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खबरों में बीकानेर 🎤 🌐
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गिरनार स्पर्शना के दर्शन कर साधक हुए अभिभूत
बीकानेर, 4 अक्टूबर। खरतरगच्छ गच्छाधिपति आचार्यश्री जिन मणि प्रभ सूरिश्वरजी म.सा. की आज्ञानुवर्तिनी, प्रवर्तिनी साध्वीश्री शशि प्रभा म.सा. के सान्निध्य में रविवार को चैन्नई के सुरेश भाई व भाविक शाह मुंबई ने भाव व शब्दों से वीड़ियों व अपनी वाणी तथा भजनों के माध्यम से गिरनार स्पर्शना के दर्शन से सैकड़ों श्रोताओं को जूनागढ,गुजरात के पहाड़ों पर स्थित़ के जैन तीर्थं स्थल से रूबरू करवाया। श्रावक-श्राविकाएं निमग्न हो कर इस तरह चार घंटें तक बैठ रहें मानो गिरनार तीर्थ की यात्रा कर रहे हो वहां देव दर्शन कर रहे हो ।
अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति, शत्रुंजय एवं गिरनार तीर्थ की महिमा को जन-जन तक पहुंचाने वाले शासन रत्न से विभूषित चेन्नई के सुरेश भाई व मुंबई के भाविक शाह ने गिरनार स्पर्शना कार्यक्रम में कहा कि हमारे अनेक जैन मंदिर तीर्थ समान है। बीकानेर के पांच शताब्दी से अधिक प्राचीन भांडाशाह व चिंतामणी जैन मंदिर सहित देश के प्राचीन धरोहर के रूप् में प्रतिष्ठित मंदिरों की विशिष्टता, धार्मिक, आध्यात्मिक व वास्तुकला को अक्षुण रखने, उनके नियमित दर्शन पूजा अर्चना करें। नए मंदिरों में भले ही जाएं लेकिन प्राचीन मंदिरों को विस्मृृत नहीं करें। प्राचीन तीर्थं को वैभव को स्थाई रखने का नैतिक, सामाजिक व धार्मिक दायित्व सभी श्रावक-श्राविकाओं, संघ, समाज, सरकार व आम जागरूक नागरिक का है।
’’ जय हो गिरनार-जय हो गिरनार’’ भक्ति गीत सहित अनेक भजनों के साथ चले कार्यक्रम में उन्होंने बताया कि हम सोचते है की तीर्थों की यात्रा हम कर रहे है, हम नहीं कर रहे होते है वीर प्रभु परमात्मा व दादा गुरुदेव करवाते है। देवी शक्तियां हमें परमात्म मार्ग पर ले जाती है। चैदह राजलोक में लोकोत्तर ऐसे जिन शासन में शत्रुंज्य महातीर्थ की गिनती में तीन भुवन में सर्वोत्कृृष्ट दो तीर्थ के रूप में गिरनार प्रतिष्ठित है। अनंत अरिहंतों के अनंत दीक्षा, केवलज्ञान और मोक्ष कल्याणक से पावन बनी कल्याण भूमि गिरनार अनंक सिद्धों की साधना भूमि है। अतीत के अनेक इतिहास को संग्रहित करने वाली भूमि गिरनार की उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं ने भाव से वंदना की।
गिरनार तीर्थ स्पर्शना कार्यक्रम में साध्वीश्री शशि प्रभा अपनी सहवृृति साध्वीवृृंद के साथ पूरे समय तक उपस्थित रह कर श्रावक-श्राविकाओं को तथा खरतरगच्छ युवा परिषद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्यों को आशीर्वाद दिया। कार्यक्रम में अखिल भारतीय खरतरगच्छ युवा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश लूणिया चैन्नई, सह सचिव बंगलुर के ललित डाकलिया, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष के बीकानेर राजीव खजांची, संगठन के पश्चिम क्षेत्र प्रदेशाध्यक्ष पुरुषोत्तम सेठिया, बालोतरा, धोरीमन्ना बाड़मेर के संघ के को-चैयरमैन (सुरक्षा) राजेन्द्र सेठिया, सुरक्षा प्रकोष्ठ के जयपुर के पदम सिंह चैधरी, विधि प्रकोष्ठ के बाड़मेर के रमेश मालु, के.यू.प. अहमदाबाद के मुख्य संघ लाभार्थी व अध्यक्ष रतन लाल बोथरा पैदल संघ के सह संयोजक बाड़मेर के नरेश लूणिया, अहमदाबाद के पवन लालण और बाड़मेर के राजेन्द्र वडेरा का श्रीसंघ व स्थानीय इकाई की ओर से अभिनंदन किया गया।
सरस्वती जाप अनुष्ठान 11 अक्टूबर-
खरतरगच्छ युवा परिषद के अध्यक्ष राजीव खजांची ने बताया कि तीर्थंकर मुखवासिनी-विद्या दायिनी मोक्ष ज्ञान प्रदायिनी-श्रुतज्ञान की अधिष्ठात्री मां सरस्वती देवी की विधियुक्त जाप साधना चार चरणों में होगी। जाप अनुष्ठान की स्थापना 11 अक्टूबर शुक्रवार को होगी । सुबह छह से साढ़े सात बजे, साढ़े सात से नौ बजे, साढ़े दस से 12 बजे तक व शाम चार बजे से साढ़े पांच बजे तक जप साधना 13 अक्टूबर तक होगी।
साध्वीश्री शशि प्रभा म.सा. व साध्वीश्री सौम्यगुणा शुक्रवार को प्रवचन में कहा कि जिन्हें संपति के संग सन्मति की अभिलाषा हो, जिनका उच्चारण अस्पष्ट या अशुद्ध हो, जो बोलते समय तुतलाते या हकलाते हो, जिनकी स्मरण शक्ति कमजोर हो, जिन्हें अध्ययन , व्यापार, परीक्षा आदि में असफलता मिल रही हो, जिन्हें बुरे विचार आते हो, मानसिक अशांति की परेशानी तथा उच्च शिक्षा की अभिलाषा हो उनके लिए विद्या, ज्ञान व बुद्धि की देवी वीणावादिनी का जाप लाभकारी रहेगा। जाप के लिए 9 अक्टूबर तक कार्ड दिए जाएंगे। इसके लिए बालिका मंडल चित्रा पारख जैन, विकास नाहटा, प्रवीण लूणिया, हिमांशु सेठिया, अंकित गुलगुलिया, अनिल सुराणा, प्रमोद गुलगुलिया, अनिल पारख व धवल नाहटा से सम्पर्क कर नामांकन करवाया जा सकता है।
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