चुनाव : पर्दे के पीछे - मुद्दे कोई न रहे, वार - पलटवार भरोसे इनकी पतवार !
चुनाव : पर्दे के पीछे - मुद्दे कोई न रहे, वार - पलटवार भरोसे इनकी पतवार !
- मोहन थानवी
चुनाव का मौसम पीक पर है। अब वक्त हर मतदाता तक पहुंचने की कोशिश करने का है। ऐसे में राजनीतिक दलों के नेता दौरे पर दौरे कर रहे हैं। इधर राजस्थान में भाजपा के राष्ट्रीय नेताओं का दौरा युद्ध स्तर पर शुरू हो चुका है। तो कांग्रेस के प्रमुख चेहरे भी शहर शहर प्रेस वार्ता कर रहे हैं। जनसभाएं भी जगह-जगह आयोजित की जा रही हैं।
उधर आमजन दबी जुबान में कह रहा है राजनीतिक दलों के पास मानो अब जनहित के मुद्दे शेष रहे ही नहीं। फकत राजनीतिक गलियारों के गिर्द घूमते आरोप प्रत्यारोप ही चुनावी प्रचार में सामने आ रहे हैं।
आज नागौर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बड़ी जनसभा हुई। जिसमें प्रमुख रूप से उन्होंने पेट्रोल डीजल और लंपी रोग संबंधी मुद्दा उठाया।
दूसरी ओर बीकानेर में कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता जयराम रमेश ने प्रेस वार्ता कर भाजपा पर नुकीले तीर चलाए। और आरोप के उत्तर में प्रत्यारोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार सैस के नाम पर पेट्रोल डीजल की आय अपने पास रख रही है। और आरोप राजस्थान सरकार पर पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ाने को लेकर लगा रही है।
लंपी रोग संबंधित मुद्दे पर उन्होंने कहा की एकमात्र राजस्थान ही ऐसा राज्य रहा जिसने लंपी रोग से मृतक पशुओं के पालकों को मुआवजा दिया।
दलों की इस आपाधापी में आम जन का यह कहना उचित लगता है की चुनाव का माहौल गर्म भले ही हो रहा हो लेकिन मुद्दे पीछे छूट गए हैं। एक दल दूसरे दल पर आरोप मढ़ रहा है।
ऐसे में पर्दे के पीछे लोगों की बुदबुदहट स्पष्ट सुनाई देती है की एक पक्ष अपने किए काम गिनवाने में व्यस्त है तो उन्हें नकारते हुए दूसरा पक्ष जो काम नहीं हुए उनको उछालने में लगा हुआ है।
केवल और केवल वार पलटवार के भरोसे राजनीतिक नैया पार लगाने पतवार चलाई जा रही है।






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