कीर्तिस्तंभ पर गन्ने के रस का सेवा स्टॉल, निर्जला एकादशी पर दान-पुण्य और नगरसेठ के द्वारे भक्ति संगीत संध्या / जगह-जगह सेवा, कई संस्थाओं के आयोजन, खबर और चित्रहार
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कीर्तिस्तंभ पर गन्ने के रस का सेवा स्टॉल, निर्जला एकादशी पर दान-पुण्य और नगरसेठ के द्वारे भक्ति संगीत संध्या / जगह-जगह सेवा, कई संस्थाओं के आयोजन, खबर और चित्रहार
नृसिंह सेवा समिति
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कीर्तिस्तंभ पर गन्ने के रस का सेवा स्टॉल, निर्जला एकादशी पर धर्मनगरी में रही दानपुण्य की धूम
बीकानेर। कीर्तिस्तंभ पर गन्ने के रस का सेवा स्टॉल निर्जला एकादशी पर लगाया गया । शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त ओमसिंह भदौरिया परिवार की ओर से लगे स्टॉल पर विजयसिंह, प्रतीक, सात्विक ने राहगीरों को गन्ने का रस पिलाया। न्यायिक सेवाकर्मी प्रियंका थानवी भदौरिया और नन्हे प्रज्वल प्रतीक ने भी सेवा की। छोटी काशी बीकानेर में धर्म भाव और दान पुण्य के साथ निर्जला एकादशी मनाई गई। जिले भर में प्रात: से ही धर्म आध्यात्म और दान पुण्य की सरिता प्रवाहित होती रही। श्रद्धालुओं ने प्रात: काली ब्रह्म मुर्हूत में उठकर स्नान, ध्यान और बुजुर्गो का आशीर्वाद लेकर मन्दिरों में जाकर देव दर्शन किये।
रथखाना में केशवानी परिवार की ओर से सेवा स्टॉल
श्रद्धालु जनों ने स्थान-स्थान पर स्टालें लगाकर शीतल जल, पेयजल, ठण्डाई, शर्बत, शिंकजी, कुल्फी आदि वितरित किये। वहीं मंदिरों और बहिन बेटियों के यहां फल, सेवियां, ओले, मटकी, पंखी, चीनी, पंखे, कूलर आदि भिजवा कर पुण्य लाभ कमाया। लक्ष्मीनाथ जी के मंदिर में श्रद्धालुजनों की पंक्तियां लगी रही। अनेक जनों ने गायों को घास चारा, गुड़ आदि डलवाये। पानी की कुण्डियों में जल भरवाया। श्रद्धालु जन नारियों ने निर्जल रहकर पूरे दिन उपवास किया और बाद में फलाहार एवं सहगार से व्रत खोला। बाजारों में और सार्वजनिक स्थानों पर टैण्ट आदि लगाकर लगाई गई स्टॉलों पर पूरे दिन लोगों का तांता लगा रहा और भीषण गर्मी तथा लू थपेड़ों के बीच जल, शर्बत आदि पीकर लोग कृतार्थ नजर आये। शहर के मुख्य मार्गों केईएम रोड़, दाउजी रोड़, जोशीवाड़ा,सट्टा बाजार,स्टेशन रोड़,रानीबाजार,गंगाशहर,मुख्य डाकघर, चौतीना कुआ, बड़ा बाजार, लक्ष्मीनाथ मंदिर, धोबी तलाई, पवनपुरी, व्यास कॉलोनी,जस्सूसर गेट,नत्थूसर गेट, मुक्ता प्रसाद नगर, बस स्टेण्ड, पुरानी गिन्नाणी आदि जगहों पर स्टॉले लगाई गई। मारवाड़ सेवा समिति की ओर से पीबीएम हॉस्पिटल में तीन स्थानों पर विभिन्न सेवा संस्थाओं के सहयोग से लस्सी के स्टॉल लगाये गये। रथखाना में केशवानी परिवार ने स्टॉल लगाकर फ्रू ट सलाद, आइसक्रीम आदि की सेवा की। दान पुण्य की मांग के चलते बर्फ, आम, ककड़ी, मटकी, जो 50 से 80 में बिकती है 100 से 120 रूपये में बेची गई।
राहगीरों को पिलाई छाछ-लस्सी
निर्जला एकादशी के मौके पर गुरूवार को बौथरा कॉम्पलेक्स मार्केट एसोसिएशन की ओर से लगाई की स्टाल पर राहगीरों को श्रद्धाभाव से छाछ और लस्सी पिलाई गई। एसोसिएशन के संरक्षक अनिल पाहुजा के सानिध्य में लगाई स्टाल पर विकास केली,अनिल काव,राकेश स्वामी,अनीश अहमद,सुरेन्द्र अग्रवाल,मनोज गुप्ता,गुलजारी लाल चुग,नरेश चावला,श्रीमति शांति देवी चौहान,एडवाकेट सुरेश शर्मा,त्रिलोक सिह चौहान,अनीश बागवान सेवादारी की।
सूरसागर झील माता जी मंदिर के पास लस्सी और कीर्तिस्तंभ के पास जी सोरा सेवा समिति कि ओर से मिल्करोज पाइनेपल और 150 किलो आम के रस आदि राहगीरों को पिलाया गया । भुट्टों के चोराहे पर खंडेलवाल के पास गन्ने का रस व शरबत आदि से सेवा की गई ।
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निर्जला एकादशी का महत्व- डाॅ.कल्ला ने निर्जला यानि यह व्रत बिना जल ग्रहण किए और उपवास के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि व्रत कठिन तप और साधना के समान महत्त्व रखता है। इस व्रत को भीमसेन एकादशी या पांडव एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। पौराणिक मान्यता है कि पाँच पाण्डवों में एक भीमसेन ने इस व्रत का पालन किया था और वैकुंठ को गए थे।इसलिए इसका नाम भीमसेनी एकादशी भी हुआ।
उन्होंने कहा कि सिर्फ निर्जला एकादशी का व्रत कर लेने से अधिकमास की दो एकादशियों सहित साल की 25 एकादशी व्रत का फल मिलता है। जहाँ साल भर की अन्य एकादशी व्रत में आहार संयम का महत्त्व है। वहीं निर्जला एकादशी के दिन आहार के साथ ही जल का संयम भी जरूरी है। इस व्रत में जल ग्रहण नहीं किया जाता है यानि निर्जल रहकर व्रत का पालन किया जाता है। यह व्रत मन को संयम सिखाता है और शरीर को नई ऊर्जा देता है। यह व्रत पुरुष और महिलाओं दोनों द्वारा किया जा सकता है।
जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास रहेगा कि आगे भी इस परिसर में भक्ति संगीत के कार्यक्रम हो। इसके लिए प्रशासन सहयोग करेगा। उन्होंने श्री लक्ष्मीनाथ मन्दिर विकास एवं पर्यावरण समिति द्वारा मंदिर में परिसर में की गई गतिविधियों की सराहना की। श्री लक्ष्मीनाथ मन्दिर विकास एवं पर्यावरण समिति के सचिव सीताराम कच्छावा ने समिति द्वारा किए जा रहे कार्यों और कलाकारों की जानकारी दी। इस अवसर पर डाॅ.सिद्धार्थ असवाल सहित बड़ी संख्या में महिला एवं पुरूष ने भक्ति संगीत का आनंद लिया। संचालन उपनिदेशक सूचना एवं जनसम्पर्क कार्यालय विकास हर्ष ने किया।
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खबर :-
निर्जला एकादशी पर वृद्ध आश्रम में सेवा कार्य
बीकानेर, 13 जून। लक्ष्मीनाथ मंदिर मार्ग स्थित मोदी बालिका मंडल की सदस्या सुश्री पारुल मोदी व विनिता मोदी ने निर्जला एकादशी पर बुधवार को एस.डी.कॉन्वेंट की ओर से संचालित शांति निवास वृद्ध आश्रम में सेवा कार्य किया गया। भारत विकास परिषद की अध्यक्ष डॉ.दीप्ति बहल व संरक्षक श्रीमती शशिचुग की प्रेरणा से सेवा कार्य किया गया।
दोनों युवतियों ने लावारिस, घर परिवार से बेघर वृद्धजनों को स्वयं के हाथों से बनाई हुई लस्सी पिलाई तथा कुशल क्षेम पूछी तथा उनके दुख दर्द सुने। बीमार महिलाओं को स्वयं हाथों से लस्सी व पेयजल पिलाई, दवाई खिलाई। वृद्धजनों ने बालिकाओं को आशीर्वाद दिया।
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नृसिंह सेवा समिति
बीकानेर। राहगीरों की मान-मनुहार करने के साथ-साथ उन्हें शर्बत, शिकंजी, ठंडाई, शीतल पेय, लस्सी का वितरण किया गया। शहर के प्रमुख देव लक्ष्मीनाथजी मंदिर में तो दिनभर मेले का सा माहौल रहा। शहरी क्षेत्र में बाई-बेटियों को आम, ओळा, सगार भेजने की परम्पराओं का निर्वहन किया गया। नरसिंह सेवा समिति की ओर से जस्सूसर गेट के अंदर राहगीरों को शिकंजी, ठंडे पेय पिलाया गया। नरसिंह सेवा समिति के अध्यक्ष धनराज तिवाड़ी , शांति लाल , नवरतन, बिरजू तिवाड़ी, कैलाश शर्मा, आनंद , विनोद, सजंय, सर्वण , राम सा , ओम , रामकिशोर , ओर समस्त कार्यकता ने सेवा में योगदान दिया।
वहीं राठी परिवार की ओर से हर वर्ष की भांति इस बार भी जस्सूसर गेट के बाहर पेट्रोल पम्प के समीप केसरिया लस्सी राहगीरों को पिलायी गयी। यहां पूनसा सहित अनेक सेवादार सक्रिय रहे।
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वृद्ध आश्रम में सेवा
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कीर्तिस्तंभ पर गन्ने के रस का सेवा स्टॉल, निर्जला एकादशी पर धर्मनगरी में रही दानपुण्य की धूम
बीकानेर। कीर्तिस्तंभ पर गन्ने के रस का सेवा स्टॉल निर्जला एकादशी पर लगाया गया । शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त ओमसिंह भदौरिया परिवार की ओर से लगे स्टॉल पर विजयसिंह, प्रतीक, सात्विक ने राहगीरों को गन्ने का रस पिलाया। न्यायिक सेवाकर्मी प्रियंका थानवी भदौरिया और नन्हे प्रज्वल प्रतीक ने भी सेवा की। छोटी काशी बीकानेर में धर्म भाव और दान पुण्य के साथ निर्जला एकादशी मनाई गई। जिले भर में प्रात: से ही धर्म आध्यात्म और दान पुण्य की सरिता प्रवाहित होती रही। श्रद्धालुओं ने प्रात: काली ब्रह्म मुर्हूत में उठकर स्नान, ध्यान और बुजुर्गो का आशीर्वाद लेकर मन्दिरों में जाकर देव दर्शन किये।
रथखाना में केशवानी परिवार की ओर से सेवा स्टॉल
श्रद्धालु जनों ने स्थान-स्थान पर स्टालें लगाकर शीतल जल, पेयजल, ठण्डाई, शर्बत, शिंकजी, कुल्फी आदि वितरित किये। वहीं मंदिरों और बहिन बेटियों के यहां फल, सेवियां, ओले, मटकी, पंखी, चीनी, पंखे, कूलर आदि भिजवा कर पुण्य लाभ कमाया। लक्ष्मीनाथ जी के मंदिर में श्रद्धालुजनों की पंक्तियां लगी रही। अनेक जनों ने गायों को घास चारा, गुड़ आदि डलवाये। पानी की कुण्डियों में जल भरवाया। श्रद्धालु जन नारियों ने निर्जल रहकर पूरे दिन उपवास किया और बाद में फलाहार एवं सहगार से व्रत खोला। बाजारों में और सार्वजनिक स्थानों पर टैण्ट आदि लगाकर लगाई गई स्टॉलों पर पूरे दिन लोगों का तांता लगा रहा और भीषण गर्मी तथा लू थपेड़ों के बीच जल, शर्बत आदि पीकर लोग कृतार्थ नजर आये। शहर के मुख्य मार्गों केईएम रोड़, दाउजी रोड़, जोशीवाड़ा,सट्टा बाजार,स्टेशन रोड़,रानीबाजार,गंगाशहर,मुख्य डाकघर, चौतीना कुआ, बड़ा बाजार, लक्ष्मीनाथ मंदिर, धोबी तलाई, पवनपुरी, व्यास कॉलोनी,जस्सूसर गेट,नत्थूसर गेट, मुक्ता प्रसाद नगर, बस स्टेण्ड, पुरानी गिन्नाणी आदि जगहों पर स्टॉले लगाई गई। मारवाड़ सेवा समिति की ओर से पीबीएम हॉस्पिटल में तीन स्थानों पर विभिन्न सेवा संस्थाओं के सहयोग से लस्सी के स्टॉल लगाये गये। रथखाना में केशवानी परिवार ने स्टॉल लगाकर फ्रू ट सलाद, आइसक्रीम आदि की सेवा की। दान पुण्य की मांग के चलते बर्फ, आम, ककड़ी, मटकी, जो 50 से 80 में बिकती है 100 से 120 रूपये में बेची गई।
राहगीरों को पिलाई छाछ-लस्सी
निर्जला एकादशी के मौके पर गुरूवार को बौथरा कॉम्पलेक्स मार्केट एसोसिएशन की ओर से लगाई की स्टाल पर राहगीरों को श्रद्धाभाव से छाछ और लस्सी पिलाई गई। एसोसिएशन के संरक्षक अनिल पाहुजा के सानिध्य में लगाई स्टाल पर विकास केली,अनिल काव,राकेश स्वामी,अनीश अहमद,सुरेन्द्र अग्रवाल,मनोज गुप्ता,गुलजारी लाल चुग,नरेश चावला,श्रीमति शांति देवी चौहान,एडवाकेट सुरेश शर्मा,त्रिलोक सिह चौहान,अनीश बागवान सेवादारी की।
सूरसागर झील माता जी मंदिर के पास लस्सी और कीर्तिस्तंभ के पास जी सोरा सेवा समिति कि ओर से मिल्करोज पाइनेपल और 150 किलो आम के रस आदि राहगीरों को पिलाया गया । भुट्टों के चोराहे पर खंडेलवाल के पास गन्ने का रस व शरबत आदि से सेवा की गई ।
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निर्जला एकादशी पर भक्ति संगीत संध्या का हुआ आयोजन
बीकानेर, 13 जून। निर्जला एकादशी गुरूवार को लक्ष्मीनाथ मंदिर परिसर गणेश मंदिर के पास रात्रि को भक्तिमय भक्ति संगीत संध्या का आयोजन किया गया।
जिला प्रशासन व श्री लक्ष्मीनाथ मंदिर विकास एवं पर्यावरण समिति की ओर से आयोजित इस भक्ति संगीत संध्या में राजस्थान संगीत नाटक आकादमी, जोधपुर के दीपक कुमार एण्ड पार्टी,सुश्री कौशल्या रामावत और स्थानीय कलाकारों द्वारा दी गई भक्ति गीतों की प्रस्तुति ने माहौल को भक्तिमय बना दिया।
समारोह के मुख्य अतिथि ऊर्जा, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, कला, संस्कृति, साहित्य एवं पुरातत्व विभाग मंत्री डाॅ. बी.डी. कल्ला ने कलाकारों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से मन को शान्ति और सुकून मिलता हैं। मन में ईश्वर के प्रति आस्था बढ़ती है। भक्ति गीतों से मन में परमात्मा का संचार का अनुभव होता है और पूरा जीवन ही ईश्वर के प्रति सम्पर्ण की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि अगर हम ईश्वर से प्रेम करना सीखेंगे,तो सारा जीवन आनंदमय हो जाएगा। उन्होंने कहा कि समय-समय में ऐसे आयोेजन होने चाहिए। बीकानेर में भक्ति संगीत की परम्परा रही है। इसे और प्रोत्साहित किया जायेगा।
बीकानेर, 13 जून। निर्जला एकादशी गुरूवार को लक्ष्मीनाथ मंदिर परिसर गणेश मंदिर के पास रात्रि को भक्तिमय भक्ति संगीत संध्या का आयोजन किया गया।
जिला प्रशासन व श्री लक्ष्मीनाथ मंदिर विकास एवं पर्यावरण समिति की ओर से आयोजित इस भक्ति संगीत संध्या में राजस्थान संगीत नाटक आकादमी, जोधपुर के दीपक कुमार एण्ड पार्टी,सुश्री कौशल्या रामावत और स्थानीय कलाकारों द्वारा दी गई भक्ति गीतों की प्रस्तुति ने माहौल को भक्तिमय बना दिया।
समारोह के मुख्य अतिथि ऊर्जा, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, कला, संस्कृति, साहित्य एवं पुरातत्व विभाग मंत्री डाॅ. बी.डी. कल्ला ने कलाकारों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से मन को शान्ति और सुकून मिलता हैं। मन में ईश्वर के प्रति आस्था बढ़ती है। भक्ति गीतों से मन में परमात्मा का संचार का अनुभव होता है और पूरा जीवन ही ईश्वर के प्रति सम्पर्ण की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि अगर हम ईश्वर से प्रेम करना सीखेंगे,तो सारा जीवन आनंदमय हो जाएगा। उन्होंने कहा कि समय-समय में ऐसे आयोेजन होने चाहिए। बीकानेर में भक्ति संगीत की परम्परा रही है। इसे और प्रोत्साहित किया जायेगा।
निर्जला एकादशी का महत्व- डाॅ.कल्ला ने निर्जला यानि यह व्रत बिना जल ग्रहण किए और उपवास के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि व्रत कठिन तप और साधना के समान महत्त्व रखता है। इस व्रत को भीमसेन एकादशी या पांडव एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। पौराणिक मान्यता है कि पाँच पाण्डवों में एक भीमसेन ने इस व्रत का पालन किया था और वैकुंठ को गए थे।इसलिए इसका नाम भीमसेनी एकादशी भी हुआ।
उन्होंने कहा कि सिर्फ निर्जला एकादशी का व्रत कर लेने से अधिकमास की दो एकादशियों सहित साल की 25 एकादशी व्रत का फल मिलता है। जहाँ साल भर की अन्य एकादशी व्रत में आहार संयम का महत्त्व है। वहीं निर्जला एकादशी के दिन आहार के साथ ही जल का संयम भी जरूरी है। इस व्रत में जल ग्रहण नहीं किया जाता है यानि निर्जल रहकर व्रत का पालन किया जाता है। यह व्रत मन को संयम सिखाता है और शरीर को नई ऊर्जा देता है। यह व्रत पुरुष और महिलाओं दोनों द्वारा किया जा सकता है।
जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास रहेगा कि आगे भी इस परिसर में भक्ति संगीत के कार्यक्रम हो। इसके लिए प्रशासन सहयोग करेगा। उन्होंने श्री लक्ष्मीनाथ मन्दिर विकास एवं पर्यावरण समिति द्वारा मंदिर में परिसर में की गई गतिविधियों की सराहना की। श्री लक्ष्मीनाथ मन्दिर विकास एवं पर्यावरण समिति के सचिव सीताराम कच्छावा ने समिति द्वारा किए जा रहे कार्यों और कलाकारों की जानकारी दी। इस अवसर पर डाॅ.सिद्धार्थ असवाल सहित बड़ी संख्या में महिला एवं पुरूष ने भक्ति संगीत का आनंद लिया। संचालन उपनिदेशक सूचना एवं जनसम्पर्क कार्यालय विकास हर्ष ने किया।
खबर :-
निर्जला एकादशी पर वृद्ध आश्रम में सेवा कार्य
बीकानेर, 13 जून। लक्ष्मीनाथ मंदिर मार्ग स्थित मोदी बालिका मंडल की सदस्या सुश्री पारुल मोदी व विनिता मोदी ने निर्जला एकादशी पर बुधवार को एस.डी.कॉन्वेंट की ओर से संचालित शांति निवास वृद्ध आश्रम में सेवा कार्य किया गया। भारत विकास परिषद की अध्यक्ष डॉ.दीप्ति बहल व संरक्षक श्रीमती शशिचुग की प्रेरणा से सेवा कार्य किया गया।
दोनों युवतियों ने लावारिस, घर परिवार से बेघर वृद्धजनों को स्वयं के हाथों से बनाई हुई लस्सी पिलाई तथा कुशल क्षेम पूछी तथा उनके दुख दर्द सुने। बीमार महिलाओं को स्वयं हाथों से लस्सी व पेयजल पिलाई, दवाई खिलाई। वृद्धजनों ने बालिकाओं को आशीर्वाद दिया।
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नृसिंह सेवा समिति
बीकानेर। राहगीरों की मान-मनुहार करने के साथ-साथ उन्हें शर्बत, शिकंजी, ठंडाई, शीतल पेय, लस्सी का वितरण किया गया। शहर के प्रमुख देव लक्ष्मीनाथजी मंदिर में तो दिनभर मेले का सा माहौल रहा। शहरी क्षेत्र में बाई-बेटियों को आम, ओळा, सगार भेजने की परम्पराओं का निर्वहन किया गया। नरसिंह सेवा समिति की ओर से जस्सूसर गेट के अंदर राहगीरों को शिकंजी, ठंडे पेय पिलाया गया। नरसिंह सेवा समिति के अध्यक्ष धनराज तिवाड़ी , शांति लाल , नवरतन, बिरजू तिवाड़ी, कैलाश शर्मा, आनंद , विनोद, सजंय, सर्वण , राम सा , ओम , रामकिशोर , ओर समस्त कार्यकता ने सेवा में योगदान दिया।
वहीं राठी परिवार की ओर से हर वर्ष की भांति इस बार भी जस्सूसर गेट के बाहर पेट्रोल पम्प के समीप केसरिया लस्सी राहगीरों को पिलायी गयी। यहां पूनसा सहित अनेक सेवादार सक्रिय रहे।
निर्जला एकादशी पर दान-पुण्य और नगरसेठ के द्वारे भक्ति संगीत संध्या / जगह-जगह सेवा, कई संस्थाओं के आयोजन, खबर और चित्रहार











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