं।
धुंआधार प्रचार और चुनावी रणनीति के प्रशिक्षण का दौर शुरू हो रहा है। इसी के साथ ही राजनीतिक पार्टियों की एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप के सिलसिले में तेजी आएगी। भाजपा व कांग्रेस यानी दोनों पार्टियों की ओर से प्रत्याशियों के मुख्य कार्यालयों के उद्घाटन का सिलसिला काफी पहले शुरू हो चुका अब वहां प्रचार सहित चुनावी कार्यों की गतिविधियां तेज हो गई है।
इधर, खबर है कि भाजपा के बीकानेर पूर्व व पश्चिम विधानसभा प्रत्याशियों ने आज सांसद सेवा केंद्र जाकर केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल से चुनावी रणनीति पर चर्चा की। तो दूसरी ओर निर्वाचन आयोग के तत्वाधान में निष्पक्ष एं शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न करवाने के तहत सभी प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों का प्रशिक्षण मेडिकल कॉलेज सभागार में रखा गया। जो की चुनावी रंगत के परवान चढ़ने का द्योतक माना जा सकता है।








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