खबरों में बीकानेर
📷
✍🏻
🎞️📽️
ईसीबी में “सतत विकास में अक्षय ऊर्जा की भूमिका” विषयक दस-दिवसीय अकादमिक प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू
*राष्ट्रीय स्तर के इस कार्यक्रम में अक्षय ऊर्जा क्षेत्र के शोधार्थी व महाविद्यालयी शिक्षक लेंगे भाग*
इंजीनियरिंग कॉलेज बीकानेर (ईसीबी) में ‘सतत विकास में अक्षय ऊर्जा की भूमिका’ विषयक दस-दिवसीय राष्ट्रीय अल्पकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ सोमवार को ऑनलाइन माध्यम से हुआ । भारत सरकार की तकनिकी शिक्षा के उन्नयन कार्यक्रम द्वारा प्रायोजित इस कार्यक्रम में देश-विदेश से विभिन्न तकनिकी विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय के शिक्षक, अनुसंधान प्रयोगशालाओं में कार्य करने वाले इंजीनियर एवं शोधार्थी भाग ले रहे है । प्रशिक्षण कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. गणेश प्रजापत ने उद्घाटन सत्र में प्रतिभागियों व विशेषज्ञों का स्वागत किया तथा दस दिन चलने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी । उन्होंने बताया की इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में देश की विभिन्न आईआईटी, एनआईटी एवं राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों के विषय विशेषज्ञ अपना व्याख्यान देंगे । कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त करते हुए ईसीबी के रजिस्ट्रार डॉ. मनोज कुड़ी ने बताया कि हमारे देश में सौर, पवन और अक्षय ऊर्जा के कई विकल्प मौजूद हैं जिसकी मदद से हम देश की ऊर्जा की व्यवस्था को बदल सकते हैं। उन्होंने अपने उद्बोधन में बताया की खत्म होते पेट्रोल डीजल और कोयला को देखते हुए हमें नित्य नए उर्जा के स्रोतों पर विचार करना चाहिए। यही वजह है कि पर्यावरण संरक्षण के लिए ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोत का उपयोग देश में तेजी से बढ़ने लगा है। उन्होंने बताया की सौर और पवन ऊर्जा के क्षेत्र में हाल के वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है साथ ही अक्षय ऊर्जा उत्पादन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
कार्यक्रम के प्रथम दिन मालवीय राष्ट्रीय प्रोधोगिकी संस्थान, जयपुर के प्रो. संदीप एन. एवं राष्ट्रीय प्रोधोगिकी संस्थान, अरुणाचल प्रदेश के प्रो. सहदेव रॉय ने अपने उद्बोधन सत्र में बोलते हुए बताया की अक्षय ऊर्जा का उपयोग आज के समय की जरुरत है । उन्होंने बताया की जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिये और ऊर्जा के सीमित संसाधन को देखते हुए अक्षय ऊर्जा क्षेत्रों में नवोन्मेषण व शोध पर जोर दिया जाना चाहिए। उन्होंने बताया की सम्पूर्ण देश में प्राकृतिक संसाधन प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है व अक्षय ऊर्जा के दोहन से ग्रामीण भारत में रोजगार के साथ किसानो व मजदूरों के आय बढ़ेगी जिससे हमें आत्म निर्भर बनने में मदद मिलेगी । कार्यक्रम के सह-समन्वयक डॉ. विनोद यादव एवं डॉ. शिवानी गर्ग तथा ई सी बी के विधुतिकी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. विकास शर्मा ने सम्मेलन में भाग लेने वाले प्रतिभागियों व विशषज्ञों का आभार व्यक्त किया व समय की ज़रूरत को देखते हुए ऊर्जा के क्षेत्र में इस तरह के अन्य कार्यक्रमों के आयोजन पर ज़ोर दिया जिससे युवा इंजीनियर अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सके ।
C P MEDIA
📷





यहां व्यक्त कीजिए - खबर आपकी नजर में...