गोल्ड के करीब फोगाट, फाइनल में चोपड़ा, मेन्स हॉकी सेमीफाइनल में पिछड़ी भारतीय टीम
पेरिस। भारत के लिए पेरिस ओलंपिक में 11वां दिन मिले-जुले नतीजे लेकर आया। टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण जीतकर इतिहास रचने वाले नीरज चोपड़ा ने फैंस को निराश नहीं किया, वहीं कुश्ती के मैट पर विनेश फोगाट के असाधारण प्रदर्शन ने पेरिस ओलंपिक में भारत की एक और स्वर्ण की उम्मीदों को जगा दिया। विनेश फोगाट ने इतिहास रच दिया है। वह ओलंपिक फाइनल में पहुंचने वाली पहली महिला पहलवान बन गई हैं। उन्होंने कुश्ती में महिलाओं की 50 किलोग्राम भारवर्ग के सेमीफाइनल में क्यूबा की लोपेज गुजमान को 5-0 से हरा दिया।
विनेश ने कम से कम रजत पदक पक्का कर लिया और वह बुधवार यानी
सात अगस्त को स्वर्ण पदक के लिए उतरेंगी। विनेश से पहले केवल दो पुरुष पहलवान ही ओलंपिक में फाइनल तक पहुंच पाए हैं। 2012 लंदन ओलंपिक में सुशील कुमार और 2020 टोक्यो ओलंपिक में रवि दहिया फाइनल तक पहुंचे थे, लेकिन आखिरी मुकाबला दोनों हार गए थे।
गत चैंपियन नीरज ने मंगलवार को अपने पहले ही प्रयास में 89.34 मीटर के थ्रो के साथ पुरुष भाला फेंक स्पर्धा के फाइनल में प्रवेश किया। टेबल टेनिस पुरूष वर्ग में भारत को हालांकि निराशा हाथ लगी। नीरज के साथी भाला फेंक खिलाड़ी किशोर जेना हालांकि फाइनल में जगह बनाने में नाकाम रहे जबकि पुरुष टेबल टेनिस टीम भी प्री क्वार्टर फाइनल में शीर्ष वरीय चीन के खिलाफ हार के
साथ बाहर हो गई।
एथलेटिक्स की महिला 400 मीटर रेपेचेज में भारत की किरण पहल हीट एक में 52.59 सेकेंड के लचर प्रदर्शन के साथ छह खिलाड़ियों में छठे स्थान पर रहते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाने में नाकाम रहीं। वह रेपेचेज में चुनौती पेश करने वाली 26 धावकों में 23वें स्थान पर रहीं। हीट एक में नाईजीरिया की एला ओनओजुववेमो 50.59 सेकेंड के समय के साथ शीर्ष पर रहीं। प्रत्येक होट से शीर्ष पर रहने वाली धावक और दो अन्य सबसे तेज धावकों ने सेमीफाइनल में जगह बनाई।
भारतीय पुरुष टेबल टेनिस टीम प्री क्वार्टर फाइनल में शीर्ष वरीय चीन के खिलाफ एकतरफा मुकाबले में हार के साथ प्रतियोगिता से बाहर हो गई। भारत
की 14वीं वरीय टीम के पास कई बार के ओलंपिक चैंपियन चीन का कोई जवाब नहीं था जिसने मुकाबला 3-0 से जीता।
जर्मनी ने सेमीफाइनल मुकाबले में भारतीय पुरुष हॉकी टीम को हराकर पेरिस ओलंपिक के फाइनल में जगह बना ली है। जर्मनी ने इस मैच में भारत को 3-2 के अंतर से हराया और स्वर्ण पदक मुकाबले में जगह बना ली। जर्मनी का फाइनल में सामना नीदरलैंड से होगा जिसने एक अन्य सेमीफाइनल में स्पेन को हराया था। भारतीय टीम भले ही स्वर्ण पदक मुकाबले के लिए क्वालिफाई नहीं कर सकी, लेकिन हरमनप्रीत सिंह की अगुआई वाली टीम के पास कांस्य पदक जीतने का मौका रहेगा। भारत का कांस्य के लिए सामना स्पेन से होगा।
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