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राष्ट्रीय लोक अदालत : रखे गए लम्बित 3866 प्रकरणों में से 1211 का निस्तारण, 11 करोड़ 99 लाख, 70हजार, 462/- का अवार्ड पारित
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बीकानेर के द्वारा दिनांक 14.12.2019 को राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की गयी। जिसमें जिला मुख्यालय, बीकानेर एवम् प्रत्येक ताल्लुका नोखा/श्रीडूंगरगढ/कोलायत/लूणकरणसर /खाजूवाला मुख्यालय पर सभी प्रकृति के विवादों के निस्तारण व प्रि-लिटिगेशन और लम्बित प्रकरणों को समाहित करते हुए शमनीय दाण्डिक अपराध, अंतर्गत धारा 138, परक्राम्य विलेख अधिनियम, बैक रिकवरी मामले, एमएसीटी मामले, पारिवारिक विवाद, श्रम विवाद, भूमि अधिग्रहण मामले, बिजली व पानी के बिल (चोरी के अलावा), मजदूरी, भत्ते और पेंशन भत्तों से संबंधित सेवा मामले, राजस्व मामले, अन्य सिविल मामले किराया, सुखाधिकार, निषेधाज्ञा दावे एवं विनिर्दिष्ट पालना दावे) आदि का अधिकाधिक रूप से निस्तारण लोक अदालत के माध्यम से किया गया। इसके साथ ही स्थाई लोक अदालत की अध्यक्ष श्रीमति कमलदत्त द्वारा जनउपयोगी सेवाओं से संबंधित तथा पानी, बिजली से संबंधित प्रकरणों का निपटारा किया गया है।
श्रीमान् राम अवतार सोनी (अतिरिक्त कार्यभार), जिला एवम् सेशन न्यायाधीश बीकानेर ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में न्यायालयों में लम्बित प्रकरणों में से कुल 3866 प्रकरण लोक अदालत में रखे गये। जिनमें 1211 प्रकरणों का लोक अदालत की भावना से निस्तारण हुआ तथा 119970462/- राशि का अवार्ड पारित किया गया। इसके अलावा प्रि-लिटीगेशन के 10738 प्रकरण रखे गये जिनमें से 297 प्रकरणों का निस्तारण लोक अदालत की भावना से होकर उनमें से 38847423/- राशि का अवार्ड पारित किया गया।
पवन कुमार अग्रवाल, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (अपर जिला एवम् सेशन न्यायाधीश), बीकानेर ने बताया कि वर्तमान समय में वैकल्पिक विवाद निस्तारण का एक महत्वपूर्ण माध्यम लोक अदालत है लोक अदालत के माध्यम से पक्षकारों को बिना किसी खर्चे के त्वरित न्याय मिलता है एवम् उसकी अपील भी नहीं होती है।
पवन कुमार अग्रवाल, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बीकानेर ने लोक अदालत बैंचों के सभी सदस्यों, अधिवक्तागण, समस्त बैंकों के मैंनेजर/अधिकारीगण, पक्षकारों, कर्मचारीगण का इस लोक अदालत के आयोजन में सकारात्मक भूमिका अदा करने के लिये धन्यवाद प्रकट किया एवम अपील की कि भविष्य में भी आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालतों में समाज का प्रत्येक वर्ग सकारात्मक योगदान देवें।
(पवन कुमार अग्रवाल )
सचिव
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण
(अपर जिला एवम् सेशन न्यायाधीश)
बीकानेर
जिला एवम् सेशन न्यायालय, बीकानेर
पारिवारिक न्यायालय नं. 01, बीकानेर।
पारिवारिक न्यायालय, बीकानेर में आज चतुर्थ राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजन के दौरान आपसी समझाईश से 44 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। पीठासीन अधिकारी श्री विनोद कुमार सोनी, ने बताया कि इनमें से एक प्रकरण में पति पत्नि सरोज व पवन का विवाह दिनांक 27.03.2016 को हुआ था, उनके एक संतान पुत्री भी है। दोनों पति पत्नि के बीच आपसी अनवन हो जाने से वे दोनों पिछले करीब 3 साल से एक दूसरे से अलग अलग रह कर जीवन व्यापन कर रहे थे, उनके मध्य न्यायालय में तीन प्रकरण लम्बित थे। दोनों को आज लोक अदालत में समझाईश करवाई गई, जिस पर दोनों ने लोक अदालत की भावना से प्रेरित होकर पुराने सब झबड़ो को समाप्त कर इनके मध्य लम्बित समस्त प्रकरणों का निस्ताण करवाते हुए बतौर पति पत्नि सुखद दाम्पत्य जीवन व्यतीत करने के लिये न्यायालय से ही घर साथ गए। इस दौरान न्यायालय में उनके परिवारजन भी उपस्थित रहे।
अति. न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या 02, बीकानेर।
36 साल के बाद प्रकरण का राजीनामा के जरिये निस्तारण
न्यायालय अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश संख्या 02 बीकानेर में लम्बित 36 साल पुराने प्रकरण ’’आनन्द सिंह बनाम प्रहलाद राम’’ में राष्ट्रीय लोक अदालत बैंच की अध्यक्ष श्री विजय कुमार अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश संख्या 02, बीकानेर के द्वारा दिनांक 14.12.2019 को पक्षकारों में समझाईश करवाकर निर्णय पारित किया गया। यह प्रकरण वर्ष-1983 से लंबित था। इसमें न्यायालय व अधिवक्तागण द्वारा अथक प्रयास कर उक्त प्रकरण लोक अदालत की भावना से जरिये राजीनामा निस्तारित किया गया। इस प्रकार 36 वर्ष पश्चात् पक्षकारान को राष्ट्रीय लोक आदलत के द्वारा न्याय प्रदान किया गया।
न्यायालय - मोटरयान दुर्घटना दावा अधिकरण, बीकानेर।
पीठासीन अधिकारी- शंकर लाल गुप्ता, (जिला न्यायाधीश संवर्ग)
एक ही प्रकरण में लोक अदालत में दिलाया 52,51,000/- रू. का अवार्ड
न्यायालय मोटरयान दुर्घटना दावा अधिकरण द्वारा दिनांक 14.12.2019 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसमें समझाईश से 2 बड़े निर्णय पारित किये गये। जिसमें श्याम सुंदर पुत्र स्वं नेतानाथ उम्र 54 वर्ष, द्वारा दुर्घटना मुआवजा दावा इस न्यायालय में मृतक के वारिसान/प्रार्थीगण के अधिवक्ता श्री रविकांत वर्मा के द्वारा पेश किया गया था। जिसमे एस.बी.आई जनरल इश्योरेंस कम्पनी के मध्य राजीनामा करवाया जाकर प्रार्थीगण को 52,51,000/- रूपये का अवार्ड पारित किया गया था। इसके साथ ही दूसरे मुकद्में में लक्ष्मीनारायण पुत्र मांगीलाल भार्गव आयु 54 वर्ष, द्वारा दुर्घटना मुआवजा द्वारा इस न्यायालय में मृतक के वारिसान की और से अधिवक्ता श्री विक्रम सिंह बीदावत द्वारा पेश किया गया था। जिसमें आई.सी.आई.सी.आई लोम्बार्ड जनरल इश्योरेंस कम्पनी के मध्य राजीनामा करवाया जाकर प्रार्थीगण को 23,25,000/-रूपये का अवार्ड पारित किया गया तथा कुल 238 प्रकरणों में से 80 प्रकरणों का निस्तारण किया जाकर लोक अदालत में राजीनामा करवाकर 33144000/- का अवार्ड पारित किया गया।
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