प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय में रक्षाबंधन पर्व
twitter, Podcast, YouTube, साहित्य-सभागार के साथ-साथ Facebook, Pinterest, LinkedIn और Instagram पर भी आपकी खबरें Khabron Me Bikaner 🎤
खबरों में बीकानेर 🎤 🌐 ✍️
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय में रक्षाबंधन पर्व
ब्रह्माकुमारी बहनों ने सेवाश्रम के बच्चों के बांधा रक्षा पर्व,
मुख्य कार्यक्रम आज क्षेत्रिय केन्द्र सार्दुल गंज में
बीकानेर, 14 अगस्त। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की ओर से रक्षाबंधन पर पर्व मनाएं जा रहे सप्ताह के तहत बुधवार को सेवाश्राम में रक्षा बंधन पर्व मनाया गया। गुरुवार को क्षेत्रिय केन्द्र में सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक रक्षाबंधन पर्व को आध्यात्मिक रूप से मनाया जाएगा। सेवा केन्द्र में आने वाले भाई बहनों, प्रशासनिक अधिकारियों, जन प्रतिनिधियों के रक्षा का सूत्र बांधा जाएगा।
रक्षा सूत्र के साथ शुभ संकल्पों व सुविचारों से विभूषित कार्ड प्रदान किया जाएगा।
रक्षा बंधन पर्व पर विश्व विद्यालय के क्षेत्रिय केन्द्र संचालिका बी.के.कमल अपने विशेष संदेश में कहा कि अनादिकाल से चल रहे रक्षाबंधन पर्व लौकिक, आलौकिक व आध्यात्मिक है। रक्षा बंधन व स्वतंत्रता दिवस के दिन श्रेष्ठ शुद्ध संकल्प लें कि मुझे अपने श्रेष्ठ स्वमान में रहना है और सबको सम्मान देना है। सर्व सद्गुणों में सम्पन्न बनना है, जरा भी कोई चिंतन व चिंता नहीं हो। अंश मात्र भी अभिमान व अपमान के भाव नहीं आएं।
उन्होंने कहा कि रक्षा बंधन के दिन उमंग, उत्साह व खुशी से मधुर बोल की अविनाशी मिठाई खिलाएं तथा आत्म स्वरूप में टिकने का टीका लगाएं। जीवन में पवित्रता? मधुरता और दृढ़ता की धारणा से कलाई पर रक्षा सूत्र बांधें। स्वयं विषय व विकारों को छोड़े तथा पवित्र आत्मा या पुण्यात्मा बनने का दृढ़ संकल्प लें। बहनों की ओर से भाइयों के ी भृकुटि पर चंदन अथवा कंुमकुंम, केसर का तिलक, अक्षत्र आत्मा को ज्ञान के रंग में रंगने अथवा आध्यात्मिक स्मृति में रहने का प्रतीक है। रक्षा बंधन भाइयों द्वारा बहनों की रक्षा के संकल्प को दोहराने के साथ पवित्रता रूपी धर्म में स्थित होने की प्रतिज्ञा करने अथवा ’’काम’’ (वासना) रूपी विष को तोड़ने-छोड़ने का प्रतीक है।
सेवाश्रम- बी.के.मीना व बी.के.रजनी के नेतृत्व में सेवा केन्द्र की बहनों ने सुदर्शना नगर स्थित सेवाश्रम के बच्चों के भाल पर कुंमकुंम से तिलक पर कलाई पर रंग बिरंगी राखी बांधी तथा मुंह मीठा करवाया। बच्चों ने हर्ष व उल्लास से हाथ की रेशम की डोरी से बनी राखी को दिखाते हुए नेक व अच्छा इंसान बनने का संकल्प लिया। ब्रह्माकुमारी बहनों ने इस अवसर पर रक्षा बंधन के आध्यात्मिक रहस्य पर प्रवचन किए।







यहां व्यक्त कीजिए - खबर आपकी नजर में...