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सरकार ने ईएसआई अंशदान की दर 6.5 प्रतिशत से घटाकर 4 प्रतिशत की
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सरकार ने ईएसआई अंशदान की दर 6.5 प्रतिशत से घटाकर 4 प्रतिशत की
| वर्ष | कर्मचारियों की संख्या | बीमित व्यक्तियों की संख्या (करोड़ में) | प्राप्त कुल अंशदान (करोड़ रुपये में) |
| 2015-16 | 7,83,786 | 2.1 | 11,455 |
| 2016-17 | 8,98,138 | 3.1 | 13,662 |
| 2017-18 | 10,33,730 | 3.4 | 20,077 |
| 2018-19 | 12,85,392 | 3.6 | 22,279 |
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श्रम और रोजगार मंत्रालय
13 JUN 2019 7:35PM by PIB Delhi
13 JUN 2019 7:35PM by PIB Delhi
सरकार ने ईएसआई अंशदान की दर 6.5 प्रतिशत से घटाकर 4 प्रतिशत की
भारत सरकार ने ईएसआई कानून के अंतर्गत एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए अंशदान की दर 6.5 प्रतिशत से घटाकर 4 प्रतिशत (नियोक्ता का अंशदान 4.75 प्रतिशत से घटाकर 3.25 प्रतिशत और कर्मचारी का अंशदान 1.75 प्रतिशत से घटाकर 0.75 प्रतिशत) करने का फैसला किया है। घटी हुई दरें 01.07.2019 से प्रभावी होंगी। इससे 3.6 करोड़ कर्मचारी और 12.85 लाख नियोक्ता लाभांवित होंगे।
अंशदान की घटी हुई दर से कामगारों को बहुत राहत मिलेगी तथा इससे और अधिक कामगारों को ईएसआई योजना के अंतर्गत नामांकित कर पाना तथा ज्यादा से ज्यादा श्रमिक बल को औपचारिक क्षेत्र के अंतर्गत लाना सुगम हो सकेगा। इसी तरह अंशदान में नियोक्ता के हिस्से में कमी होने से प्रतिष्ठानों का वित्तीय उत्तरदायित्व घटेगा, जिससे इन प्रतिष्ठानों की व्यावहारिकता में सुधार होगा। इससे कारोबार करने की सुगमता में और भी ज्यादा बढ़ोत्तरी होगी। ऐसी भी संभावना है कि ईएसआई अंशदान की दर में कटौती से कानून के बेहतर अनुपालन का मार्ग प्रशस्त होगा।
कर्मचारी राज्य बीमा कानून, 1948 (ईएसआई कानून) इस कानून के अंतर्गत बीमित व्यक्तियों को चिकित्सा, नकदी, मातृत्व, निशक्तता और आश्रित होने के लाभ प्रदान करता है। ईएसआई कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) द्वारा प्रशासित है। ईएसआई कानून के अंतर्गत उपलब्ध कराए जाने वाले लाभ नियोक्ताओं और कर्मचारियों द्वारा किए गए अंशदान के माध्यम से वित्त पोषित होते हैं।
ईएसआई कानून के अंतर्गत नियोक्ता और कर्मचारी दोनों ही अपना-अपना योगदान देते हैं। श्रम और रोजगार मंत्रालय के जरिये सरकार ईएसआई कानून के अंतर्गत अंशदान की दर तय करती है। वर्तमान में अंशदान की दर वेतन का 6.5 प्रतिशत निर्धारित, जिसमें नियोक्ता का अंशदान 4.75 प्रतिशत और कर्मचारी का अंशदान 1.75 प्रतिशत है। यह दर 1.1.1997 से प्रचलन में है।
सरकार ने सामाजिक सुरक्षा कवरेज अधिक से अधिक लोगों को देने के लिए दिसंबर,2016 से जून, 2017 तक नियोक्ता और कर्मचारियों के विशेष पंजीकरण का कार्यक्रम शुरू किया और योजना का करवेज लाभ विभिन्न चरणों में देश के सभी जिलों तक बढ़ाने का फैसला किया। कवरेज में वेतन की सीमा 1.1.2017 से 15,000 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 21,000 रूपये प्रति माह कर दी गई।
इन प्रयासों से पंजीकृत कर्मचारियों यानि बीमित व्यक्तियों और कर्मचारियों की संख्या में पर्याप्त वृद्धि हुई और ईएसआईसी की आमदनी में जबरदस्त उछाल आया।
सरकार कर्मचारियों के साथ-साथ नियोक्ताओं के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।
वह ईएसआई योजना के अंतर्गत प्रदान की जा रही चिकित्सा सेवाओं और अन्य लाभों की गुणवत्ता में सुधार के लिए भी प्रतिबद्ध है।
अंशदान की घटी हुई दर से कामगारों को बहुत राहत मिलेगी तथा इससे और अधिक कामगारों को ईएसआई योजना के अंतर्गत नामांकित कर पाना तथा ज्यादा से ज्यादा श्रमिक बल को औपचारिक क्षेत्र के अंतर्गत लाना सुगम हो सकेगा। इसी तरह अंशदान में नियोक्ता के हिस्से में कमी होने से प्रतिष्ठानों का वित्तीय उत्तरदायित्व घटेगा, जिससे इन प्रतिष्ठानों की व्यावहारिकता में सुधार होगा। इससे कारोबार करने की सुगमता में और भी ज्यादा बढ़ोत्तरी होगी। ऐसी भी संभावना है कि ईएसआई अंशदान की दर में कटौती से कानून के बेहतर अनुपालन का मार्ग प्रशस्त होगा।
कर्मचारी राज्य बीमा कानून, 1948 (ईएसआई कानून) इस कानून के अंतर्गत बीमित व्यक्तियों को चिकित्सा, नकदी, मातृत्व, निशक्तता और आश्रित होने के लाभ प्रदान करता है। ईएसआई कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) द्वारा प्रशासित है। ईएसआई कानून के अंतर्गत उपलब्ध कराए जाने वाले लाभ नियोक्ताओं और कर्मचारियों द्वारा किए गए अंशदान के माध्यम से वित्त पोषित होते हैं।
ईएसआई कानून के अंतर्गत नियोक्ता और कर्मचारी दोनों ही अपना-अपना योगदान देते हैं। श्रम और रोजगार मंत्रालय के जरिये सरकार ईएसआई कानून के अंतर्गत अंशदान की दर तय करती है। वर्तमान में अंशदान की दर वेतन का 6.5 प्रतिशत निर्धारित, जिसमें नियोक्ता का अंशदान 4.75 प्रतिशत और कर्मचारी का अंशदान 1.75 प्रतिशत है। यह दर 1.1.1997 से प्रचलन में है।
सरकार ने सामाजिक सुरक्षा कवरेज अधिक से अधिक लोगों को देने के लिए दिसंबर,2016 से जून, 2017 तक नियोक्ता और कर्मचारियों के विशेष पंजीकरण का कार्यक्रम शुरू किया और योजना का करवेज लाभ विभिन्न चरणों में देश के सभी जिलों तक बढ़ाने का फैसला किया। कवरेज में वेतन की सीमा 1.1.2017 से 15,000 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 21,000 रूपये प्रति माह कर दी गई।
इन प्रयासों से पंजीकृत कर्मचारियों यानि बीमित व्यक्तियों और कर्मचारियों की संख्या में पर्याप्त वृद्धि हुई और ईएसआईसी की आमदनी में जबरदस्त उछाल आया।
| वर्ष | कर्मचारियों की संख्या | बीमित व्यक्तियों की संख्या (करोड़ में) | प्राप्त कुल अंशदान (करोड़ रुपये में) |
| 2015-16 | 7,83,786 | 2.1 | 11,455 |
| 2016-17 | 8,98,138 | 3.1 | 13,662 |
| 2017-18 | 10,33,730 | 3.4 | 20,077 |
| 2018-19 | 12,85,392 | 3.6 | 22,279 |
सरकार कर्मचारियों के साथ-साथ नियोक्ताओं के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।
वह ईएसआई योजना के अंतर्गत प्रदान की जा रही चिकित्सा सेवाओं और अन्य लाभों की गुणवत्ता में सुधार के लिए भी प्रतिबद्ध है।
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