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आंगनबाड़ी : नाश्ते व गर्म पूरक पोषाहार की रेसीपी में हुआ बदलाव, बच्चों को सप्ताह में एक दिन मिलेगा दूध : गुणवत्ता के साथ ना हो कोई समझौता - गौतम
केन्द्रों पर 15 फरवरी से बच्चों को सप्ताह में एक दिन मिलेगा दूध
नाश्ते व गरम पूरक पोषाहार की रेसीपी में हुआ बदलाव
गुणवत्ता के साथ ना हो कोई समझौता-गौतम
बीकानेर, 6 फरवरी। बच्चों को कुपोषण से मुक्त बनाने के लिए 15 फरवरी से सप्ताह में 1 दिन बुधवार को सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर नाश्ते में दूध वितरित किया जाएगा। जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने बताया कि 3 से 6 वर्ष के बच्चों को गरम पूरक पोषाहार एवं नाश्ते में राज्य सरकार के निर्देशानुसार बदलाव किया गया है। गौतम गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में महिला बाल विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी। गौतम ने बताया कि सोमवार तथा मंगलवार को नाश्ते में पका केला या मौसमी फल, बुधवार को 100 एमएल दूध, गुरुवार को गर्मी में बेसन का लड्डू तथा सर्दी में तिल का लड्डू, शुक्रवार को मुरमुरे या पोहे नींबू टमाटर के साथ तथा शनिवार को अंकुरित या उबली साबुत दालें नाशते में दी जाएगी। उन्होंने बताया कि इसी प्रकार गर्म भोजन में सोमवार को मीठा दलिया, मंगलवार को रोटी सब्जी और दाल, बुधवार को खिचड़ी गुरुवार को चावल और चना दाल लौकी , शुक्रवार को बाजरे का खिचड़ा या कढ़ी चावल तथा शनिवार को नींबू या आंवला की चटनी के साथ खिचड़ी दी जाएगी।
गुणवत्तापरक पोषाहर के निर्देश
जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने कहा कि जिले में संचालित सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर गुणवत्ता युक्त भोजन मिले , साथ ही बच्चों के लिए स्कूल पूर्व शिक्षा की भी उचित व्यवस्था रहे। यह केंद्र प्री एजुकेशन सेंटर के रूप में भी अपनी अलग पहचान बनाए। साथ ही उन्होंने कहा कि वर्तमान में जो आंगनबाड़ी केंद्र संचालित नहीं हो रहे हैं वहां आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की नियुक्ति का कार्य शीघ्र किया जाए।
गौतम ने कहा कि जिले में जितने भी ऐसे आंगनवाड़ी केंद्र जहां कार्यकर्ता, वह मिनी साहयिका,आशा सहयोगिनी के जो पद रिक्त हैं उन्हें तत्काल भरने की कार्यवाही अमल में लाई जाए। वर्तमान में जिले की तीन पंचायत समितियों में चुनाव हो चुके हैं ऐसे में वहां के चुने गए जनप्रतिनिधियों से संपर्क स्थापित किया जाए साथ ही जहां चुनाव नहीं हुए हैं वहां प्रशासन से संपर्क कर तत्काल रिक्त पद भरे जाएं ताकि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाले बच्चों को भोजन शिक्षा व खेलने की सुविधा आदि सुगमता से मिल सके। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता का चयन बिल्कुल निष्पक्ष होना चाहिए , पात्र व्यक्ति को ही लगाया जाए । साथ ही यह भी ध्यान में रखा जाए कि कोई आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अथवा आशा सहयोगिनी जिसे पूर्व में हटा दिया गया था उसे पुनः नियुक्ति न दी जाए। गौतम ने उपनिदेशक महिला बाल विकास विभाग को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करें । निरीक्षण करते समय विशेष तौर पर ध्यान रखा जाए कि जिले के दूरस्थ इलाकों में संचालित हो रही आंगनबाड़ी केंद्रों का आवश्यक रूप से भौतिक सत्यापन किया जाए। साथ ही सभी सीडीपीओ भी समय-समय पर अपने क्षेत्र की केंद्रों का निरीक्षण करते रहे। उन्होंने कहा कि केंद्र में आने वाले बच्चों को गुणवत्ता युक्त पोषाहार मिले यह हमारी नैतिक जिम्मेदारी है।
जिला कलक्टर ने कहा कि सभी आंगनवाड़ी केंद्र साफ-सुथरे रहे और यह सेंटर पोषाहार के साथ-साथ प्री एजुकेशन सेंटर के रूप में भी अपनी पहचान बनाई। इस बात को ध्यान में रखते हुए कार्यकर्ता बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा भी देवें। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र में जो भोजन दिया जाता है उन पूरी रेसिपीज की सप्ताह भर की सूचना केंद्र के बाहर चस्पा की जाए। साथ ही उपनिदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग के दूरभाष नंबर 0151 222 60 17 भी सेंटर पर लिखें जाए ताकि अगर केंद्र में आंगनबाड़ी केंद्र में पोषाहार ना मिले या कोई अन्य शिकायत हो तो संबंधित गांव का व्यक्ति इन नंबरों पर सूचना दे सकें।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में सभी को मिले लाभ
जिला कलक्टर गौतम ने कहा कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत पात्र महिला को 5 हजार रुपए का भुगतान समय पर हो जाए। इसके लिए आंगनबाड़ी केंद्र की कार्यकर्ता और चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग एक कर्मचारी इसका प्रचार प्रसार करें और गांव में महिला और पुरुषों को योजना के बारे में विस्तार से बताएं । इस योजना के तहत पहली संतान पर 5 हजार रुपए दिए जाते हैं यह राशि तीन किस्तों में दी जाती है पहली किस्त 1 हजार रुपए गर्भधारण करने की सूचना आंगनवाड़ी केंद्र में पंजीकृत करवाने पर तथा दूसरी किस्त 2 हजार रुपए प्रसव पूर्व आवश्यक जांच करवाने पर तथा तीसरी किस्त बच्चे के प्रथम चरण के टीके लगाने और बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने पर बनवा कर प्रस्तुत करने पर दिए जाते हैं। उन्होंने उपनिदेशक महिला बाल विकास व मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के आर सी एच ओ को निर्देश दिए कि योजना में सभी को लाभ मिले इसके लिए दोनों विभाग के अधिकारी और कर्मचारी आपस में समन्वय स्थापित कर कार्य करें।
अक्षय पात्र से जुड़ेंगे कुछ आंगनबाड़ी केंद्र
जिला कलक्टर ने कहा कि ऐसे आंगनबाड़ी केंद्र जो राजकीय विद्यालयों के परिसर में ही संचालित हो रहे हैं और उन स्कूलों में अक्षय पात्र योजना से भोजन की आपूर्ति की जाती है ऐसे सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में भी जल्द ही अक्षय पात्र योजना से भोजन उपलब्ध करवाया जाएगा। इसके लिए महिला बाल विकास विभाग ऐसे केंद्रों की सूची और वहां आने वाले बच्चों की संख्या भी अक्षय पात्र को उपलब्ध करवा दें।
दो पंचायत समितियों के आंगनबाड़ी केंद्र को सीएसआर से जोड़ा जाएगा
जिला कलक्टर ने बताया कि जिले की दो पंचायत समिति क्षेत्र में आने वाले आंगनबाड़ी केंद्रों को सीएसआर से जोड़ा जाएगा। इनमें बीकानेर पंचायत समिति क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्रों को एनएलसी से तथा बज्जू क्षेत्र की आंगनबाड़ी केंद्रों को डीएमएफटी योजना से जोड़ा जाएगा। इन पंचायत समितियों को पायलट प्रोजेक्ट के तहत दोनों से जोड़ा जाएगा और यहां सभी सुविधाएं और बेहतर की जाएगी । इनके परिणाम आने के बाद अन्य क्षेत्र की आंगनवाड़ी केंद्रों को भी विभिन्न योजनाओं के तहत सीएसआर से जोड़ने की कार्यवाही की जाएगी। बैठक में उपनिदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग शारदा चैधरी, चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के आरसीएचओ डाॅ रमेश गुप्ता सहित विभिन्न अधिकारी उपस्थित थे।
नंदिनी योजना के रूप में गौतम ने की थी शुरुआत
गौतम ने नागौर में जिला कलक्टर के रूप में कार्य करते हुए वहां 608 आंगनबाड़ी केन्द्रों पर बच्चों को दूध उपलब्ध करवाने की योजना प्रारंभ की थी। नंदिनी योजना के नाम से अगस्त 2017 में प्रारम्भ किए गए इस प्रोजेक्ट मे जिले के आंगनबाड़ी केद्रों पर 6 वर्ष तक के बच्चों के पोषाहार में दूध को सम्मिलित किया गया था। गौतम ने बताया कि नंदिनी योजना को लागू करने में भामाशाहों के सहयोग लिया गया। कलक्टर ने एक केन्द्र को गोद लेकर उसमें दूध पर आने वाला खर्च वहन किया। इसके अतिरिक्त कई अन्य अधिकारियों ने भी आंगनवाड़ी केंद्र गोद में लेकर इस योजना के क्रियान्वयन में सहयोग दिया था।
गुणवत्ता की जांच करेगी कमेटी
जिले में आंगनबाड़ी केन्द्रों पर वितरित किए जा रहे पोषाहार की गुणवत्ता की जांच के लिए जिला कलक्टर ने कमेटी गठित की है। इस कमेटी में प्रशिक्षु आईएएस अभिषेक सुराणा, जिला रसद अधिकारी, अतिरिक्त कोषाधिकारी तथा जिला शिक्षा अधिकारी प्रारम्भिक सदस्य होंगे। कमेटी नियमित रूप से जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
गुणवत्ता के साथ ना हो कोई समझौता-गौतम
बीकानेर, 6 फरवरी। बच्चों को कुपोषण से मुक्त बनाने के लिए 15 फरवरी से सप्ताह में 1 दिन बुधवार को सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर नाश्ते में दूध वितरित किया जाएगा। जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने बताया कि 3 से 6 वर्ष के बच्चों को गरम पूरक पोषाहार एवं नाश्ते में राज्य सरकार के निर्देशानुसार बदलाव किया गया है। गौतम गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में महिला बाल विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी। गौतम ने बताया कि सोमवार तथा मंगलवार को नाश्ते में पका केला या मौसमी फल, बुधवार को 100 एमएल दूध, गुरुवार को गर्मी में बेसन का लड्डू तथा सर्दी में तिल का लड्डू, शुक्रवार को मुरमुरे या पोहे नींबू टमाटर के साथ तथा शनिवार को अंकुरित या उबली साबुत दालें नाशते में दी जाएगी। उन्होंने बताया कि इसी प्रकार गर्म भोजन में सोमवार को मीठा दलिया, मंगलवार को रोटी सब्जी और दाल, बुधवार को खिचड़ी गुरुवार को चावल और चना दाल लौकी , शुक्रवार को बाजरे का खिचड़ा या कढ़ी चावल तथा शनिवार को नींबू या आंवला की चटनी के साथ खिचड़ी दी जाएगी।
गुणवत्तापरक पोषाहर के निर्देश
जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने कहा कि जिले में संचालित सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर गुणवत्ता युक्त भोजन मिले , साथ ही बच्चों के लिए स्कूल पूर्व शिक्षा की भी उचित व्यवस्था रहे। यह केंद्र प्री एजुकेशन सेंटर के रूप में भी अपनी अलग पहचान बनाए। साथ ही उन्होंने कहा कि वर्तमान में जो आंगनबाड़ी केंद्र संचालित नहीं हो रहे हैं वहां आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की नियुक्ति का कार्य शीघ्र किया जाए।
गौतम ने कहा कि जिले में जितने भी ऐसे आंगनवाड़ी केंद्र जहां कार्यकर्ता, वह मिनी साहयिका,आशा सहयोगिनी के जो पद रिक्त हैं उन्हें तत्काल भरने की कार्यवाही अमल में लाई जाए। वर्तमान में जिले की तीन पंचायत समितियों में चुनाव हो चुके हैं ऐसे में वहां के चुने गए जनप्रतिनिधियों से संपर्क स्थापित किया जाए साथ ही जहां चुनाव नहीं हुए हैं वहां प्रशासन से संपर्क कर तत्काल रिक्त पद भरे जाएं ताकि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाले बच्चों को भोजन शिक्षा व खेलने की सुविधा आदि सुगमता से मिल सके। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता का चयन बिल्कुल निष्पक्ष होना चाहिए , पात्र व्यक्ति को ही लगाया जाए । साथ ही यह भी ध्यान में रखा जाए कि कोई आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अथवा आशा सहयोगिनी जिसे पूर्व में हटा दिया गया था उसे पुनः नियुक्ति न दी जाए। गौतम ने उपनिदेशक महिला बाल विकास विभाग को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करें । निरीक्षण करते समय विशेष तौर पर ध्यान रखा जाए कि जिले के दूरस्थ इलाकों में संचालित हो रही आंगनबाड़ी केंद्रों का आवश्यक रूप से भौतिक सत्यापन किया जाए। साथ ही सभी सीडीपीओ भी समय-समय पर अपने क्षेत्र की केंद्रों का निरीक्षण करते रहे। उन्होंने कहा कि केंद्र में आने वाले बच्चों को गुणवत्ता युक्त पोषाहार मिले यह हमारी नैतिक जिम्मेदारी है।
जिला कलक्टर ने कहा कि सभी आंगनवाड़ी केंद्र साफ-सुथरे रहे और यह सेंटर पोषाहार के साथ-साथ प्री एजुकेशन सेंटर के रूप में भी अपनी पहचान बनाई। इस बात को ध्यान में रखते हुए कार्यकर्ता बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा भी देवें। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र में जो भोजन दिया जाता है उन पूरी रेसिपीज की सप्ताह भर की सूचना केंद्र के बाहर चस्पा की जाए। साथ ही उपनिदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग के दूरभाष नंबर 0151 222 60 17 भी सेंटर पर लिखें जाए ताकि अगर केंद्र में आंगनबाड़ी केंद्र में पोषाहार ना मिले या कोई अन्य शिकायत हो तो संबंधित गांव का व्यक्ति इन नंबरों पर सूचना दे सकें।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में सभी को मिले लाभ
जिला कलक्टर गौतम ने कहा कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत पात्र महिला को 5 हजार रुपए का भुगतान समय पर हो जाए। इसके लिए आंगनबाड़ी केंद्र की कार्यकर्ता और चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग एक कर्मचारी इसका प्रचार प्रसार करें और गांव में महिला और पुरुषों को योजना के बारे में विस्तार से बताएं । इस योजना के तहत पहली संतान पर 5 हजार रुपए दिए जाते हैं यह राशि तीन किस्तों में दी जाती है पहली किस्त 1 हजार रुपए गर्भधारण करने की सूचना आंगनवाड़ी केंद्र में पंजीकृत करवाने पर तथा दूसरी किस्त 2 हजार रुपए प्रसव पूर्व आवश्यक जांच करवाने पर तथा तीसरी किस्त बच्चे के प्रथम चरण के टीके लगाने और बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने पर बनवा कर प्रस्तुत करने पर दिए जाते हैं। उन्होंने उपनिदेशक महिला बाल विकास व मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के आर सी एच ओ को निर्देश दिए कि योजना में सभी को लाभ मिले इसके लिए दोनों विभाग के अधिकारी और कर्मचारी आपस में समन्वय स्थापित कर कार्य करें।
अक्षय पात्र से जुड़ेंगे कुछ आंगनबाड़ी केंद्र
जिला कलक्टर ने कहा कि ऐसे आंगनबाड़ी केंद्र जो राजकीय विद्यालयों के परिसर में ही संचालित हो रहे हैं और उन स्कूलों में अक्षय पात्र योजना से भोजन की आपूर्ति की जाती है ऐसे सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में भी जल्द ही अक्षय पात्र योजना से भोजन उपलब्ध करवाया जाएगा। इसके लिए महिला बाल विकास विभाग ऐसे केंद्रों की सूची और वहां आने वाले बच्चों की संख्या भी अक्षय पात्र को उपलब्ध करवा दें।
दो पंचायत समितियों के आंगनबाड़ी केंद्र को सीएसआर से जोड़ा जाएगा
जिला कलक्टर ने बताया कि जिले की दो पंचायत समिति क्षेत्र में आने वाले आंगनबाड़ी केंद्रों को सीएसआर से जोड़ा जाएगा। इनमें बीकानेर पंचायत समिति क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्रों को एनएलसी से तथा बज्जू क्षेत्र की आंगनबाड़ी केंद्रों को डीएमएफटी योजना से जोड़ा जाएगा। इन पंचायत समितियों को पायलट प्रोजेक्ट के तहत दोनों से जोड़ा जाएगा और यहां सभी सुविधाएं और बेहतर की जाएगी । इनके परिणाम आने के बाद अन्य क्षेत्र की आंगनवाड़ी केंद्रों को भी विभिन्न योजनाओं के तहत सीएसआर से जोड़ने की कार्यवाही की जाएगी। बैठक में उपनिदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग शारदा चैधरी, चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के आरसीएचओ डाॅ रमेश गुप्ता सहित विभिन्न अधिकारी उपस्थित थे।
नंदिनी योजना के रूप में गौतम ने की थी शुरुआत
गौतम ने नागौर में जिला कलक्टर के रूप में कार्य करते हुए वहां 608 आंगनबाड़ी केन्द्रों पर बच्चों को दूध उपलब्ध करवाने की योजना प्रारंभ की थी। नंदिनी योजना के नाम से अगस्त 2017 में प्रारम्भ किए गए इस प्रोजेक्ट मे जिले के आंगनबाड़ी केद्रों पर 6 वर्ष तक के बच्चों के पोषाहार में दूध को सम्मिलित किया गया था। गौतम ने बताया कि नंदिनी योजना को लागू करने में भामाशाहों के सहयोग लिया गया। कलक्टर ने एक केन्द्र को गोद लेकर उसमें दूध पर आने वाला खर्च वहन किया। इसके अतिरिक्त कई अन्य अधिकारियों ने भी आंगनवाड़ी केंद्र गोद में लेकर इस योजना के क्रियान्वयन में सहयोग दिया था।
गुणवत्ता की जांच करेगी कमेटी
जिले में आंगनबाड़ी केन्द्रों पर वितरित किए जा रहे पोषाहार की गुणवत्ता की जांच के लिए जिला कलक्टर ने कमेटी गठित की है। इस कमेटी में प्रशिक्षु आईएएस अभिषेक सुराणा, जिला रसद अधिकारी, अतिरिक्त कोषाधिकारी तथा जिला शिक्षा अधिकारी प्रारम्भिक सदस्य होंगे। कमेटी नियमित रूप से जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
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