
यहां है भाजपा-कांग्रेस में कांटे की टक्कर
ऊंट किस ओर लेगा करवट, शह और मात के खेल में कौन मारेगा बाजी
उमेन्द्र दाधीच - कंचन केसरी
जयपुर। राज्य के मारवाड़ क्षेत्र के नागौर में इस बार चुनावी माहोल सदर्दी के साथ अब गमानें लगा है। किसी समय कांग्रेस के साथ और नाबूराम मिर्धा, रामनिवास मिर्धा के इशारे पर बोट करने वाला यह क्षेत्र अब काग्रेस के साथ भाजपा, रालोपा और अन्य छोटे दलों के लिए भी उपजाऊ होने लगा है। इस बार के चुनाव में नागौर की धरती पर काग्रेसर, भाजपा, रालोपा और आप फसल काटने की कोशिश में हैं। सर्दी के मौसम में चुनावी गर्मी का असर देखा जा रहा है। नागौर जिले की कुल 10 सीटों में पिछली बार काग्रिस ने ज्यादा बाजी मारी थी, पर इस बार कांग्रेस-भाजपा में कांटे की टक्कर दिखाई दे रही है। 2018 के विधानसभा चुनाव में कब्रिस ने 10 में से 6 सीटें जीती थी, भाजपा और रालोपा ने 2-2 सीटें जीती थी। सीटों के लिहाज से बात करें तो इस बार माहौल एक तरफा नहीं है, कब्रिस और भाजपा में काट की टक्कर है। रालोपा और आम आदमी पार्टी भी इस बार चुनाव में मजबूती से अपनी उपस्थिति दर्ज करवा रही है। इस बार कांग्रेस और भाजपा 4-4 सीटें जीतती हुई दिखाई दे रही है। वही रालोपा व अन्य के खाते में 1-1 सीट जाती दिख रही है। इस बार सबसे हॉट सीट नागौर है यहां पर मिचर्चा परिवार में वर्चस्व की लड़ाई दिखाई दे रही है। 2018 के नतीजे
कांग्रेस 6 सीट डीडवाना, परबतसर, डेगाना, नाथां, लाडनूं य जावल। भाजपा 2 सोट मकराना व नागौर। रालोपा 2 सीट-खींवसर व मेड़ता।
2018 के विजेता
भाजपा मकराना रूपाराम मुरावतिया, नागौर मोहनाराम चौधरी। रालोपाखीवसर हनुमान बेनीवाल, मेहता इंद्रा बावरी। कांग्रेस - डीडवाना चेतन डूडी, नांवा महेंद्र चौधरी, जागल मंजू मेघवाल, लाडनू मुकेश भाकर, डेगाना विजयपाल मिर्धा,
परचातसर रामनिवास गाड़िया
कांग्रेस भाजपा जीत रही है 4-4 सीट, लोधा व अन्य की बिकती है 1-1 गौट
नागौर
नागौर में कविस के हरेंद्र मिधर्धा और भाजपा की ज्योति मिर्धा में सीधी टक्कर है। प्रधानमंत्री मोदी की रैली के बावजूद नागौर में हरेंद्र मिर्धा के खेमे में भारी उत्साह है। पिछली बार भाजपा के मोहन राम चौधरी ने कांग्रेस के हबीबुर्रहमान को हराया था।
डीडवाना। इस बार डीडवाना में मुकावला चतुष्कोणीय है। आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार रामनिवास रावल और निर्दलीय यूनुस खान भी चुनावी टक्कर में हैं। भाजपा के जीतेन्द्र जोधा और कांग्रेस के चेतन डूडी चतुष कोणीय मुकाबले में फंसे हुए है।
मकराना। मकराना में भाजपा उम्मीदवार सुमिता भींचर और कब्रिस के जाकिर हुसेन गैसाबत में सीधी टक्कर है। इस कांटे की टक्कर में महिला बोटर से भाजपा उम्मीदवार सुमिता भींचर काग्रेस के जाकिर हुसैन नेसावत पर भारी पड़ सकती है। 2018 में भाजपा के रूपाराम मुरावतिया ने जाकिर हुसैन गैसावत को हराया था।
खींवसरः खींवसर में भी इस बार चतुष्कोणीय मुकाबला है। रालोपा के उम्मीदवार हनुमान बेनीवाल और निर्दलीय दुर्ग सिंह भाजपा, कांग्रेस को टक्कर दे रहे हैं। भाजपा उम्मीदवार रेवत राम डांगा और
कांग्रेस उम्मीदवार तेजपाल मिर्धा को भारी मेहनत करनी पड़ रही है। रालोपा के हनुमान बेनीवाल इस मुकाबले पर भारी पड़ सकते है।
जावल: जागल में कांग्रेस उम्मीदवार मंजू मेघवाल व बीजेपी को मंजू बाघमार में सीधी टक्कर है। इस कार को टक्कर में कांग्रेस भाजपा पर भारी पड़ सकती है। इस बार कांग्रेस को मंजू मेघवाल भाजपा की मंजू बापगार से चुनाव जीत सकती है। 2018 में यहां मुकाचला रालोपा के अनिल वारुपाल व मंजू मेघवाल के बीच हुआ।
नावां: कांग्रेस के महेंद्र चौधरी एवं बीजेपी के विजय सिंह चौधरी में सीधी टक्कर है। यहां पर मुकाबला काफी रोचक व कड़ा हो सकता है। भाजपा उम्मीदवार विजय सिंह चौधरी कांग्रेस उम्मीदवार महेंद्र चौधरी से काटे की टक्कर दे रहे। 2018 में कटि को टक्कर में पिछली बार महेंद्र चौधरी ने विजय सिंह को मात दी थी।
लाडनूं: लाडनू में कधिस के मुकेश भाकर और भाजपा के करणी सिंह में सीधी टक्कर है। यहां पर दोनों में सीधी टक्कर होने से पेंच काफी फसा हुआ है। अभी तक भाजपा उम्मीदवार करणी सिंह पर कब्रिस उम्मीदवार मुकेश भाकर भारी नजर आ रहे है। वहां पर मुकेश भाकर ने भाजपा के मनोहर सिंह को भारी अंतराल से चुनाव हराया था।
डेगाना: डेगाना में कांग्रेस उम्मीदवार विजयपाल मिर्धा व भाजपा उम्मीदवार अजय सिंह किलक में सीधी टक्कर है। विजय पाल मिर्धा, का गाको में विरोध सहना पड़ रहा है। इस बार भाजपा के अजय किलक काग्रेस के विजय फल मिर्धा पर भारी नजर आ रहे है। पिछले चुनाव में कांग्रेस के विजयपाल मिर्धा ने अजय सिंह किलक को पटकनी दी थी।
परबतसरः परबतसर में त्रिकोणीय मुकाबला है। यहां पर कांग्रेस के रामनिवास गावड़िया, भाजपा के मानसिंह किनसरिया व रालोपा के लच्छाराम बडारडा में काट की टक्कर है। गुर्जर बोटो की बदौलत रामनिवास गाड़िया को चुनाव जीतने की मदद मिल सकती है। 2018 के चुनाव में रामनिवास गावड़िया ने मानसिंह किनसरिया को पटकनी दी थी।
मेड़ताः मेड़ता में भी इस बार त्रिकोणीय मुकाबला है। कांग्रेस के शिवरतन वाल्मीकी, भाजपा के लक्ष्मण राम कलरू व रालोपा उम्मीदकर इंद्रा बावरी में काट को टक्कर है। जाटों में हंद्रा बावरी का विरोध होने के कारण लक्ष्मणराम कलरु को लाभ मिल सकता है।
2018 में यहां मुकाबला रालोपा की इंद्रा बावरी व निर्दलीय लक्ष्मण राम के बीच हुआ।







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