बेटियों के सशक्त भविष्य का सृजनात्मक प्रतीक बन रही कन्या वाटिका बेटियों को आगे बढ़ाने के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विजन को कर रही साकार vatika
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बेटियों के सशक्त भविष्य का सृजनात्मक प्रतीक बन रही कन्या वाटिका
बेटियों को आगे बढ़ाने के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विजन को कर रही साकार
बेटियों के सशक्त भविष्य का सृजनात्मक प्रतीक बन रही कन्या वाटिका
बेटियों को आगे बढ़ाने के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विजन को कर रही साकार
शहर के हृदय स्थल स्थित पब्लिक पार्क में विकसित की जा रही कन्या वाटिका केवल एक उद्यान नहीं, बल्कि समाज में बेटियों के प्रति बदलती सोच और सकारात्मक दृष्टिकोण का जीवंत प्रतीक बनकर उभर रही है।
जिले में यह पहल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और बेटियों के समग्र सशक्तिकरण के विजन को जमीनी स्तर पर साकार करती नजर आती है।
इस अनूठे नवाचार की शुरुआत गत वर्ष हरियाली तीज के अवसर पर बीकानेर जिला प्रशासन एवं महिला अधिकारिता विभाग के संयुक्त प्रयासों से की गई थी। जब जिले के प्रभारी मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर सहित अनेक गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति ने इस पहल को विशेष महत्व प्रदान किया।
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत प्रारंभ की गई इस कन्या वाटिका का उद्देश्य केवल हरियाली बढ़ाना नहीं, बल्कि समाज में बालिका शिक्षा, संरक्षण और सशक्तिकरण के संदेश को गहराई से स्थापित करना है। यह वाटिका एक ऐसा सृजनात्मक स्थल है, जहां भ्रमण करने आने वाले लोगों—विशेषकर बच्चों और अभिभावकों—को बेटियों के महत्व और उनके उज्ज्वल भविष्य के प्रति प्रेरित किया जाता है।
वाटिका की विशेषता इसके कलात्मक और संदेशप्रधान स्वरूप में निहित है। यहां स्थापित विभिन्न स्कल्प्चर बालिका शिक्षा और सशक्तिकरण के सिद्धांतों को अभिव्यक्त करते हैं। पुस्तक के आकार की बेंचें और विशाल पुस्तक रूपी स्कल्पचर विशेष आकर्षण का केंद्र हैं, जिन पर प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता कमला भसीन की कविता “क्योंकि मैं लड़की हूं, मुझे पढ़ना है” अंकित है। यह पंक्तियां न केवल भावनात्मक रूप से प्रेरित करती हैं, बल्कि समाज को यह सशक्त संदेश भी देती हैं कि शिक्षा हर बालिका का अधिकार है।
महिला अधिकारिता विभाग की उपनिदेशक डॉ. अनुराधा सक्सेना के अनुसार, इस वाटिका की संकल्पना का उद्देश्य बीकानेर की सांस्कृतिक चेतना में बालिका शिक्षा और संरक्षण को सहज रूप से समाहित करना है। इसी सोच के तहत इस स्थल को शहर के प्रमुख पार्क में विकसित किया गया है, ताकि अधिकतम लोगों तक यह संदेश पहुंच सके।
वाटिका में अनेक बालिकाओं और महिलाओं द्वारा लगाए गए पौधे इस पहल को जनभागीदारी से जोड़ते हैं। साथ ही, समूह में खेलती हुई बालिकाओं की जीवंत प्रतीत होती आकृतियां न केवल सौंदर्य बढ़ाती हैं, बल्कि यह संदेश भी देती हैं कि बालिकाएं संगठित, स्वस्थ और प्रसन्न रहकर समाज में अपनी सशक्त पहचान बना सकती हैं।
वाटिका का विकास कार्य अभी प्रगति पर है, लेकिन भविष्य की योजनाएं इसे और अधिक आकर्षक और संदेशपूर्ण बनाएंगी। प्रस्तावित भ्रमण पथ, झूले, थीम आधारित पेंटिंग्स और अन्य रचनात्मक तत्व इस स्थान को एक प्रेरणादायक शिक्षण स्थल में परिवर्तित करेंगे।
निस्संदेह, पब्लिक पार्क में विकसित यह कन्या वाटिका न केवल मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के विजन को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, बल्कि बीकानेर की बेटियों के उज्ज्वल, सशक्त और आत्मनिर्भर भविष्य का एक सजीव प्रतीक भी बनती जा रही है।
-हरि शंकर आचार्य
उपनिदेशक, सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय, बीकानेर






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