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गुंजायमान हुई सुख़नवर-हंसवाहिनी, चंद्र-किरणों से भीगी कादंबरी में नागरी भण्डार मुस्कुराया
बीकानेर 10 अक्टूबर, 2022
अमृत वर्षा करती चंद्र किरणों में भीगती कादंबरी (रात) । उर्दू की मिठास, राजस्थानी की मठोठ और हिन्दी के सौन्दर्य के साथ चहुंओर पसरते कविता-शायरी के रंग। ऐसा नजारा नगर की 115 वर्ष प्राचीन संस्था नागरी भण्डार की ऐतिहासिक छत पर शरद पूर्णिमा की मध्य राात्रि तक बना रहा। इन क्षणों का शुभारंभ हुआ सुधी श्रोताओं की वाह-वाह के बीच मनुज देपावत के अमर गीत ‘धोरा वाळा देश’ की अविनाश व्यास की प्रस्तुति से।
श्री जुबिलि नागरी भण्डार पाठक मंच की ओर से इस वर्ष भी शरद महोत्सव के अवसर पर चांदनी संग कविता शायरी के रंग का आयोजन हुआ।
इस अवसर पर 101 किलो दूध की विशेष खीर का प्रसाद भी मां सरस्वती को लगाया गया।
देर रात तक चले भव्य कवि सम्मेलन मुशायरे का सफल संचालन वरिष्ठ शायर कासिम बीकानेरी एवं वरिष्ठ कवियित्री मोनिका गौड ने संयुक्त रूप से किया। सभी का आभार वरिष्ठ साहित्यानुरागी एवं नागरी भण्डार के व्यवस्थापक नंदकिशोर सोलंकी ने ज्ञापित किया।
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विगतवार :-
इस कार्यक्रम के अतिथि वरिष्ठ आलोचक डॉ उमाकान्त गुप्त अपनी लघुकविताओं के माध्यम से काव्यमंच को एक नई रंगत दी। इसी कड़ी में वरिष्ठ शायर नेमीचन्द पारीक वरिष्ठ शायर, वरिष्ठ कवियत्री प्रमिला गंगल एवं निर्मल कुमार शर्मा वरिष्ठ गीतकार ने अपनी रचनाओं के माध्यम से कविता और शायरी को परवान चढाया। सभी अथितियों ने आयोजक संस्था को सधुवाद देते हुए आयोजन को एक साहित्यिक सांस्कृतिक एवं साझा संस्कृति का नवाचार बताया।
इसी क्रम में नागरी भण्डार ट्रस्ट के उपाध्यक्ष डॉ पी आर भाटी ने कहा कि ऐसे आयोजन के माध्यम से नगर के साहित्य एवं सांस्कृतिक वातावरण के लिए एक सकारात्मक पहल होती रही है।
प्रारंभ में वरिष्ठ साहित्यकार कमल रंगा ने सभी का स्वागत करते हुए आयोजन के बारे में बताते हुए नागरी भण्डार के वैभव को रेखांकित किया।
शरद महोत्सव में वरिष्ठ शायर माहिर बीकानेरी, बुनियाद हुसैन, अमित गोस्वामी, डॉ जिया उल हसन कादरी, असद अली असद, हनुमंत गौड, समीर गोयल ने अपनी ताजा गजलों के उम्दा शेर पेश कर वाह वाह लूटी।
महोत्सव में राजस्थानी कवि कमल रंगा, राजेन्द्र जोशी, नेमचंद गहलोत, गिरीरज पारीक, शमीम अहमद, राजाराम स्वर्णकार, मनीषा आर्य सोनी, संजय पुरोहित, संजय सांखला, मधुरिमा सिंह, कैलाश टाक, डॉ कृष्णा आचार्य, व्यास यागेश, कैलाश राठौड़, राजेश दान, शिव दाधीच, शिव प्रकाश सोलंकी, जुगल किशोर पुरोहित, कृष्णा वर्मा, गौरीशंकर प्रजापत, बाबुलाल छंगाणी, सरोज भाटी, उमा दुबे ने शरद पूर्णिमा एवं अन्य समसामयिक विषयों पर केन्द्रित अपनी रचनाओं की शानदार प्रस्तुति देते हुए श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इसी क्रम में युवा गीतकार गोपाल पुरोहित विप्लव व्यास एवं आनन्द मस्ताना आदि ने अपने गीतों की सस्वर शानदार प्रस्तुति देते हुए दाद बटौरी। इस कवि सम्मेलन मुशायरे में मंजली सोनी, भानुप्रताप, स्मल बसीत ने भी अपनी रचना प्रस्तुत की।
कार्यक्रम में जे.पी. व्यास, दीपचंद सांखला, एम के आचार्य, देवदत्त शर्मा, मोतीलाल हर्ष, नगेन्द्र किराडू, आत्माराम भाटी, विकास पारीक, शेख लियाकत अली, लक्ष्मीनारायण आचार्य, डॉ अजय जोशी, ओम प्रकाश भाटी, डॉ. तुलसीराम मोदी, बुलाकी शर्मा, सुकांत किराडू, पुखराज सोनी, पार्षद अनुमत गहलोत, इसरार हसन कादरी, राजश्री भाटी, शमीम अहमद, लीलाधर सोनी, छगन सिंह, गोपाल गोतम पुजारी सहित नगर के विभिन्न कलाअनुशासनों एवं विभिन्न वर्गो के प्रतिनिधियों ने इस भव्य महोत्सव का आनन्द लिया।








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