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पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा - हमारे गारंटी एक्ट के कारण बढ़ी 15 प्रतिशत पेंशन
कांग्रेस राज में पारित एक्ट में प्रावधान था, बीजेपी ने कभी सामाजिक सुरक्षा पेंशन नहीं बढ़ाई
जयपुर
पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने भजनलाल सरकार के सामाजिक सुरक्षा पेंशन में 150 रुपए की बढ़ोतरी करने के पीछे कांग्रेस राज में मिनिमम गारंटी एक्ट में किए गए प्रावधान को वजह बताया है। गहलोत ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा कि कांग्रेस राज में पारित मिनिमम गारंटी एक्ट में यह प्रावधान था कि हर साल सामाजिक सुरक्षा पेंशन में अपने आप 15% बढ़ोतरी हो जाएगी। इसी वजह से लेखानुदान में सामाजिक सुरक्षा पेंशन अपने आप बढ़ गई है।
पूर्व सीएम गहलोत ने एक्स (ट्विटर) पर लिखा-कांग्रेस पार्टी की अधिकार आधारित राजनीति क्यों आवश्यक है, एक उदाहरण से समझिए। राजस्थान में कांग्रेस सरकार के 2008 से 2013 के कार्यकाल में हमने बुजुर्गों, विधवाओं, दिव्यांगों के लिए सामाजिक सुरक्षा पेंशन शुरू की थी। 2013 में सरकार बदल गई। 5 साल में महंगाई बढ़ने के बावजूद भाजपा सरकार के पांच साल में जरूरतमंदों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई। 2018 में सरकार में आते ही हमने सामाजिक सुरक्षा पेंशन बढ़ाई। गहलोत ने
लिखा-आगे कोई भी सरकार आए, लेकिन जरूरतमंदों को तकलीफ नही हो, इसलिए हमने राजस्थान मिनिमम इनकम गारंटी एक्ट बनाया। इसमें न्यूनतम रोजगार के साथ सामाजिक सुरक्षा पेंशन
में हर साल 15 प्रतिशत अपने आप बढ़ोतरी की व्यवस्था निश्चित की।
कांग्रेस की अधिकार आधारित राजनीति की सोच से लाभ मिलता
रहेगा गहलोत ने आगे लिखा-सामाजिक सुरक्षा पेंशन कभी भाजपा की प्राथमिकता में नहीं रही है। लेकिन, राजस्थान मिनिमम इनकम गारंटीड एक्ट के कारण कल राजस्थान विधानसभा में पेश किए गए लेखानुदान में सामाजिक सुरक्षा पेंशन में 15% की अपने आप बढ़ोतरी हो गई है। कांग्रेस की अधिकार आधारित राजनीति की सोच से गरीबों और जरूरतमंदों को लाभ मिलता रहेगा।







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