🥇
यहां आपके प्रतिष्ठान का विज्ञापन हो सकता है। संपर्क करें - खबरों में बीकानेर
🙏
करोड़ों का इंजेक्शन : 5 महीने की बच्ची को 22 करोड़ का इंजेक्शन लगना है; 16 करोड़ लोगों ने जुटाए, पीएमओ से 6 करोड़ रु. का टैक्स माफ
February 11, 2021
0
*BAHUBHASHI**खबरों में बीकानेर*🎤
यहां आपके प्रतिष्ठान का विज्ञापन हो सकता है। संपर्क करें - खबरों में बीकानेर
📰
पढ़ना और पढ़ाना जीवन सफल बनाना 📚
📖विज्ञप्ति ईमेल से हिंदी क्रुतिदेव या यूनिकोड में लैटरपैड /एम एस वर्ड फाइल में भेजें mohanthanvi@gmail.com
🌐
✍️
यहां आपके प्रतिष्ठान का विज्ञापन हो सकता है। संपर्क करें - खबरों में बीकानेर
🙏 मोहन थानवी 🙏
सच्चाई पढ़ें । सकारात्मक रहें। संभावनाएं तलाशें ।
✍️
पढ़ना और पढ़ाना जीवन सफल बनाना 📚
📖विज्ञप्ति ईमेल से हिंदी क्रुतिदेव या यूनिकोड में लैटरपैड /एम एस वर्ड फाइल में भेजें mohanthanvi@gmail.com ✒️
✒️
यहां आपके प्रतिष्ठान का विज्ञापन हो सकता है। संपर्क करें - खबरों में बीकानेर
📒 CP MEDIA
☑️
यहां आपके प्रतिष्ठान का विज्ञापन हो सकता है। संपर्क करें - खबरों में बीकानेर
📝 ✍️ 5 महीने की बच्ची को 22 करोड़ का इंजेक्शन लगना है;
16 करोड़ लोगों ने जुटाए, पीएमओ से 6 करोड़ रु. का टैक्स माफ
मुंबई । उस पांच महीने की तीरा के जिंदा रहने की
उम्मीद अब बढ़ गई है, जिसे एसएमए टाईप 1 बीमारी है। इस बीमारी का
इलाज अमेरिका से आने वाले इंजेक्शन से ही मुमकिन है। यह
करीब 16 करोड़ रुपए का है।
इस पर करीब 6 करोड़ रुपए टैक्स अलग से चुकाना
होता। तब इसकी कीमत 22 करोड़ रुपए हो जाती। लेकिन
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की चिट्ठी पर पीएम
नरेंद्र मोदी ने टैक्स माफ कर दिया है।
इंजेक्शन नहीं लगने पर बच्ची बमुश्किल 13 महीने
और जिंदा रहती। तीरा कामत को 13 जनवरी को मुंबई के
एसआरसीसी चिल्ड्रन हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था। उसके
एक फेफड़े ने काम करना बंद कर दिया था, इसके बाद उसे
वेंटिलेटर पर रखा गया था।
क्राउड फंडिंग से जमा किए 16 करोड़ रुपए
इंजेक्शन इतना महंगा है कि आम आदमी के लिए इसे
खरीदना मुमकिन नहीं है। तीरा के परिवार के लिए भी यह
मुश्किल सामने खड़ी थी। उसके पिता मिहिर आईटी हकंपनी में
जॉब करते हैं। मां प्रियंका फ्रीलांस इलेस्ट्रेटर (किसी बात को
चित्रों से समझाना) हैं। ऐसे में उन्होंने सोशल मीडिया पर एक
पेज बनाया और इस पर क्राउड फंडिंग शुरू कर दी। यहां अच्छा
रिस्पॉन्स मिला और अब तक करीब 16 करोड़ रुपए इकट्ठा हो
चुके हैं। अब उम्मीद है कि जल्द ही इंजेक्शन खरीदा जा सकेगा।
क्या है एसएमए बीमारी
स्पाइनल मस्यूक्लर अट्रॉफी बीमारी हो तो शरीर में प्रोटीन
बनाने वाला जीन नहीं होता। इससे मांसपेशियां और तंत्रिकाएं
खत्म होने लगती हैं। दिमाग की मांसपेशियों की एक्टिविटी भी
कम होने लगती है।✍🏻
हिस युगपक्ष
📒 CP MEDIA
अपनी टिप्पणी /कमेंट लिखें
👇🏽
Khabron Me Bikaner 🎤





यहां व्यक्त कीजिए - खबर आपकी नजर में...