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विधि का शासन संविधान की एक महत्वपूर्ण विशेषता - उच्च शिक्षा मंत्री भाटी
बीकानेर, 07 फरवरी। उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी ने कहा कि विधि का शासन संविधान की एक महत्वपूर्ण विशेषता है। विधि सर्वोच्च है तथा इससे ऊपर कोई नहीं है। विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका प्रजातंत्र के स्तम्भ है। तीनों आधार स्तम्भ है लेकिन मौजूदा समय में न्यायपालिका की भूमिका सर्वाधिक है।
उच्च शिक्षा मंत्री भाटी शुक्रवार को राजकीेय विधि महाविद्यालय के छात्र संघ कार्यालय के उद्घाटन एवं वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि विधि के द्वारा ही समाज में विद्यमान कुरूतियों को समाप्त किया गया। उन्होंने कहा कि विधि समाज के संरक्षक के रूप में कार्य करती है। सती प्रथा, दास प्रथा तथा बाल विवाह का अंत विधि के द्वारा ही संभव हो सका।
उच्च शिक्षा मंत्री ने विधि की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लोक कल्याणकारी राज्य में सामाजिक परिवर्तन संभव हुआ है। कल्याणकारी राज्य की अवधारणा साकार हो सके इस लिए विधियों का निर्माण किया गया। बालश्रम प्रतिशेध कानूनों का निर्माण, श्रमिकों की दशा सुधारने के लिए विधिया, महिलाओं की स्थिति में सुधार के कानून बने। उन्होंने वर्तमान में बढ़ते हुए अपराधों पर नियंत्रण पर जोर दिया और कहा कि अपराधों के निवारण हेतु विधि सशक्त माध्यम है, जितनी विधि सुदृढ़ होगी उतना ही समाज सुदृढ़ होगा।
भाटी ने राजकीय विधि काॅलेज की उपलब्धियों की सराहना करते हुए हाल ही आर.जे.एस. परीक्षा में चयनित छात्रों को बधाई दी और आशा वक्त कि यहां से जो भी छात्र जज व वकील बने है, वे पीड़ित को सस्ता और समय पर न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे कम ही उदाहरण मिलते है, जब किसी काॅलेज के छात्र संघ के पदाधिकारी काॅलेज टाॅपर हुए हैं। उन्हांेने कहा कि इस बार इस काॅलेज के 6 छात्र जज बने हैं, आशा करता हूं कि आगामी परीक्षा में यहां से और अधिक जज बने।
भाटी ने कहा कि इस महाविद्यालय की जो भी समस्याएं है, उनका समाधान करवाना उनकी प्राथमिकता में है। उन्होंने विधि महाविद्यालय के प्राचार्य भगवानाराम बिश्नाई द्वारा प्रस्तुत मांगों पर कहा कि काॅलेज के आॅपन स्पेश को टीन शैड से कवर करवाने, साईकिल स्टेण्ड बनाने, खेल मैदान विकसित करने आदि के प्रस्ताव बनाकर, प्रेषित करें ताकि इनकी स्वीकृति जारी की जा सके।
महाराजा गंगासिंह विश्व विद्यालय में तीन पाठ्यक्रम स्वीकृत-
उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय में स्नातकोत्तर स्तर पर 3 नए पाठ्यक्रम प्रारंभ करने की स्वीकृति जारी करते हुए नए पदों का सजृन किया है। उन्होंने कहा कि भूगोल, वाणिज्य एवं प्रबंधन तथा फाइन आर्ट्स (ड्राइंग एंड पेंटिंग) प्रारंभ करने के लिए शैक्षणिक और वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी गई है। इन पाठ्यक्रमों को पढ़ाने के लिए शैक्षणिक संवर्ग के नवीन पदों का सृजन किया गया है। उन्होंने बताया कि भूगोल विषय के लिए आचार्य का एक पद, सह आचार्य के दो तथा सहायक आचार्य के 3 पद सृजित किए गए हैं। इसी प्रकार वाणिज्य एवं प्रबंधन में आचार्य का एक, सह आचार्य के दो तथा सहायक आचार्य के 3 पद सृजित किए गए हैं। भाटी ने कहा कि फाइन आर्ट्स ( ड्राइंग एवं पेंटिंग ) विषय के लिए भी आचार्य का एक , सह आचार्य के दो तथा सहायक आचार्य के 3 पदों का सृजन किया गया है । इन पदों पर शीघ्र भर्ती की जायेगी और अगले सत्र से पाठ्यक्रम प्रारंभ कर दिए जायेंगे।
भाटी ने कहा कि गंगासिंह विश्व विद्यालय को राजकीय डूंगर काॅलेज, राजकीय महारानी सुर्दशन कन्या महाविद्यालय को संगठक काॅलेज बनाना विचाराधीन है। विधि काॅलेज की मांग आई है कि इस काॅलेज को भी विश्वविद्यालय से सबद्ध किया जो तो उसे भी शामिल किया जायेगा। उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय में पांच वर्षीय विधि कोर्स प्रारंभ कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस पाठ्यक्रम में शीघ्र ही स्थाई के रूप से रिक्त पदों को भर दिया जायेगा।
उन्होंने स्थानीय काॅलेजों में विकास करवाने की जानकारी देते हुए कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने डूंगर काॅलेज को पीटीटीई का नोडल बनाया है। इस परीक्षा से मिलने वाली राशि को महाविद्यालयों के विकास पर खर्च की जायेगी।
इस अवसर पर पूर्व प्रतिपक्ष नेता रामेश्वर लाल डूडी ने विधि महाविद्यालय और महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय के टाॅपर छात्रों में छात्राओं की संख्या अधिक होने पर समाज के लिए शुभ संकेत बताया और कहा कि बदलते परिवेश में अब माता-पिता अपनी बच्चियों को शिक्षित कर रहे है। उन्होंने कहा कि पहले बालिकाओं को शिक्षा से वंचित रखा जाता था, परन्तु अब हालात बदले हैं। लोगों की सोच में बदलावा आने से प्रदेश में बालिकाएं हर क्षेत्र में नाम रोशन कर रही है।
इस अवसर पर विधि महाविद्यालय के प्राचार्य भगवाना राम बिशनोई ने विधि महाविद्यालय के इतिहास एवं उसकी उपलब्धियों पर विस्तार से जानकारी दी। छात्र संघ अध्यक्ष सूर्य प्रकाश चैधरी ने छात्रसंघ की गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में बिशनाराम सियाग, विधि छात्रा विद्या भाटी, शशी शर्मा ने भी विचार व्यक्त किए। एडवोकेट एवं आरटीआई कार्यकता गोरधन सिंह ने आरटीआई की जानकारी दी। संचालन विधि काॅलेज के व्याख्याता डाॅ. कुलदीप सिंह ने किया।
इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री भाटी व पूर्व प्रतिपक्ष नेता डूडी ने वर्ष 2019 में चयनित न्यायिक अधिकारी घ्वनि तंवर, दीपिका रामावत, भानुप्रिया, लोकेश परिहार, हुमा कोहरी, मीनाक्षी अग्रवाल और योगेश कुमार जोशी (एडीजे में चयन) होने पर स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया।
इस मौके पर सहायक निदेशक काॅलेज शिक्षा राकेश हर्ष, हेतराम, कुलदीप शर्मा, श्रीडूंगरगढ़ के पूर्व प्रधान सूरजमल चैधरी, जिला प्रमुख सुशीला सीवर, उपकुल सचिव बिठ्ठल बिस्सा, राजेन्द्र मूण्ड, भागीरथ, संत बाल योगी, छात्रसंघ की उपाध्यक्ष खुशबू मारू, महासचिव चेतना व संावरमल कूकणा सहित विधि काॅलेज के छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
इससे पहले उच्च शिक्षा मंत्री भाटी व पूर्व सांसद डूडी ने विधि महाविद्यालय छात्र संघ कार्यालय का उद्घाटन किया।
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विधि का शासन संविधान की एक महत्वपूर्ण विशेषता - उच्च शिक्षा मंत्री भाटी
बीकानेर, 07 फरवरी। उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी ने कहा कि विधि का शासन संविधान की एक महत्वपूर्ण विशेषता है। विधि सर्वोच्च है तथा इससे ऊपर कोई नहीं है। विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका प्रजातंत्र के स्तम्भ है। तीनों आधार स्तम्भ है लेकिन मौजूदा समय में न्यायपालिका की भूमिका सर्वाधिक है।
उच्च शिक्षा मंत्री भाटी शुक्रवार को राजकीेय विधि महाविद्यालय के छात्र संघ कार्यालय के उद्घाटन एवं वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि विधि के द्वारा ही समाज में विद्यमान कुरूतियों को समाप्त किया गया। उन्होंने कहा कि विधि समाज के संरक्षक के रूप में कार्य करती है। सती प्रथा, दास प्रथा तथा बाल विवाह का अंत विधि के द्वारा ही संभव हो सका।
उच्च शिक्षा मंत्री ने विधि की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लोक कल्याणकारी राज्य में सामाजिक परिवर्तन संभव हुआ है। कल्याणकारी राज्य की अवधारणा साकार हो सके इस लिए विधियों का निर्माण किया गया। बालश्रम प्रतिशेध कानूनों का निर्माण, श्रमिकों की दशा सुधारने के लिए विधिया, महिलाओं की स्थिति में सुधार के कानून बने। उन्होंने वर्तमान में बढ़ते हुए अपराधों पर नियंत्रण पर जोर दिया और कहा कि अपराधों के निवारण हेतु विधि सशक्त माध्यम है, जितनी विधि सुदृढ़ होगी उतना ही समाज सुदृढ़ होगा।
भाटी ने राजकीय विधि काॅलेज की उपलब्धियों की सराहना करते हुए हाल ही आर.जे.एस. परीक्षा में चयनित छात्रों को बधाई दी और आशा वक्त कि यहां से जो भी छात्र जज व वकील बने है, वे पीड़ित को सस्ता और समय पर न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे कम ही उदाहरण मिलते है, जब किसी काॅलेज के छात्र संघ के पदाधिकारी काॅलेज टाॅपर हुए हैं। उन्हांेने कहा कि इस बार इस काॅलेज के 6 छात्र जज बने हैं, आशा करता हूं कि आगामी परीक्षा में यहां से और अधिक जज बने।
भाटी ने कहा कि इस महाविद्यालय की जो भी समस्याएं है, उनका समाधान करवाना उनकी प्राथमिकता में है। उन्होंने विधि महाविद्यालय के प्राचार्य भगवानाराम बिश्नाई द्वारा प्रस्तुत मांगों पर कहा कि काॅलेज के आॅपन स्पेश को टीन शैड से कवर करवाने, साईकिल स्टेण्ड बनाने, खेल मैदान विकसित करने आदि के प्रस्ताव बनाकर, प्रेषित करें ताकि इनकी स्वीकृति जारी की जा सके।
महाराजा गंगासिंह विश्व विद्यालय में तीन पाठ्यक्रम स्वीकृत-
उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय में स्नातकोत्तर स्तर पर 3 नए पाठ्यक्रम प्रारंभ करने की स्वीकृति जारी करते हुए नए पदों का सजृन किया है। उन्होंने कहा कि भूगोल, वाणिज्य एवं प्रबंधन तथा फाइन आर्ट्स (ड्राइंग एंड पेंटिंग) प्रारंभ करने के लिए शैक्षणिक और वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी गई है। इन पाठ्यक्रमों को पढ़ाने के लिए शैक्षणिक संवर्ग के नवीन पदों का सृजन किया गया है। उन्होंने बताया कि भूगोल विषय के लिए आचार्य का एक पद, सह आचार्य के दो तथा सहायक आचार्य के 3 पद सृजित किए गए हैं। इसी प्रकार वाणिज्य एवं प्रबंधन में आचार्य का एक, सह आचार्य के दो तथा सहायक आचार्य के 3 पद सृजित किए गए हैं। भाटी ने कहा कि फाइन आर्ट्स ( ड्राइंग एवं पेंटिंग ) विषय के लिए भी आचार्य का एक , सह आचार्य के दो तथा सहायक आचार्य के 3 पदों का सृजन किया गया है । इन पदों पर शीघ्र भर्ती की जायेगी और अगले सत्र से पाठ्यक्रम प्रारंभ कर दिए जायेंगे।
भाटी ने कहा कि गंगासिंह विश्व विद्यालय को राजकीय डूंगर काॅलेज, राजकीय महारानी सुर्दशन कन्या महाविद्यालय को संगठक काॅलेज बनाना विचाराधीन है। विधि काॅलेज की मांग आई है कि इस काॅलेज को भी विश्वविद्यालय से सबद्ध किया जो तो उसे भी शामिल किया जायेगा। उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय में पांच वर्षीय विधि कोर्स प्रारंभ कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस पाठ्यक्रम में शीघ्र ही स्थाई के रूप से रिक्त पदों को भर दिया जायेगा।
उन्होंने स्थानीय काॅलेजों में विकास करवाने की जानकारी देते हुए कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने डूंगर काॅलेज को पीटीटीई का नोडल बनाया है। इस परीक्षा से मिलने वाली राशि को महाविद्यालयों के विकास पर खर्च की जायेगी।
इस अवसर पर पूर्व प्रतिपक्ष नेता रामेश्वर लाल डूडी ने विधि महाविद्यालय और महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय के टाॅपर छात्रों में छात्राओं की संख्या अधिक होने पर समाज के लिए शुभ संकेत बताया और कहा कि बदलते परिवेश में अब माता-पिता अपनी बच्चियों को शिक्षित कर रहे है। उन्होंने कहा कि पहले बालिकाओं को शिक्षा से वंचित रखा जाता था, परन्तु अब हालात बदले हैं। लोगों की सोच में बदलावा आने से प्रदेश में बालिकाएं हर क्षेत्र में नाम रोशन कर रही है।
इस अवसर पर विधि महाविद्यालय के प्राचार्य भगवाना राम बिशनोई ने विधि महाविद्यालय के इतिहास एवं उसकी उपलब्धियों पर विस्तार से जानकारी दी। छात्र संघ अध्यक्ष सूर्य प्रकाश चैधरी ने छात्रसंघ की गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में बिशनाराम सियाग, विधि छात्रा विद्या भाटी, शशी शर्मा ने भी विचार व्यक्त किए। एडवोकेट एवं आरटीआई कार्यकता गोरधन सिंह ने आरटीआई की जानकारी दी। संचालन विधि काॅलेज के व्याख्याता डाॅ. कुलदीप सिंह ने किया।
इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री भाटी व पूर्व प्रतिपक्ष नेता डूडी ने वर्ष 2019 में चयनित न्यायिक अधिकारी घ्वनि तंवर, दीपिका रामावत, भानुप्रिया, लोकेश परिहार, हुमा कोहरी, मीनाक्षी अग्रवाल और योगेश कुमार जोशी (एडीजे में चयन) होने पर स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया।
इस मौके पर सहायक निदेशक काॅलेज शिक्षा राकेश हर्ष, हेतराम, कुलदीप शर्मा, श्रीडूंगरगढ़ के पूर्व प्रधान सूरजमल चैधरी, जिला प्रमुख सुशीला सीवर, उपकुल सचिव बिठ्ठल बिस्सा, राजेन्द्र मूण्ड, भागीरथ, संत बाल योगी, छात्रसंघ की उपाध्यक्ष खुशबू मारू, महासचिव चेतना व संावरमल कूकणा सहित विधि काॅलेज के छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
इससे पहले उच्च शिक्षा मंत्री भाटी व पूर्व सांसद डूडी ने विधि महाविद्यालय छात्र संघ कार्यालय का उद्घाटन किया।
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