खबरों में बीकानेर
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बीकानेर : विरोध में बैंक कर्मियों ने दुपहिया वाहन रैली निकाली
राष्ट्रीयत बैंकों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का पहला दिन
सरकारी बैंकों के निजीकरण की नीति के विरोध में यू एफबी यू के बैनर तले देशभर के दस लाख सरकारी बैंक कर्मियों की हड़ताल का आज पहला दिन रहा। अधिकारी कर्मचारी संगठनों के विरोध प्रदर्शन के दौरान आज बीकानेर के सभी सरकारी बैंकों के सैकड़ों सदस्यों ने विरोध स्वरूप बैंक अफ बड़ौदा स्टेशन रोड शाखा से दुपहिया वाहन रैली निकाली जिसमें बड़ी संख्या में महिला कर्मचारियों अधिकारियों ने भी भाग लिया ।
निजीकरण के खिलाफ और सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी के साथ बैंक कर्मियों ने अपने हाथ में तख्तियां ली हुई थी जिन पर निजीकरण के खिलाफ नारे लिखे हुए थे-
सरकारी क्षेत्र के बैंकों का निजीकरण बंद करो
प्रतिगामी बैंकिंग सुधार को वापस लिया जाए
छुट्टी नहीं हड़ताल है,
निजी करण को आग लगा दो,
निजी करण धोखा है इस धोखे से कौन लड़ेगा हम लड़ेंगे
निजी करण का क्या अंजाम-गुलाम बनेगा हिंदुस्तान,
यूएफबीयू जिंदाबाद
के नारों के साथ दो-दो की पंक्तियों में अनुशासित तरीके से शहर के मुख्य मार्ग कोटगेट से केईएम रोड होते हुए कचहरी परिसर का चक्कर लगाते हुए कर्मचारी जिलाधीश कार्यालय के समक्ष पहुंचे । जहां प्रदर्शन सभा के रूप में परिवर्तित हो गया सभा में सभा में एनसीबीई से मुकेश शर्मा, अधिकारी संगठन के मृत्युंजय, एआईबीईए के रामदेव राठौड़, जयशंकर खत्री, जेपी वर्मा, एसडी नागल, अक्षय व्यास, आनंद ज्यानी, महिला कर्मचारियों में निर्मला गोदारा आदि ने संबोधित किया और बताया कि यह हड़ताल बैंककर्मियों की वेतन वृद्धि के लिए नहीं है बल्कि जनता की जीवनभर की गाढ़ी कमाई को चंद मुनाफाखोर पूंजीपतियों के हाथों में जाने से रोकने के लिए है।
रामदेव राठौड़ ने बताया कि 2 दिन की हड़ताल बैंक कर्मियों पर जबरदस्ती थोपी गई हड़ताल है क्योंकि दिनांक 8 दिसंबर, 10 दिसंबर, 14 दिसंबर, 15 दिसंबर को आईबीए और बैंकिंग संगठन के साथ केंद्रीय श्रम आयुक्त नई दिल्ली की वार्ता की गई जो कि विफल रही और सरकार बैंक कर्मियों को आश्वस्त नहीं कर पाई कि बैकिंग संशोधन विधेयक संसद में पेश नहीं किया जाएगा इसी वजह से इस हड़ताल का आयोजन किया गया जिसमें बीकानेर में 500 करोड से अधिक का लेन-देन प्रभावित हुआ।
समन्वयक वाई के शर्मा योगी ने बताया कि इस बार का बैंक आंदोलन इस वजह से विशिष्ट रहा कि यहां पर विभिन्न केंद्रीय श्रम संगठनों ने भी इसका समर्थन किया उसमें रेलवे कर्मचारियों के नेता श्री अनिल व्यास इंटक से हेमंत किराडू, एटक से रहमान कोहरी, सीटू से मूलचंद खत्री, रोडवेज के गिरधारी लाल आदि प्रतिनिधि इस रैली में शामिल रहे और उन्होंने समर्थन संबोधन दिया।
हड़ताल के दूसरे दिन कल 17 दिसंबर को सभी बैंक कर्मचारी विरोध स्वरूप स्टेट बैंक अफ इंडिया की पब्लिक पार्क शाखा के सामने जुलूस के रूप में जिलाधीश कार्यालय पर जाकर प्रदर्शन करेंगे एवं मानव श्रृंखला आयोजित कर विरोध प्रदर्शन करेंगे वाई के शर्मा संयोजक ने सभी साथियों का आभार व्यक्त किया और सरकार को चेतावनी दी कि कर्मचारियों के धैर्य का इम्तिहान ना ले क्योंकि बैंक कर्मचारियों का यह आंदोलन केंद्र श्रमिक संगठनों के साथ संयुक्त आंदोलन के रूप में देश की सरकार के सामने आमजन के हितों के लिए लंबी लड़ाई लड़ने के लिए कमर कस चुका है और यह निश्चय कर चुका है कि 2 दिन के सांकेतिक हड़ताल का भी यदि सरकार की हठधर्मिता पर कोई असर नहीं पडा तो सभी बैंक कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल से भी पीछे नहीं हटेंगे।
रैली में सीताराम कच्छावा, सुभाष दैया, अशोक मीणा, छोटूलाल, आर.के. मोदी, मनोज सैनी, अशोक सोलंकी, संदीप गढ़वाल, रूपेश शर्मा, राजेन्द्र चौधरी, करण सिंह देवडा, श्यामसुन्दर मीणा, चन्द्रकांत व्यास, रामप्रताप गोदारा के साथ सैंकड़ों अन्य बैंककर्मियों ने भाग लिया।
C P MEDIA





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