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बीकानेरी फागोत्सव : थम्ब रोपण 9 फरवरी से फागुणी माहौल बनेगा, फुलेरा दूज पर अबूझ सावा
माघ माह की पूर्णिमा 9 फरवरी को होली के थम्ब रोपण के साथ शहर में फागोत्सव की शुरुआत होगी। जगह-जगह मंदिरों और कई संस्थाओं की ओर से फागोत्सव कार्यक्रम होंगे। चंग और डफ की थाप पर होली की गीतों की बयार बहेगी।
*खबरों में बीकानेर* 🎤 🌐 *तो... बीकानेर में फरवरी के दूसरे सप्ताह में भी सहनी पड़ेगी "ठंड"* https://bahubhashi.blogspot.com/2020/02/blog-post_70.html
थम्ब रोपण के ठीक एक महीने बाद 9 मार्च को होलिका दहन होगा। 10 मार्च को धुलंडी होगी। पंडितों के मुताबिक फाल्गुन शुक्ल अष्टमी तीन मार्च से पूर्णिमा नौ मार्च तक होलाष्टक रहेंगे। इस समयावधि में शुभ कार्य पूर्णतया वर्जित रहेंगे। शास्त्रानुसार होलाष्टक में भक्त प्रहलाद को भगवान की भक्ति सेे क्रोधित होकर हिरण्यकश्यप ने आठ दिनों में कई तरह के कष्ट दिए थे। तभी से इस समयावधि में कोई शुभ कार्य नहीं किए जाते।
साल के दूसरे बड़े अबूझ सावा 25 फरवरी को फुलेरा दूज के मौके पर शहर में बड़ी संख्या में एकल और सामूहिक विवाह सम्मेलनों की धूम रहेगी। पं.पुरुषोत्तम गौड़ ने बताया कि डांडा रोपने के बाद होलाष्टक से पूर्व कई अच्छे संयोगों में सभी कार्य किए जा सकते हैं।
(साभार अभय इंडिया )
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बीकानेरी फागोत्सव : थम्ब रोपण 9 फरवरी से फागुणी माहौल बनेगा, फुलेरा दूज पर अबूझ सावा
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थम्ब रोपण के ठीक एक महीने बाद 9 मार्च को होलिका दहन होगा। 10 मार्च को धुलंडी होगी। पंडितों के मुताबिक फाल्गुन शुक्ल अष्टमी तीन मार्च से पूर्णिमा नौ मार्च तक होलाष्टक रहेंगे। इस समयावधि में शुभ कार्य पूर्णतया वर्जित रहेंगे। शास्त्रानुसार होलाष्टक में भक्त प्रहलाद को भगवान की भक्ति सेे क्रोधित होकर हिरण्यकश्यप ने आठ दिनों में कई तरह के कष्ट दिए थे। तभी से इस समयावधि में कोई शुभ कार्य नहीं किए जाते।
साल के दूसरे बड़े अबूझ सावा 25 फरवरी को फुलेरा दूज के मौके पर शहर में बड़ी संख्या में एकल और सामूहिक विवाह सम्मेलनों की धूम रहेगी। पं.पुरुषोत्तम गौड़ ने बताया कि डांडा रोपने के बाद होलाष्टक से पूर्व कई अच्छे संयोगों में सभी कार्य किए जा सकते हैं।
(साभार अभय इंडिया )
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