खबरों में बीकानेर
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मुमुक्षु बहनों का भव्य वरघोड़ा निकाला, अभिनन्दन समारोह आयोजित हुआ
वर्तमान से भागो मत - आचार्य विजयराज
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मुमुक्षु बहनों का भव्य वरघोड़ा निकाला, अभिनन्दन समारोह आयोजित हुआ
वर्तमान से भागो मत - आचार्य विजयराज जी म.सा.
बीकानेर। आगे - आगे बैंड बाजा, पीछे मोटर कार, मुमुक्षु बहनें उन पर सवार और जिनशासन की होती जय - जयकार, पुरुष सफेद चोला -पायजामा पहने,सर पर रंगीन साफा धारण किए, वहीं महिलाओं ने लाल - केसरिया साड़ी पहने, साथ चल रहे थे। अवसर था श्री शान्त - क्रान्ति जैन श्रावक संघ के 1008 आचार्य श्री विजयराज जी म.सा. आदि ठाणा आठ एवं महासती श्री मृदुला श्री जी म.सा. आदि ठाणा 17 के पावन सानिध्य में शनिवार को गोगागेट स्थित अग्रसेन भवन से मुमुक्षु बहिनों के निकाले गए वरघोड़े का।
श्री शान्त क्रान्ति जैन श्रावक संघ के अध्यक्ष विजयकुमार लोढ़ा ने बताया कि वरघोड़ा संघ एवं महिला संघ और युवा संघ के तत्वावधान में वरघोड़ा शहर के मुख्य स्थानों, गुर्जरों का मोहल्ला से होते हुए कोचरों का चौक, डागा सेठिया का मोहल्ला से होते हुए रांगड़ी चौक, भुजिया बाजार, बड़ा बाजार से होते हुए बागड़ी मोहल्ला स्थित सेठ धनराज ढ़ढ्ढा की कोटड़ी पहुंचा। जहां आचार्य श्री ने मुमुक्षु बहिनों को मंगलिक सुनाई एवं आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर मुमुक्षु बहिनों ने आचार्य श्री विजयराज जी म.सा. के समक्ष अपने भावोद्गार रखे।
इस अवसर पर आचार्य श्री विजयराज जी ने मुमुक्षु बहनों के संयम, धर्म और संघ शासन पथ पर अग्रसर होने की भावना की सराहना की। आचार्य श्री ने अपने आशीर्वचन में कहा कि मुमुक्षु बहिनों ने वर्तमान को जाना और जागने का कार्य किया, भागने का काम नहीं किया। जो वर्तमान में जाग जाते हैं वह अपना भविष्य सुनहरा बना लेते हैं। भूतकाल का रोना नहीं रोना चाहिए। भविष्य से डरना नहीं और वर्तमान से भागना नहीं चाहिए। हम भूतकाल का रोना रोते रहते हैं। रोना रो-रो कर वर्तमान और भविष्य को खराब करते रहते हैं। बहुत से लोग भविष्य से डरते रहते हैं। महाराज साहब ने कहा कि वर्तमान बहुत अच्छे से जीने के लिए मिला है। जो अच्छे से जी लेता है, वह भविष्य बना लेते हैं। वर्तमान में भाग-भाग कर अपना भविष्य खराब नहीं करना चाहिए। आचार्य श्री ने कहा कि भाग कर जाओगे कहां, दुनिया गोल है। निराशा में जीना जीवन नहीं है, जीवन तो आशा में जीना चाहिए। भविष्य को बनाएं, वर्तमान तो क्षण भर।
संयम पथ पर अग्रसर होंगी छह मुमुक्षु बहनें
श्री शान्त क्रान्ति जैन श्रावक संघ के अध्यक्ष विजयकुमार लोढ़ा ने बताया कि मुमुक्षु बहनें नेहा लोढ़ा (किशनगंज, बिहार), मनीषा (छत्तीसगढ़), मुस्कान बाघमार ( रायपुर), आंचल धम्माणी (विजयनगर, अजमेर), निशा कोठारी (नागौर) स्नेहा ( वैल्लुर, तमिलनाडु) से हैं। इनके संयम पथ पर चलने के लिए दीक्षा के भाव बने हैं। निकट समय में तय कार्यक्रमानुसार मुमुक्षु बहनों द्वारा दीक्षा ली जाएगी। का है, लेकिन यह एक क्षण बहुत महत्वपूर्ण है। एक क्षण में लिया निर्णय जिंदगी को बदल देता है। जीवन में निर्णय सही होना चाहिए। जो सही निर्णय करते हैं, उनमें पश्चाताप नहीं रहता, संताप नहीं रहता, सही निर्णय लेने वाला जीवन को आनन्दमय बनाता है।
संयम पथ पर अग्रसर होंगी छह मुमुक्षु बहनें
श्री शान्त क्रान्ति जैन श्रावक संघ के अध्यक्ष विजयकुमार लोढ़ा ने बताया कि मुमुक्षु बहनें नेहा लोढ़ा (किशनगंज, बिहार), मनीषा (छत्तीसगढ़), मुस्कान बाघमार ( रायपुर), आंचल धम्माणी (विजयनगर, अजमेर), निशा कोठारी (नागौर) स्नेहा ( वैल्लुर, तमिलनाडु) से हैं। इनके संयम पथ पर चलने के लिए दीक्षा के भाव बने हैं। निकट समय में तय कार्यक्रमानुसार मुमुक्षु बहनों द्वारा दीक्षा ली जाएगी।









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