राजस्थान : एक ही दिन में लगाए गये दो करोड़ से अधिक पौधे
उमड़ा जनसैलाब
एक पौधा माँ के नाम महा-अभियान हरियाली तीज पर एक ही दिन में लगाए गये दो करोड़ से अधिक पौधे मुख्यमंत्री ने पीपल का पौधा लगाकर राजस्थान को हरा-भरा विकसित राज्य बनाने का दिया संदेश पौधारोपण के लिए राज्य में उमड़ा जनसैलाब वन विभाग ने 63 लाख, मनरेगा में 31 लाख , शिक्षा विभाग ने लगाए 88 लाख से अधिक पौधे
जयपुर, 7 अगस्त। हरियाली तीज पर एक पौधा मां के नाम महा-अभियान राजस्थान के जन-जन का अभियान बन गया । मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने दूदू जिला स्थित ग्राम गाडोता के एस.डी.आर.एफ. कैम्पस में पीपल का पौधा लगाकर कार्यक्रम का विधिवत् शुभारम्भ किया। शाम होते -होते अभियान के अंतर्गत 2 करोड़ 7 हजार 485 पौधे लग चुके थे । वन विभाग द्वारा अभियान के अंतर्गत आज 63 लाख 2 हजार 402, मनरेगा में 31 लाख 62 हजार 36 , शिक्षा विभाग के अंतर्गत 88 लाख 22 हजार 180, अन्य विभागों की ओर से 17 लाख 20 हजार 867 से अधिक पौधारोपण किए गए। इस अवसर पर शहरी एवं ग्रामीण जन ने अभियान में बढ चढ़कर हिस्सा लेते हुए पौधारोपण किया।
श्री अभय कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव, ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज ने बताया कि मुख्यमंत्री वृक्षारोपण महा अभियान के तहत आमजन को अभियान का हिस्सा बनाते हुए पौधों को विकसित करने के लिए मिशन हरियालो राजस्थान की थीम दी गयी। कार्यक्रम के तहत हरियाली तीज के अवसर पर दो करोड़ से अधिक पौधे राजस्थान में लगाए गये हैं। सघन वृक्षारोपण कार्यक्रम के तहत लगाए गये पौधों को हरियालो राजस्थान" ऐप को क्यूआर कोड, एपीके, लिंक के माध्यम से डाउनलोड कर रजिस्ट्रेशन करके जिओ टैग एक नवाचार के तहत किया गया। विभाग जिओ टेगिंग के माध्यम से पौधों को ट्रैक करते हुए पौधे पर नजर रखेगा।
विश्व स्तर पर प्रकृति मां पर पड़ रहे विपरीत प्रभावों के समाधान के लिए पौधा रोपण कार्यक्रम को जन-आंदोलन का स्वरूप देते हुए राजस्थान सरकार ने नवाचार करते हुए प्रत्येक परिवार को अभियान से जोड़ने के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए इसे एक पेड़ मां के नाम सघन वृक्षारोपण कार्यक्रम बुधवार को संपूर्ण राजस्थान के जिलों, शहरों व गांवों के लोगों को जोड़ने के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्यक्रमों का आयोजन कर पौधारोपण के आयोजन मे स्वतंत्रता सेनानियों व शहीदों के परिवारों, धर्म गुरुओं, जन प्रतिनिधियों से लेकर आम-जन, कर्मचारी, अधिकारी, विभाग, सामाजिक संगठन, राजीविका, महिला सहयोगिनी, औद्योगिक संस्थानों एवं विद्यार्थियों को सहभागी बनाते हुए हरे-भरे राजस्थान का संकल्प लिया गया है।
7 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य
श्रीमती अपर्णा अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव, वन एवं पर्यावरण ने बताया कि बजट 2024-25 में इस अभियान के तहत 7 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। कार्यक्रम में पहली बार वन, शिक्षा, मनरेगा, शहरी व स्थानीय निकाय, राजीविका, वाटरशेड, सी एस आर बागवानी, खनिज, पीडब्ल्यूडी, आईसीडीएस, कृषि, चिकित्सा व सिंचाई आदि विभागों को शामिल करते हुए उन्हें विभागवार वृक्षारोपण के लिए 7 करोड़ 54 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया है।
योजना अंतर्गत राज्य में हरियाली तीज के अवसर पर 50 जिलों, 395 ब्लॉकों, 11, 295 चायत एवं ग्राम स्तर पर सघन वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए। महात्मा गांधी नरेगा योजनान्तर्गत 1 करोड 10 लाख से अधिक पौधे लगाए जाने हैं, जिसमें पौधों की देख-भाल नरेगा योजनान्तर्गत की जायेगी।
नरेगा महिला मेटों सहित लखपति दीदी ने भी निभायी भूमिका
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं की विशेष भागीदारी सुनिश्चित की गयी थी, जिनमें महिला जनप्रतिनिधि, महिला अधिकारी, महिला कर्मचारी, लखपति दीदी, राजीविका सखी, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएँ, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका, आशा सहयोगिनी, नरेगा महिला मेट एवं श्रमिक सहित महाविद्यालयों एवं विद्यालयों में अध्ययनरत छात्राओं ने बढ़-चढ़कर कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
राजस्थानी परिधान लहरिया में नजर आयी महिलाऐं
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी रहा कि हरियालो राजस्थान अभियान के तहत महिलाऐं राजस्थानी परिधान लहरिया में नजर आयी और वृक्षारोपण कार्यक्रम में सहभागी बनी। सावन के मौसम में जहां एक ओर धरा ने हरी लहरिया औढ रखी थी, वहीं दूसरी ओर महिलाऐं लहरिया पहने पौधों को रौपती हुई नजर आयीं मानो वह भी ले रही हों एक पौधा मों के नाम।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने राजस्थानी गीतों के माध्यम से भी अभियान को एक भव्यता प्रदान की और प्रकृति को हरा-भरा बनाने में अपनी भूमिका तय की।






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