खबरों में बीकानेर
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🦋नाचते-गाते जाएंगे श्रद्धालु, ये शहर लगेंगे खाली-खाली
हर वर्ष की तरह मेले-मगरियों संबंधित तैयारियां पूरी...
ध्वजाबंध धारी ने खम्मा… व बाबे के जयकारों के साथ परंपरा के मुताबिक विभिन संघ रवाना होंगे

राजस्थान सहित विभिन्न प्रदेशो के अनेक शहरों से लाखों श्रद्धालु हर भादवा महीने के दूज से लेकर दशम तक लोक देवता बाबा रामदेव जी के दरबार में रुणिचा पहुंचते हैं। इन दिनों लगभग शहर खाली-खाली से दिखाई देने लगते हैं। खासतौर से दशम के दिन जब मेला रुणिचा में भरता है तब पश्चिमी राजस्थान के लगभग शहरों की रौनक नदारद रहती है। शहर खाली-खाली से लगते हैं। ऐसा नहीं है कि सभी लोग रामदेवरा चले जाते हैं लेकिन अनुमानतः 60 से 70% लोग वहां पहुंचते हैं।
यह वही दिन चल रहे हैं, रामदेवरा जाने की तैयारियों के दिन हैं ये। हालांकि बीते वर्षों कोरोनावायरस के कारण रुणिचा में परंपरागत रूप से लोगों के सैलाब के साथ मेला न भर सका। इस वजह से पश्चिमी राजस्थान के शहर कोरोना की वजह से ही खाली खाली दिखते रहे थे। लेकिन इस बार पश्चिमी राजस्थान में मेले मगरियों की धूम है। और जत्थों के जत्थे बाबा के दरबार धोक लगाने रुणिचा की ओर निकलने को तत्पर हैं। इन जत्थों में सेवा जत्थे भी शामिल है जो कि 3-4 दिन पहले से सेवास्थलों के लिए रवानगी ले रहे हैं।
5 से अधिक दिन चलने वाले सेवा अभियान में सेवादारों द्वारा पैदल यात्रियों के लिए चानी गांव, कुंडिया, बडी शीड, बुधलाई तलाई, डाली बाई, रावतसरिया तालाब स्थल पर भोजन और मेडिकल आदि की व्यवस्था की जाती है।
पढें तैयारी में है ये... 👇
वीडियो (file)
वीडियो (file)बीकानेरमें तीज-त्यौहारों के साथ ही रामदेवरा, पोकरण के समीप आशापुरा माताजी, पूनरासर, सियाणा भैरव,कोडमदेसर सहित कई मेले भरते हैं। इनमें बीकानेर से लाखों की तादाद में श्रद्धालु भागीदारी निभाते हैं। खासकर रामदेवरा और पूनरासर में दर्शन के लिए लोग पैदल यात्रा करते हैं। पद यात्रियों की सेवा के लिए भी कई संस्थाएं सक्रिय रहती है। पद यात्रियों के जत्थों की रवानगी के बाद एक बारगी शहर ही खाली हो जाएगा। रामदेवरा जाने वाले यात्रियों के बाद पूनरासर व सियाणा भैरव के लिये पैदल जातरूओं की रवानगी शुरू जाएगी।
पग-पग पर मुस्तैद रहेंगे सेवादार
पद यात्रियों की सेवा के लिए पग-पग पर सेवादार मुस्तैद रहेंगे। इसको लेकर सेवा समितियों के पदाधिकारी सक्रिय हो गए हैं। पैदल के रास्ते में इस बार कहां-कहां सेवा शिविर लगाए जाएंगे यह तय हो चुका है।
जुटाया जरूरी सामान
शहर में पूनरासर व सियाणा मेले को लेकर तैयारी शुरू हो गई है। वहीं बाजार भी ध्वजा (झंडे) से अट गए हैं। पद यात्रा पर जाने वाले यात्रियों ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। अधिकांश जातरूओं ने टी-शर्ट, बनियान, चम्पल, जूते, टार्च आदि जरूरी सामान जुटा लिए हैं तो कुछ जुटाने में लगे हैं।
अनेक भजन तैयार
शहर के कलाकारों ने इन मेलों के लिये भजनों को भी तैयार किया है। जो पूरे रास्ते श्रद्वालुओं के मोबाइल व टैंटों में चलाए जाएंगे। शहर के युवा कलाकारो ने अनेक भजनमाला तैयार की है तो कुछ ने पारंपरिक भजनों और फिल्मी गीतों की धुनों पर रिमिक्स तैयार किए हैं। ऐसे तमाम भजन सोशल मीडिया पर जमकर धमाल मचा रहे है। जागरणों और भजन संगीत संध्याओं में भी इनकी गूंज सुनी जा सकेगी।
ध्वजाबंध धारी ने खम्मा… व बाबे के जयकारों के साथ परंपरा के मुताबिक विभिन संघ रवाना होंगे।
विभिन्न संघों द्वारा इसी प्रकार पूनरासर पैदल जाने वाले यात्रियों के लिए नि: शुल्क भोजन,चाय, नाश्ता, चिकित्सा सेवा, आदी का सेवा शिविर लगेंगे। उन्होंने बताया कि पैदल यात्रा के अंतिम दौर में पैदल जाने वाले यात्रियों के लिए यह सेवा जत्था बेहद उपयोगी रहता है।
यह सेवा शिविर चार 5 दिनों तक चलते है जिसमें यात्रियों को नहाने , मंजन,तेल कगी सेवा के साथ साथ गर्मागर्म केशर की जलेबी व आलू की सब्जी के साथ पकौड़ी का नाश्ता भी दिया जाता है।







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