*BAHUBHASHI*
✒️*औरों से हटकर सबसे मिलकर*
*खबरों में बीकानेर*🎤
यहां आपके प्रतिष्ठान का विज्ञापन हो सकता है। संपर्क करें - खबरों में बीकानेर
BAHUBHASHI
खबरों में बीकानेर 🎙️📀
पढ़ना और पढ़ाना जीवन सफल बनाना 📚
📖
विज्ञप्ति ईमेल से हिंदी क्रुतिदेव या यूनिकोड में लैटरपैड /एम एस वर्ड फाइल में भेजें mohanthanvi@gmail.com
सच्चाई पढ़ें । सकारात्मक रहें। संभावनाएं तलाशें ।
पढ़ना और पढ़ाना जीवन सफल बनाना 📚
*आपदा काल में तन मन और धन से सेवा करने वालों को बीकानेर जरूर याद रखेगा*
बीकानेर कोरोना महामारी के चलते एक तरफ आपदा में अवसर को देखते हुए कालाबाजारी करके खुश हो रहे हैं वहीं दूसरी तरफ समाज प्रदेश क्षेत्र और राष्ट्र को अपना धर्म मानने वाले इस आपदा को सेवा मानकर कुछ अच्छा करने की सकारात्मक सोच के साथ तन मन धन से लगे हैं वैसे तो बीकानेर में धर्मनगरी होने के नाते सभी अपनी श्रद्धा अनुसार इंसानियत के नाते सेवा भाव में लगे हैं इसी क्रम में सौरभ गोयल मेमोरियल रिलीफ सोसायटी द्वारा कोविड- मरीजों के लिए निशुल्क भोजन की व्यवस्था एक सच्चे कोरोना वॉरियर्स की तरह की जा रही है अगर आप भोजन बनाने में या कोरोना मरीज को भोजन पहुंचाने में असमर्थ हैं तो उनके व्हाट्सएप नंबर पर सुबह 10:00 बजे तक संदेश कर देवें यह सुविधा सिर्फ बीकानेर में उपलब्ध है ज्यादा कुछ नहीं लिखते हुए तस्वीरें सब बयां करती है *सौरभ गोयल मेमोरियल रिलीफ सोसायटी* और *STARK फाउंडेशन* को इस कार्य के लिए साधुवाद आभार... 🙏
नामी-गिरामी कंंपनियों में हैं तैनात
हिमांशु गोयल, प्रद्युम्न सिंह, प्रणवेंद्र चतुर्वेदी और मोहित खत्री। जयनारायण व्यास कॉलोनी इलाके के रहने वाले चारों दोस्तों ने वर्ष 2016 में IIT से इंजीनियरिंग की थी। देश के अलग अलग महानगरों में बड़ी कंपनियों में और बड़े पैकेज पर नौकरी भी लग गई। लॉकडाउन लगा तो कंपनियों ने वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था कर दी। मूल रूप से ये चारों बीकानेर के ही रहने वाले हैं, इसलिए यहां का आकर्षण इनको खींच लाया। यहां आए तो हर ओर परेशानी ओर लाचारी से रू-ब-रू हुए। इसके बाद इनलोगों ने ‘स्टार्क फाउंडेशन’ का गठन किया। एक से बढ़कर एक नामी कंपनियों में कार्यरत दोस्तों ने सबसे पहले खाना बनाने वाले से बात की। जयनारायण व्यास कॉलोनी में ही एक व्यक्ति को इसकी जिम्मेदारी दी। शर्त यह रखी कि साफ-सफाई का ध्यान रखना होगा। हर चीज सैनिटाइज करके ही डिलीवरी के लिए निकलेगी। चारों ने अपने स्तर से इस व्यवस्था को चाक-चौबंद किया।
सुबह-शाम डेढ़ सौ से अधिक पैकेट
प्रद्युम्न सिंह बताते है- हम चारों दोस्त रोज सुबह व शाम एक ऑटो में डेढ़ सौ से अधिक लोगों के लिए भोजन लेकर रवाना होते हैं। दो-तीन घंटे का समय लगता है। किसी के घर पर तो किसी अस्पताल में। खाना बांटकर हमलोग लौट आते हैं। खाने के साथ बाकायदा पानी की बोतल भी दी जाती है। मरीज के परिजनों के अलावा अस्पताल के स्टाफ भी बड़ी संख्या में जरूरतमंद हैं। अब तक काफी लोगों के पास नंबर चला गया है, इसलिए समय रहते लोग फोन पर खाने की सूचना दे देते हैं। उन्हें हम पौष्टिक खाना पहुंचा देते हैं। कोशिश है कि हर जरूरतमंद तक हम पहुंच जाएं।
9588802638 पर करें कॉल
बीकानेर में स्टार्क फाउंडेशन और सौरभ गोयल मेमोरियल सोसायटी के स्तर से सराहनीय प्रयास हो रहा है। किसी को खाना चाहिए तो वह सीधे 9588802638 पर कॉल कर सकता है। चारों मित्र देश के अलग अलग हिस्सों में काम कर रहे हैं। प्रद्युम्न सिंह IIT वाराणसी से, प्रणवेंद्र और हिमांशु IIT गोवाहटी से और मोहित IIT मुंबई से पास आउट हैं। तीनों जिस कंपनी में काम करते हैं, वहां नौ से 10 घंटे तक घर से ही काम करना पड़ता है। इस व्यस्तता के बाद भी वो हर हाल में इस काम को अंजाम देते हैं।
बजट की कमी नहीं
चारों मित्रों का कहना है कि पैकेट्स की संख्या बढ़ेगी तो भी हमारे पास बजट की कमी नहीं है। अगर कोई बीकानेरी इस अभियान से जुड़ना चाहता है तो स्वागत है। आर्थिक सहयोग भी कर सकता है। हालांकि इस पर हमारा ज्यादा फोकस नहीं है। हम तो ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंद तक पहुंचना चाहते हैं। चारों दोस्त पीबीएम अस्पताल में चल रहे सस्ती दर के भोजनालय की जमकर तारीफ भी करते हैं। इसी भोजनालय के कारण पीबीएम में उनसे भोजन लेने वालों की संख्या बहुत कम है।
✍🏻
📒 CP MEDIA
यहां आपके प्रतिष्ठान का विज्ञापन हो सकता है। संपर्क करें - खबरों में बीकानेर
Khabron Me Bikaner 🎤
🙏
BAHUBHASHI
खबरों में बीकानेर पढ़ना और पढ़ाना जीवन सफल बनाना 📚
यहां व्यक्त कीजिए - खबर आपकी नजर में...